किसानों ने खुद ही माइनर में लगाई गई पाइपों को किया बंद

 श्री मुक्तसर साहिब

पर्यावरण प्रदूषण से बचाव तथा जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन नहरों को दूषित करने में प्रशासन की अनदेखी भी कम जिम्मेदार नहीं है। शायद यही वजह है कि नहरों और कस्सियों में फैक्ट्रियों की पीछे से मिलकर आ रही गंदगी के अलावा लोगों की आस्था भी इन्हें दूषित करने के मामले में पीछे नहीं है। यही नहीं शहर के पास से गुजरने वाली गोनिआना माइनर में तो लोगों द्वारा घरों की गंदगी तक सीधे तौर पर पाइप डालकर फेंकी जा रही है। नहरी विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में अवगत करवाने के बावजूद प्रशासन के सुस्त रवैए के चलते गांव गोनिआना व आस पास के खेतों के मालिक किसानों ने खुद ही एकत्रित होकर उक्त माइनर में लोगों द्वारा लगाई गई इन पाइपों को बंद करने का बीड़ा उठाया। इस दौरान एकत्रित लोगों ने प्रशासन व संबंधित विभाग को जमकर कोसा।
 गौरतलब है कि सतलुज से निकलने वाली जुडवां नहरों में से सरहिंद फीडर नहर से क्षेत्र के प्रत्येक गांव व शहरों को पीने का पानी मुहैया होता है लेकिन अशुद्ध होने के कारण यह पानी इस कदर जानलेवा हो चुका है कि मालवा में फैले कैंसर जैसी भयावह बीमारी के लिए भी दूषित पानी को ही जिम्मेदार माना जाता है। स्थानीय कस्सियों को लोग दूषित करने में अहम रोल निभाने के साथ इन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। शहर के बठिंडा बाइपास से मलोट रोड बस स्टेंड के पास से होकर गुजरने वाली गोनिआना माइनर में तो लोगों ने घरों का गंदा व दूषित पानी निकालने के लिए सरेआम पाइपें डाली हुई हैं। गांव गोनिआना व उक्त माइनर के आस पास के खेतों के किसानों को माइनर में पानी के बंद रहने तथा इसमें डाली जा रही गंदगी के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गुस्साए लोगों ने खुद माइनर की सफाई करते हुए लोगों द्वारा डाली गई पाइपों को बंद करने के लिए कदम उठाए। मौके पर मौजूद मनिंदर सिंह, हरबंस सिंह, इकबाल सिंह, परमजीत सिंह, गुरप्रीत, जगजीत, बलजीत, कुलवंत, सुखजिंदर, जगतार, रेशम सिंह, चंद सिंह, अजायब सिंह व काला आदि ने बताया कि यह पानी वह लोग पीने व अन्य जरूरतों के लिए भी प्रयोग करते थे, लेकिन अब इसमें माइनर के आस पास रहने वाले लोगों द्वारा डाली जा रही गंदगी ने पानी को बुरी तरह से दूषित कर दिया है। उनके अनुसार उनके द्वारा बार बार प्रशासन व नहरी विभाग को सूचित करने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाए जाने की सूरत में उनको खुद ही सफाई के लिए आग आना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का उचित व ठोस हल करने की मांग करते हुए कहा कि माइनर के पानी को दूषित करने व अवैध तौर पर पाइप डालने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। 
 उधर नहरी विभाग के एसडीओ विनोद कुमार ने कहा कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन वह फिर भी इसका पता लगवा कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएंगे।

Post a Comment

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.