Type Here to Get Search Results !

शादी से पहले फर्जी दुल्हन फर्जी मां व चाची सहित काबू, चाचा फरार

एक लाख सत्तर हजार रुपये की थी डिमांड, कम पैसे मिलने के चलते फूटा भांडा

अनूपगढ़ के गांव बांडा में शादी से पूर्व काबू दुल्हन पहले कर चुकी है तीन शादियां

श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बांडा में सोमवार को फर्जी शादी करवाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। इस गांव में शादी करने के लिए चूरू जिले में भालेरी थाना क्षेत्र के गांव जोहड़ी से बारात आई। शादी से पहले लडक़ी वालों ने पूर्व में तय की हुई रकम एक लाख 70 हजार रुपये लडक़े वालों से मांगे। लडक़े कृष्ण उर्फ कान्हाराम के पिता प्रतापराम सहारण ने 20 हजार रुपये युवती के कथित चाचा राजसिंह को दे दिये। बाकि रुपयों का इंतजाम उसने बाद में कर देने का कहा, लेकिन वधू पक्ष अड़ गया कि पहले रुपये देने होंगे। वर-वधू पक्ष में शेष रुपयों को लेकर खींचतान चल ही रही थी कि इस बीच वर पक्ष को संदेह हो गया कि इस शादी में कोई गड़बड़ है।

पुलिस के मुताबिक गांव के ही किसी व्यक्ति ने वर पक्ष को बता दिया कि जिस युवती की शादी हो रही है, उसकी पहले से तीन शादियां हो चुकी हैं। वह जाति से नायक है, न कि जाट। यह पता चलते ही वर पक्ष ने तत्काल बांडा गांव में ही पुलिस चौकी को सूचना दे दी। थानाप्रभारी भवानीसिंह ने बताया कि प्रताप राम द्वारा दी गई रिपेार्ट के आधार पर दुल्हन बनी हुई युवती, उसकी फर्जी मां शर्मादेवी बावरी और फर्जी चाची सोनादेवी बाजीगर को हिरासत में ले लिया गया। प्रतापराम द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले राजसिंह ने ही प्रतापराम से सम्पर्क किया था। उसके पुत्र कान्हाराम उर्फ कृष्ण की शादी राजसिंह ने चक 74 आरबी-रायसिंहनगर की युवती पूजा उर्फ पायल पुत्री पूर्णराम से कराने का प्रस्ताव रखा। पुलिस के मुताबिक राजसिंह ने प्रतापराम को बताया कि पूजा उर्फ पायल उसकी भतीजी लगती हैं। पूजा के पिता का निधन हो चुका है। उसकी मां बीमार रहती है।
उसके छोटे भाई-बहन है। लिहाजा शादी का खर्च उन्हें ही वहन करना होगा। यह खर्च एक लाख 70 हजार रुपये बताया गया। प्रतापराम ने एक माह पहले बांडा गांव में आकर युवती को देखा और इस रिश्ते के लिए हां कर दी। उसने युवती को 2100 रुपये का नेग भी दे दिया। इसके बाद वह शादी खर्च के रुपयों का इंतजाम करने लगा। इस बीच दोबारा प्रतापराम अपने पुत्र व रिश्तेदारों के साथ बांडा आया और 2100 रुपये शगुन के देकर सगाई तय कर गया। शादी आज 29 मई के दिन करना तय हुआ। इसी दौरान कृष्ण ने पायल को एक मोबाइल फोन भी लेकर दिया। आज शादी करने के लिए प्रतापराम अपने पुत्र कृष्ण, दामाद धीरसिंह व अन्य रिश्तेदारों को लेकर आया। उसने 20 हजार रुपये और मोळी में बांधकर राजसिंह को दे दिये। बाकि रुपयों को लेकर इन दोनों पक्षों में खींचतान होने लगी, तभी भांडा फूट गया कि यह शादी फर्जी है।
पायल उर्फ पूजा की तीन शादियां पहले भी हो चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक पूजा उर्फ पायल की पहली शादी चक 4 एमडी के श्योकरण पुत्र खेमराम नायक, दूसरी शादी फतेहपुर निवासी विमल पुत्र सुभाष तथा तीसरी शादी पीलीबंगा निवासी प्रेम जाट के साथ की थी। उन्होंने बताया कि इस फर्जी शादी करने वाले गिरोह का पता चलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां सिर्फ दुल्हन बनी हुई पूजा उर्फ पायल के साथ सोनादेवी व शर्मादेवी ही मिलीं। वहां मौजूद पुरुष, विशेषकर राजसिंह आदि गायब हो चुके थे। उन्होंने बतायाकि तीनों महिलाओं को कल कोर्ट में पेश किया जायेगा।
Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.