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Monday, May 15, 2017

स्केन सेंटर पर छापा, संचालक एमडी डॉक्टर व दलाल सहित चार काबू


श्री गंगानगर से हुई मुखबरी के आधार पर मुक्तसर व जलालाबाद में भी की छापेमारी
श्री मुक्तसर साहिब/श्री गंगानगर

एतिहासकि शहर श्री मुक्तसर साहिब के बठिंडा रोड स्थित बोम्बे सिटी स्कैन सेंटर पर सोमवार को राजस्थान से आई भू्रण लिंग जांच एवं भू्रण हत्या करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की विशेष पीसीपीएनडीटी टीम ने दबिश दी। इस दौरान टीम ने जहां मुक्तसर से सेंटर के संचालक एमडी डॉक्टर सहित दो लोगों को काबू किया वहीं दलाल महिला सहित दो लोगों को जलालाबाद से दबोचा गया।

राजस्थान की इस पीसीपीएनडीटी टीम की पंजाब में दूसरी और श्री गंगानगर जिले में मुखबरी के आधार पर यह छठी कार्रवाई है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व पंजाब के दलालों व चिकित्सकों के इस गौरखधंधे में टीम ने फाजिल्का जिले के जलालाबाद व मुक्तसर में कार्रवाई करते हुए एमडी डॉ. श्याम सुंदर गोयल, दलाल सुखदेव सिंह, बलविंद्र सिंह व महिला दलाल रीटा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भू्रण लिंग जांच के 40 हजार व भू्रण हत्या के 30 हजार रुपए मांगे थे। इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर श्रीगंंंगानगर लाया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राजस्थान में निदेशक नवीन जैन के निर्देशन में पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से राज्य में अब तक 69 और इंटरस्टेट 15 कार्रवाई की जा चुकी है।

पीसीपीएनडीटी के समुचित प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में हो रही कार्रवाईयों से लिंग जांच के मामले में अंकुश लगा है, लेकिन कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि गर्भवतियों को यहां से पंजाब ले जाकर भू्रण लिंग जांच करवाई जा रही है। इसी दौरान श्रीगंगानगर टीम को सूचना मिली कि हनुमानगढ़ की एक महिला दलाल रीटा इस गौरखधंधे में शामिल है, जो पुष्टि करने पर सही पाई गई। टीम ने राज्यस्तरीय अधिकारियों को अवगत करवाया, जिस पर कार्रवाई के लिए सीआई उमेश निठारवाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

पग पग पर बदलती रही शातिर दलाल रीटा

मुखबिर के जरिए महिला दलाल रीटा से संपर्क साधने पर उसने कहा कि वह शुक्रवार को श्रीगंगानगर आएगी, जिसके बाद कहीं जांच करवा देगी। लेकिन वह नहीं आई। उसने शनिवार को हनुमानगढ़ बुलाया लेकिन एनमौके पर यह कहकर इनकार कर दिया गया कि रविवार को ही चिकित्सक मिलेगा। आखिरकार टीम रविवार को डमी गर्भवती महिला के साथ हनुमानगढ़ पहुंची और दलाल से संपर्क किया। दलाल रीटा गर्भवती को लेकर पंजाब की ओर रवाना हुई लेकिन उसने बताया नहीं की जाना कहां है और रैकी करती रही। बीच रास्ते उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि आज चिकित्सक मौके पर नहीं है, इसलिए आज नहीं कल आना होगा। आखिरकार आज सोमवार को गंगानगर पहुंची दलाल के साथ टीम ने गर्भवती महिला व उसके नकली पति को भेजा। दलाल दोनों को लेकर पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद पहुंची। जहां पहले से दलाल बलविंद्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह मिला जो दूसरे दलाल सुखदेव सिंह के पास ले गया। वहां से गर्भवती महिला व उसके पति को दलाल अचानक मुक्तसर की ओर लेकर रवाना हो गया। टीम ने इस दौरान पीछा जारी रखा। दलाल दोनों को मुक्तसर मेें बठिंडा रोड पर स्थित बोम्बे सिटी स्केन सोनोग्राफी सेंटर ले गया, जहां एमडी डॉ. श्याम सुंदर ने गर्भवती की सोनोग्राफी जांच कर गर्भ में जुड़वां बेटियां होना बताया। इसके बाद टीम ने इशारा मिलते ही मौके पर पहुंची और चिकित्सक श्याम सुंदर पुत्र अशोक गोयल व दलाल सुखदेव पुत्र मक्खन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दलाल बलविंद्र सिंह व रीटा को जलालाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। सोनोग्राफी सेंटर की मशीन और डीवीआर आदि टीम ने सारा सामान जब्त कर लिया।

पहले किया भागने का प्रयास, फिर देने लगे दुहाई


दलाल व चिकित्सक ने भागने का प्रयास किया लेकिन टीम सदस्यों ने आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। बेरहमी से बेटियों का कोख में कत्ल करने वाले आरोपी गिरफ्तारी के बाद रोते-गिड़गिड़ाते नजर आए। वे अपने बच्चों की दुहाई देते हुए छोडऩे के लिए बार-बार गुहार लगाते रहे। आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पंजाब व राजस्थान में टीम को मिली सफलता


पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा की गई कार्रवाइयों की फेहरिस्त दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। कहा जा सकता है कि इनकी बदौलत लिंग जांच व कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लगना शुरू हुआ है। टीम ने पहली कार्रवाई कथित चिकित्सक सुखाडिय़ानगर निवासी कंवलजीत बराड़ पर की, जिसे अपंजीकृत मशीन के साथ पकड़ा। वहीं पंजाब निवासी दलाल जनकरानी को भी जेल पहुंचाया गया। दूसरी कार्रवाई दिसंबर 2016 लालगढिय़ा हॉस्पीटल में की, जहां से हॉस्पीटल के स्टाफ अमर मेघवाल को गिरफ्त में लेकर उसे जेल पहुंचाया। नए साल में पहली और टीम की तीसरी कार्रवाई 23 फरवरी 2017 को जिला मुख्यालय पर ही हुई। टीम ने पंजाब निवासी दलाल हरजिंद्र सिंह, धमेंद्र सिंह और टिब्बी निवासी पवन कुमार जाट को पकड़ा। इस मामले में एक महिला आरोपी राज एवं रमन की अपंजीकृत मशीन के साथ तलाश जारी है। चौथी कार्रवाई रायसिंहनगर में 17 मार्च 2017 को हुई, जिसके तार पंजाब तक पहुंचे। टीम ने रायसिंहनगर से पीछा करते हुए पंजाब के फिरोजपुर जिला मुख्यालय से पंजीकृत मशीन बरामद करते हुए वहां के दलाल अमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। जबकि नर्स बॉबी प्रवीण व डॉ. उमेश शर्मा भी आरोपी बनाए गए। इस मामले में रायसिंहनगर के न्यू महावीर नर्सिंग होम की नर्स व दलाल संदीप कौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जबकि चिकित्सक अशोक गुप्ता को भी मामले में आरोपी बनाया गया। पांचवी कार्रवाई छह अपे्रल 2017 को जिला मुख्यालय के अशोक नगर में हुई। इस मामले में पांच आरोपी नर्स व कथित चिकित्सक रेखा, नेतेवाला निवासी दाई बिमलादेवी, दलाल राकेश मेघवाल व जयलाल मेघवाल और सहयोगी ममता उर्फ शांति सिंधी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया। मामले में इन लोगों से फर्जी मशीन भी बरामद हुई।

मेहनत के साथ टीम वर्क से ही मिली सफलता

यह टीम विगत तीन दिन से कैंप कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी, जिन्हें आखिरकार सोमवार को सफलता मिली। राज्यस्तरीय अधिकारी एएसपी रघुवीर सिंह के निर्देशन और सीआई उमेश निठारवाल के नेतृत्व में एसआई विक्रम सिंह शेखावत, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, महेंद्र सिंह चारण, नंदलाल पूनिया, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, कांस्टेबल राजेंद्र सिंह व विजय पाल शामिल थे। इस कार्रवाई धन-धन बाबा दीपसिंह सेवा समिति के सचिव तेजेंद्रपाल सिंह टीम्मा का भी सहयोग रहा।

कोख में बेटी ही बताते हैं ताकि गर्भपात के भी बटोरें पैसे


पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से गंगानगर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में की गई अधिकांश कार्रवाई में सामने आया कि दलाल व चिकित्सकों के गठजोड़ ने भू्रण हत्या का

गौरखधंधा केवल मोटी कमाई के लिए चला रखा है। गर्भ में बेटा हो या बेटी इन्हें इससे कोई सरोकार नहीं, ये ज्यादातर मामलों में बेटी ही बताते हैं, ताकि गर्भपात के पैसे भी उन्हें मिल सकें। श्रीगंगानगर के अशोक नगर में हुई कार्रवाई में यह फर्जीवाड़ा स्पष्ट तौर पर सामने आया। यहां डमी सोनोग्राफी मशीन के जरिए ही कथित तौर पर गर्भ में लिंग जांच की जाती थी। चूंकि मशीन ही फर्जी है तो उसमें लिंग का पता चलना अंसभव है लेकिन ये लोग सभी मामलों में बेटी बता पैसे एंठने का धंधा कर रहे है। कमोबेश अन्य मामलों में भी यही कहानी सामने आई। यही वजह है कि एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन कई बार सार्वजनिक मंचों से अपील कर चुके हैं कि परिवारिक लोग भू्रण लिंग जांच कतई न करवाएं, क्योंकि वे अनजाने में बेटे की चाह में बेटी ही नहीं बल्कि बेटों की भी हत्या करवा रहे हैं।  


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