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Wednesday, May 10, 2017

सरकारी अध्यापकों के लिए आनलाईन तबादला नीति स्वीकृत

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने हरियाणा व कई अन्य राज्यों की तर्ज पर लिया फैसला

चंडीगढ़ 

    इस बात की जानकारी देते हुये आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला शिक्षा विभाग की जायजा बैठक दौरान लिया ताकि स्कूल अध्यापकों के तबादलेके लिए सुविधा प्रदान की जा सके और तबादलों की प्रक्रिया कोअधिक पारदर्शी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को नई तबादला नीति के विधिविधान संबधी उनके प्रमुख सचिव के साथ विचार करने के निर्देश दिये जिसके अधीन स्कूलों को पांच जोनों में बांटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि अध्यापकों विशेषकर प्राईमरी अध्यापकों की तैनाती उनके गंावों के निकट की जाए ताकि वह समर्पण और ईमानदारी अपनी जिम्मेवारी निभा सके।
    मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए ख्ेाल मैदान, बिजली, फर्नीचर , शौचालयों सहित उचित बुनियादी ढांचा यकीनी बनाने और आगामी बजट दौरान विशेष व्यवस्था करने के लिए प्रमुख सचिव वित्त को कहा है। उन्होने इस संबधी वित्त विभाग के पास जरूरी मांग के लिए खर्चे का अनुमान तैयार करने के लिए भी स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त सचिव को भी निर्देश जारी किये।
    स्कूलों में वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टेलीफोन कंपनियों के साथ दरों संबधी बातचीत करने के लिए कहा यह सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कांग्रेस ने अपने चुनाव मनोरथ पत्र में वायदा किया है।  उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के फायदे के लिए कम्पयूटर लैबों में वाई फाई होट स्पोटस स्थापित करने के लिए विधि विधान तैयार करे।
    बैठक दौरान मुख्यमंत्री ने दसवीं से स्कूल के पाठयक्रम में विदेशी भाषाओ को चयनित विषय के रूप में शामिल करने के लिए भी निर्देश दिये ताकि यहां के विद्यार्थी विश्व स्तर पर मुकाबले बाजी के योग्य हो सके।

उन्होने स्कूल शिक्षा विभाग को चाईनिज, जापानी, फ्रैच और जर्मन जैसी भाषाए चयनित विषय के रूप में शामिल करने के लिए कहा ताकि यह विद्यार्थी ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतर रोजगार प्राप्त कर सके।
    स्कूलों में अंग्रेजी की पढ़ाई की बुरी स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुये कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने तीनों सरकारी विश्वविद्यालयों के अंग्रेजी विभागों को कहा कि वह बढिय़ा टे्रनर तैयार करे जो आगे हमारे प्राईमरी से लेकर सीनियर सैकेंडरी तक के अंग्रेजी अध्यापकों को आगे तैयार करे जो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवा सके। उन्होने कहा कि ऐसा करने से राज्य में अंग्रेजी पढ़ाई और सीखने के स्तर में सुधार लाया जा सकेगा और विद्यार्थियों को बेहतर संचार के योग्य बनाया जा सकेगा।
    मुख्यमंत्री ने हरियाणा की तर्ज में सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी और नर्सरी कक्षाए शुरू करने का सुझाव दिया ताकि सीखने के हुनर विशेषकर अंग्रेजी सीखने में वृद्धि की जा सके।
    बुरी  अकादमिक कारगुजारी के कारण हथियारबंद सेनाओं में पंजाबी नवयुवकों की घट रही भर्ती पर चिंता प्रकट करते हुये कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने राज्य में प्राथमिकता के आधार पर शिक्षा का स्तर उंचा करने के लिए जरूरत पर जोर दिया।
    कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने एफसीएस साफट वेयर सलयूशनज  की जनतक निजी सांझेदारी से चलाये जा रहे 6 माडल स्कूलों की समस्या को अगले शेक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सुलझाने के लिए भी स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निदे्रश दिये।
    इस अवसर पर उपस्थित अन्य में शिक्षा मंत्री अरूणा चौधरी, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा जी विजरालिंगम, प्रमुख सचिव/मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, प्रमुख सचिव वित्त अनिरूद्ध तिवाड़ी और डायरैक्टर जनरल स्कूल शिक्षा प्रदीप सभरवाल शामिल थे।


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