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Wednesday, March 29, 2017

वीआईपी कल्चर के शौकीनों को झटका, लाल बत्ती तो उतारनी ही पड़ेगी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया लाल बत्ती संबंधी नीति में कोई परिवर्तन नही

चंडीगढ़

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने वाहनो पर लाल बत्ती के प्रयोग संबंधी सरकार की नीति में किसी प्रकार की तबदीली करने से इंकार करते हुये स्पष्ट किया कि इसमें बिल्कुल भी नरमी नही लाई जाएगी।
   प्रवक्ता अनुसार परिवहन विभाग ने बाद में यह आदेश वापिस ले लिया यहां तक की मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को नोटीफिकेशन दुरूस्त करके उनकी स्वीकृति हेतु भेजने के लिए कहा।
प्रवक्ता अनुसार लाल बत्तियां के मामले पर अभी कोई भी आदेश जारी नहीं हुए। इस संबंधी अधिसूचना मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के पश्चात् शीघ्र ही जारी किए जाने की संभावना है।
पंजाब कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में मुख्यमंत्री व मंत्रियों को प्रस्तावित लाल बत्तियों से छूट दी गई थी पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने स्वेै-इच्छा के साथ अपनी पहली बैठक में लाल बत्ती का प्रयोग ना करने का निर्णय लिया था। प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल के इस फैसले से कुछ घंटों पश्चात् ही मुख्यमंत्री व मंत्रियों ने अपने वाहनों से लाल बत्तियां हटा दी थी।
इस संबंधी लिए स्टेंैड में किसी भी प्रकार की तबदीली ना आने पर बल देते प्रवक्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार  वी आई पी कल्चर को समाप्त करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा लाल बत्ती इसका आकर्षित संकेत है। प्रवक्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने  राज्य के बड़े हितों व लोकतंत्र के लिए समूह सियासी पार्टियां, पार्टी विधायकों और अन्य को भी वी वी आई पी शिष्टता त्यागने के संबंध में सहयोग करने की निजी तौर पर अपील की है।
यह स्पष्टीकरण उस समय सामने आया जब कांग्रेस के चुनाव मनोरथ पत्र में से कुछ लाईने उठाकर मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों को लाल बत्ती से छूट देने की बात मंगलवार को परिवहन विभाग द्वारा एक नोटीफिकेशन के रूप में सोशल मीडिया पर सामने आई। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि परिवहन विभाग ने गलती से चुनाव मनोरथ पत्र के हिस्से को नोटीफिकेशन के रूप में प्रकाशित कर दिया जो सोशल मीडिया पर आ गया।

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