Type Here to Get Search Results !

स्कार्पियो बेचकर बीमा क्लेम लेने के लिए बना डाली लूट की कहानी

चार बंदूकधारियों द्वारा स्कार्पियो लूटने की घटना की तहकीकात में पुलिस ने किया खुलासा

श्रीगंगानगर
हनुमानगढ़ जिले में स्कार्पियो में सवार होकर आए चार बंदूकधारियों द्वारा एक अन्य स्कार्पियो गाड़ी को लूट लेने की घटना खुद गाड़ी के मालिक द्वारा बनाई गई फर्जी कहानी निकली। गोगामेड़ी पुलिस दो दिन पूर्व रात के समय हुई उक्त घटना का खुलासा करते हुए गाड़ी के चालक और मालिक पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के लिए उल्टा उन पर ही कार्रवाई करने जा रही है।

गोगामेड़ी थानाप्रभारी भूपङ्क्षसह सहारण ने बताया कि 14-15 मई की रात को नोहर-भादरा मार्ग पर एक पेट्रोल पम्प के पास सफेद रंग की स्कोर्पियो एचआर 79-4205 को लूट लिये जाने की सूचना उसके चालक रोहिताश पुत्र दूनीराम बाजीगर निवासी हंजीरा, थाना नाथुसरी चोपटा, जिला सिरसा ने दी थी। रोहिताश ने बताया कि वह गाड़ी लेकर भादरा से नोहर की तरफ आ रहा था। पेट्रोल पम्प से आगे जाने पर एकाएक काले रंग की स्कोर्पियो में आये चार जनों ने उसे रुकवाकर गाड़ी लूट ली। इसके बाद उसने गाड़ी के मालिक दरियासिंह पुत्र हरदत्त सिंह निवासी रामपुरा ढिल्लों, जिला सिरसा को और पुलिस को सूचना दी।
जांच पड़ताल में चालक और मालिक आए संदेह के दायरे में
थानाधिकारी के अनुसार जब इस मामले की जांच-पड़ताल शुरू की गई, तो चालक और मालिक दोनों ही संदेह के घेरे में आ गये।

चालक रोहिताश ने पूछताछ में बताया कि वह अनपढ़ है, लेकिन उसकी यह पोल कुछ ही देर में खुल गई, जब उसने मुकदमा दर्ज होने के बाद एफआईआर पर अंग्रेजी में साइन किये। यही नहीं, नोहर-भादरा मार्ग पर मुंसरी के पास टोल नाके पर लगे सीसी कैमरे की फुटेज चैक की, तो उसमें रोहिताश टोल की पर्ची पर गाड़ी के नम्बर सही दर्ज करवाते हुए पकड़ में आया। दरअसल टोलकर्मी ने जल्दबाजी में स्कोर्पियो की गाड़ी के नम्बर गलत अंकित कर दिये थे। अंग्रेजी की टोल पर्ची पर नम्बर गलत देखकर वह वापिस नाके पर आया और पर्ची पर नम्बर सही लिखवाकर लेकर गया। इसके अलावा पूछताछ में रोहिताश ने बताया कि उस रात वह रामगढ़ में अपने एक दोस्त राकेश को उससे उधार लिये हुए 20 हजार रुपये लौटाने के लिए आ रहा था, लेकिन वह न तो राकेश के मकान के बारे में बता पाया और न ही उसके पिता का नाम। लिहाजा तस्दीक मेें यह भी झूठ पकड़ा गया। अगले दिन पुलिस रामपुरा ढिल्लों गाड़ी के मालिक के घर गई, तो वह नहीं मिला। उसके भाई व पिता ने कोई सहयोग नहीं किया। उनका कहना था- क्या हुआ अगर गाड़ी लूट ली गई है। नई गाड़ी ले आयेंगे।
जांच शुरू की तो पता चला पहले ही बेची जा चुकी है गाड़ी
थानाधिकारी के अनुसार इससे शक और भी गहरा गया।
थाने में जब रोहिताश से कडी पूछताछ की गई, तो वही इस फर्जी लूट का असली सूत्रधार निकला। दरियासिंह ने वर्ष 2013 में यह स्कोर्पियो फाइनेंस से खरीदी थी, जिसकी वह किश्तें शुरू में नियमित रूप से अदा करता रहा। बाद में काम ठीक से नहीं चलने और घाटा लगने के कारण वह किश्तें चुकाने में असमर्थ हो गया। तब उसने चालक के साथ मिलकर ही षडय़ंत्र रचा। जांच में पता चला है कि जिस स्कोर्पियो को 14-15 मई की रात को लूट लिया जाना बताया जा रहा है, उस स्कोर्पियो को 15 दिन पहले ही मेरठ में बेच दिया गया था। थानाधिकारी के अनुसार 14-15 मई को रोहिताश वैसे ही मॉडल की सफेद रंग की स्कोर्पियो लेकर नोहर की तरफ आया, जिस पर उसी नम्बर की प्लेटें लगी हुई थीं, जिसे वे मेरठ में पहले बेच चुके थे।
और भी लोग शामिल हो सकते हैं षडयंत्र में
 यह सारा षडय़ंत्र बीमा क्लेम राशि लेने के लिए रचा गया, ताकि घाटे की पूर्ति की जा सके। चालक और मालिक दोनों तरफ से पैसा पाना चाहते थे। एक तरफ गाड़ी बेचने से उन्हें पैसे मिले, दूसरी तरफ उन्हें बीमा कम्पनी से भी पैसे मिलने थे, लेकिन अब उन्हें पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। थानाधिकारी ने बताया कि अभी यह भी जांच चल रही है कि इस षडयंत्र में और लोग कौन शामिल थे।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.