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Thursday, April 06, 2017

बादलों की बसों पर लग सकती है ब्रेक, कैप्टन सरकार करेगी मौजूदा परमिटों की जांच

परिवहन विभाग को पटरी पर लाने के लिए बड़े सुधार करने का फैसला 

चंडीगढ़, 5 अप्रैल:
कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने पंजाब में परिवहन विभाग को पटरी पर लाने के लिए बड़े सुधार करने का फैसला किया है। इस तहत आगामी दो सप्ताह में नई परिवहन  प्रारूप नीति का एलान किए जाने की आशा है और मौजूदा  एकाधिकार को तोड़ कर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मुक्त करवाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई परिवहन विभाग की बैठक के दौरान पंजाब में संकट से जूझ रहे परिवहन ढांचे की कायाकल्प करने के लिए विभिन्न फैसले लेने के सुझाव दिए गए। इन सुझावों में 22 डी टी ओ कार्यालयों का पुर्नगठन और परमिट अलाट करने की प्रक्रिया को ओर पारदर्शी बनाना शामिल है। इसी प्रकार पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर तथा बठिंडा में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ( आर टी ओ) के चार कार्यालयों का भी पुर्नगठन किया जाएगा ताकि इनको ओर अधिक सरल बनाया जा सके।
बैठक के पश्चात् एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मौजूदा परमिट और इनकी कानूनी स्थिरता का निरीक्षण करते हुए कई परिवहन नीति का प्रारूप राज्य में परिवहन से जुड़ी विभिन्न पक्षों की सलाह से तैयार किया जाएगा तथा निजी परिवहन से जुड़े लोगों को बराबर के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि नवयुवकों को भी सुविधा का लाभ मिल सके।
प्रवक्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों अनुसार नई नीति 15 मई, 2017 तक तैयार कर ली जाएगी जो 750 प्राईवेट बस रूट परमिटों, 24 किलोमीटर के 1840 असल रूटों में की बढ़ोतरी और 6700 मिनी बसों के परमिटों पर प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त सुरक्षित, आरामदायक तथा बेहतर सार्वजनिक यातायात मुहैया करवाया जाएगा जिससे सार्वजनिक परिवहन स्थिर होने के साथ साथ निजी क्षेत्र के ट्रांस्पोर्टरों के लिए बराबर के अवसर मुहैया होंगे तथा बेरेाज़गारों को भी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को वाहनों के पंजीकरण, लाईसेंस जारी करने और विभिन्न सेवाएं नवीनीकरण के कार्यों में पेशेवाराना पहुंच अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मोटर व्हीकल अथॉरिटीयों को एस डी एमज अधीन लाकर ओर जवाबदेही ब नाने क ी भी हिदायत की। लाईसेंस प्रणाली को पटरी पर लाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विभाग को लाईसेंसों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को ओर तेज़ करने तथा ड्राईविंग टेस्टों के लिए आऊट सोर्सिंग की संभावना तलाशने के लिए कहा।
बेैठक के दौरान अधिकारियेां ने बताया कि एन आई सी के पास बैव पर आधारित एप्लीकेशन सार्थी   ड्राईविंग लाईसेंसों के लिए और वाहन पंजीकरण के लिए तैयार हैं और यह शीघ्र ही कार्य करना आरंभ कर देंगे।
प्रवक्ता अनुसार बैठक में फैसला किया गया कि भाड़े और रूट को पहल के आधार पर तर्कसंगत बनाया जाएगा ताकि राज्य में सार्वजनिक प्रणाली को ओर विधिवत्, बढिय़ा तथा बाजिव बनाया जाएगा। यात्रियों को आरामदायक सफर सुविधा देने के लिए विभाग को बसों का स्तर ऊंचा उठाने के लिए भी कहा है।
वित्त  मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने सुझाव दिया कि प्रमुख अंतर-शहरी सडक़ों पर निजी ऑपरेटरों के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए इन रूटों पर श्रेष्ठ बसों के इंटरग्रेटिड कोचों के फलीट चलाने चाहिए। उन्होंने सफर के दौरान सुरक्षा में बढ़ोतरी करने के लिए बसों में सी सी टी वी कैमरे लगाने का भी सुझाव दिया।
वित्त मंत्री ने पंजाब और पड़ोसी राज्यों में पंजीकरण फीस की नाबराबरी का मुद्दा उठाया जिस कारण निजी गाडिय़ों के मालिक अन्य राज्यों से अपना पंजीकरण करवा लेते हैं। उन्होंने विभाग को इस नाबराबरी को कम करने के लिए अनुमान लगाने के लिए कहा है। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि जी एस टी लागू होने से यह दरें नीचे आ जाएंगी।
कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदे की तर्ज पर बैठक में यह फैसला भी किया गया कि परिवहन विभाग बेरोज़गार नवयुवकों को सब्सिडी दरों पर प्रत्येक वर्ष एक लाख टैक्सियां, व्यावसायिक एल सी वीज और अन्य गाडिय़ां मुहैया करवाएगा। अपनी गाड़ी अपना रोज़गार स्कीम अधीन राज्य सरकार गारंटी देगी एवं ऋण के लिए किसी भी अनुसंगी की जरूरत नहीं होगी। नवयुवकों को इसका भुगतान पांच वर्षों में करना होगा। विभाग इस स्कीम को लागू करने के लिए औला, ऊबेर आदि जैसी प्रमुख टैक्सी ऑपरेटरों से समझोैते करेगा।
प्रवक्ता अनुसार यारी इंटरप्राईसिज़ के अधीन विभाग नवयुवा उद्यमियों को सब्सिडी एवं रियायतें भी मुहैया करवाएगा। इसका वायदा चुनाव घोषणा पत्र में किया गया था। लघु उद्यमों द्वारा रोज़गार पैदा करने के लिए दो या अधिक नवयुवकों को इन उद्यमों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बैठक के दौरान सडक़ सुरक्षा, सडक़ीय बुनियादी ढांचे तथा यातायात नियमों को लागू करवाने के लिए भी विचारविमर्श किया गया।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के परिवहन क्षेत्र में गत् 5-7 वर्षों के दौरान राजस्व में बढ़ोतरी की दर लगभग 7-8 प्रतिशत रही है। प्रवक्ता अनुसार वर्ष 2016-17 के वित्तीय वर्ष दौरान व्यापारिक गाडिय़ेां से करोड़ों का राजस्व एकत्र हुआ है और निजी लाइट गाडिय़ों से 676 करोड़ रूपए हुआ है।

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