पूर्व मुख्यमंत्री  बादल निवास पर पसरा सन्नाटा, गुरदास बादल निवास पर आई रौनक


बादल (श्री मुक्तसर साहिब


मतगणना से पहले तक गांव बादल में जहां पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आवास पर दिन रात रौनक लगी रहती थी वहीं साथ लगती दीवार वाले उनके सगे भाई गुरदास बादल व भतीजे मनप्रीत बादल के घर पर कुछेक लोग ही आते जाते दिखाई देते थे। हालात ने 11 मार्च को अचानक एसी पलटी मारी कि सबकुछ उलट पुलट हो गया। मतगणना के साथ रौनक जैसे दीवार फांद गई। जैसे जैसे मतगणना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के घर के अंदर व बाहर सन्नाटा पसरने लगा वैसे वैसे गुरदास बादल के घर के बाहर चहल पहल बढ़ गई। कोई बधाई देने के लिए फल मिठाई तो कोई फूलों के हार व गुलदस्ते लेकर आने लगा।

 जिस घर में कल तक हर समय मेला लगा रहता था उस घर में आज सन्नाटा है और जहां सन्नाटा हुआ करता था, वहां पर आज मेला लगा नजर आने लगा। गुरदास बादल के निवास को यह दिन करीब छह साल बाद नसीब हुए हैं। देर शाम तक घर पर ढोल बजते रहे और गुलाल खेला जाता रहा। उनके पिता गुरदास बादल व पत्नी वीनू बादल को बधाईयां देने के होड़ मची हुई थी।
 मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के द्वार के बाहर गाडियों, सुरक्षा कर्मियों व शिअद कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे रहने वाले स्थान पर परिंदा भी नजर नहीं आ रहा था वहीं रविवार को भी दिन भर यही स्थिति बनी रही तथा सुबह करीब 11 बजे बादल राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए घर से निकल लिए।


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