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Wednesday, April 26, 2017

कारगुजारी दिखाओ या बंद करो दुकानें-मुख्यमंत्री द्वारा प्राइवेट मेडीकल व डैंटल कालेजों को चेतावनी

फंडों की कमी का सामना कर रही सरकारी मेडीकल संस्थाओं के लिए फंडों के उचित प्रंबध करने के आदेश

चंडीगढ़, 
मुख्यमंत्री ने यह आदेश आज यहां मैडीकल शिक्षा व खोज एवं स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के साथ एक जायजा बैठक दौरान राज्य के मैडीकल कालेजों विशेषकर विवाद में उलझे ज्ञान सागर व चिंतपूर्णी मैडीकल कालेजों को दरपेश समस्याओं संबंधी विचारविमर्श दौरान दिये।
          कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने प्राइवेट मैडीकल व डैंटल कालेजों को चेतावनी देते हुये कहा कि दाखिला प्रक्रिया के नियमों की उलंघना करने और बेहतर शिक्षा उपलब्ध ना करवाने वाले कालेजों को बंद कर दिया जाएगा। मु यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ऐसी संस्थाओं को विद्यार्थियों के भविष्यक के साथ खेलने की हरगिज इजाजत नही देगी।
          इस दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि विभाग द्वारा उन कालेजों विश्ेाषकर नर्सिंग संस्थाओं विरूद्ध कार्यवाही की गई है जिन कालेज व संस्थाओं विद्यार्थियों के दाखिलों में निर्धारित नियमों की उलंघना की या बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने लापरवाही की।
          बहुत से सरकारी मेडीकल कालेजों में फंडों की कमी की शिकायतों संबंधी मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कहा कि मैडीकल शिक्षा के लिए आरक्षित केन्द्रीय फंडों के प्रयोग इन कालेजों के बुनियादी ढांचे का स्तर उंचा उठाने सहित अन्य ऐसे कार्यो पर खर्च किये जाने को यकीनी बनाया जाए ताकि शिक्षा का स्तर उंचा उठाया जा सके। मुख्य सचिव को मैडीकल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के फंड हासिल ना होने संबधी की शिकायत पर विचार करने के लिए कहा और राज्य के खजाने से जितना संभव हो सके फंड देने के लिए राह तलाशने के लिए कहा।
          कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उपकुलपति को कहा कि राज्य के मैडीकल कालेजों के कार्य में बड़े सुधार लाने के लिए मैडीकल शिक्षा व अनुसंधान विभाग की सलाह से रूपरेखा तैयार की जाए ताकि राज्य के लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सके। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि इन मैडीकल कालेजों के कार्य में फंडों की कमी को रूकावट नही बनने दिया जाएगा।
          मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को मैडीकल क्षेत्र की प्रसिद्ध शख्शियत डा. नरेश त्रेहन के साथ मिलकर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर उंचा उठाने के लिए संभावनाए तलाशने के लिए कहा।
          आयुवैदिक कालेज पटियाला की तरसयोग स्थिति का मुददा भी बैठक दौरान विचार किया गया। मु यमंत्री ने विभाग को कालेज से संबधित समस्याओ के निपटारे के लिए जरूरी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये।
          बैठक दौरान पीआईएमएस (पि ज)जांलधर की समस्याओं संबधी भी विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने फीस बढ़ाये बिना अधिकारियों को अन्य किसी परिवर्तन की शिनाख्त करने के लिए कहा ताकि खर्चे से निपटा जा सके। उन्होने सुझाव दिया कि विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे वाले इंस्टीच्यूट को मेदांता जैसे किसी प्रसिद्ध मैडीकल ग्रुप के हवाले किया जाए। उन्होने कहा कि ऐसा करते हुये उचित विधिविधान को अपनाया जाए ताकि इसकी समर्था का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके।
          मेैडीकल संस्थाओं की प्रणाली और प्रक्रिया मे अत्याधिक पारदर्शिता लाने और जवाबदेही बनाने के लिए ई गवर्नैंस की जरूरत पर जोर देते हुये मु यमंत्री ने मैडीकल सेवाओं मे लगे कारपोरेटस की तर्ज परसभी मरीजों के रिकार्ड का क पयूट्रीकरण करने के निर्देश जारी किये। उन्होने रिकार्ड, फंडिंग की जांच , कार्यकुशलता बढ़ान और प्रणाली को दुरूस्त करने के लिए इलैक्ट्रानिक  स्मार्ट हैल्थ कार्ड लागू करने के निर्देश दिये जो कि आधार कार्ड से जोड़े जाए।
          कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने मैडीकल कालेजों से संबधित अस्पतालों में कार्य कर रहे सुपर-स्पैशलिस्टो के वेतन को संशोधित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी विभाग को कहा ताकि बढिय़ा हुनर को आकर्षित करने के लिए निजी अस्पतालो के डाक्टरों के बराबर उनको रखा जा सके।
          एक सरकारी प्रवक्ता अनुसार मुख्यमंत्री ने विभाग को तीन सप्ताह में रिक्त पड़े फैकेलटी के पद भरने के लिए भी निर्देश दिये और किसी भी मैडीकल सीट के ना खत्म होने को यकीनी बनाने के लिए भी कहा।
टैक्रीकल और मेडीकोज की सेवाए लेने के संबध में पंजाबी की पहली शर्त का नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने मैडीकल क्षेत्र की सेवाएं प्राप्त करने के नियमों का जायजा लेने के लिए भी विभाग को कहा क्योकि पंजाबी भाषा से भर्ती को जोडऩे के कारण हुनर की कमी दरपेश है।
विचार विमर्श में हिस्सा लेते हुये बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डा. राज बहादुर ने मुख्यमंत्री को बताया कि कैंसर रोग के पीडि़तों को जांच व ईलाज की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए उपलब्ध करवाने के लिए श्री गुरू गोबिंद सिंह मेैडीकल कालेज द्वारा विशेष प्रयत्न किये गये है।
बैठक दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग द्वारा सरकारी मैडीकल कालेजों में स्त्री रोग , रेडीयोलोजी, फिजियोथैरपी और दांतों के उपचार संबधी कम समय वाले कोर्स शुरू किये जा चुके है ताकि हमारे नवयुवकों को रोजगार के योग्य बनाया जा सके। उन्होने कहा कि इन कोर्सो में सेवानिवृत मैडीकल फैकलटी द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
          विचारचर्चा को समेटते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी मेडीकल कालेजों विशेषकर पटियाला और अमृतसर के ौडीकल कालेजों की 100 से 150 वर्ष से अधिक समय की समृद्ध विरासत है और इनको देश की प्रसिद्ध मैडीकल संस्थाओं के रूप में जाना जाता है। पंरतु बदकिस्मती से अब यह संस्थाए उदासीन स्थिति में है उन्होने इन कालेजों की पुरातन शान को बहाल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रहम महिन्द्रा, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, मैडीकल शिक्षा व खोज सचिव विकास प्रताप सिंह , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अजंलि भावरा, मु यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डा. राज बहादुर और मैडीकल शिक्षा एवं खोज विभाग के डायरैक्टर डा. सुजाता शर्मा उपस्थित थे।

पंजाब के  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने आज विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खेल कर पैसा कमाने के व्यवसाय में लगे निजी क्षेत्र के मेैडीकल और डैंटल कालेजों विरूद्ध क ड़ी कार्यवाही करने के आदेश देते हुये इन कालेजों के प्रंबधों को कारगुजारी दिखाने या फिर ऐसी दुकाने बंद कर देने की चेतावनी दी।  

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