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डेढ़ करोड़ कीमत के 19 वाहन बरामद अंतर्राज्यीय चोर व जालसाज गिरोह का भंडाफोड़

पंजाब हरियाणा तथा राजस्थान में अपना चोरी और जालसाजी का नेटवर्क फैलाये हुए शातिर लोगों के एक गिरोह का पंजाब पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग डेढ़ करोड़ कीमत के चोरी के 19 वाहन जब्त किये गये हैं। पांच जनों को हिरासत में लिया गया है। एक दर्जन से अधिक ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ चल रही है, जिनका इस गिरोह से किसी न किसी तरह से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सम्बंध रहा है। इनमें राजस्थान के सीकर जिले का एक बाशिंदा भी शामिल है। इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए पंजाब पुलिस और उसका सीआईए विंग पिछले एक महीने से भागदौड़ करने में लगा था। इस दौरान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले सहित राजस्थान में कईं स्थानों पर छापेमारी की गई। हरियाणा में सिरसा जिले में भी छापे मारे गये, जहां से कईं जनों को पकड़ा गया है। इस गिरोह के बारे में गुरुवार को फाजिल्का में पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बठिंडा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मुखविन्द्र सिंह छिन्ना व फिरोजपुर रेंज के आईजी राजेन्द्र सिंह ने खुलासा किया। प्रेस वार्ता में फिरोजपुर के एसएसपी डॉ. केतन बलिराम पाटिल व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।



किससे कौनसी मिली कौन कौन सी गाडिय़ां

प्रेस वार्ता में पंजाब पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिरसा जिले में डबवाली उपमण्डल के गांव गौरीवाला के कुलदीप सिंह पुत्र खुशीराम, गांव दत्ता-सीकर निवासी हरविन्द्र सिंह गिल पुत्र वीर ङ्क्षसह और संदीप पुत्र रघुनाथ की निशानदेही पर एक मारूति सियाज, दो महेन्द्रा थार जीपें, तीन बोलेरो गाडिय़ां, एक हुंडई एसेंट, एक टाटा इंडिका व एक ट्रेक्टर जब्त किया गया है। इनके साथ इटेले बराड़ पुत्र सुखदर्शनसिंह व सुभाष पुत्र गोपाल की पुलिस को कथित रूप से तलाश है। इनके विरुद्ध अबोहर उपमण्डल के बहाववाला थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अबोहर में जैननगरी निवासी भूपेन्द्र सिंह हैप्पी पुत्र पृथ्वीराज और ब्यास-अमृतसर जिले में बुड्डाथेहे निवासी सुखविन्द्र सिंह सुक्खा की निशानदेही पर एक टोयेटा, दो बोलेरो, दो मारूति स्विफ्ट डिजायर, दो हुंडई वरना, दो मारूति स्विफ्ट और दो महिन्द्रा स्कॉर्पियो कुल 10 वाहन जब्त किये गये हैं। इसी तरह अबोहर में बसंत नगरी निवासी विक्रम पुत्र रामस्वरूप और सिरसा जिले में संतनगर के सुशील पुत्र हेतराम कथित रूप से फरार चल रहे हैं। इनके विरुद्ध अबोहर में सिटी थाना नं. 2 में मुकदमा दर्ज किया गया है।

">चोरी की गाडिय़ां, जाली नम्बर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह की नजर चुराई हुई गाडिय़ों और फाइनेंस पर खरीदी हुई गाडिय़ों पर रहती थी। चोरी की गाडिय़ों के जाली कागजात तैयार कर उन पर फर्जी नम्बर लगाकर यह गिरोह आगे बेच देता था। इसी तरह जो लोग फाइनेंस पर ली हुई गाड़ी की किश्तें नहीं चुका पाते थे, उनसे यह लोग ओनी-पौनी कीमत में गाड़ी खरीदकर और उसके नम्बर बदलकर आगे बेच देते थे। जो गाड़ी फाइनेंस करवाता था, वह गाड़ी चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज करवा देता था। यह गिरेाह पिछले काफी समय से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में इस तरह की गाडिय़ों को खपाने में लगा हुआ था। गिरोह में और भी अनेक लोग शामिल बताये जाते हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के विभिन्न शहरों में स्थित परिवहन कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी, परिवहन एजेंट, डेंटिंग-पेंटिंग करने वाले मिस्त्री-मैकेनिक आदि भी शामिल हैं, जो गाडिय़ों के जाली कागजात तैयार करने व गाडिय़ों का रंग-रूप बदल देने का काम करते थे।
पहले भी पकड़ा था गिरोह
श्रीगंगानगर जिले में वाहन चोरी की अनेक वारदातों में लिप्त एक गिरोह के सरगना को कथित रूप से अपना मुखबिर बनाकर फाजिल्का पुलिस ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले उसके ही गिरोह को काबू किया था। इस गिरेाह में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के अनेक शातिर शामिल थे। इस गिरोह से तब फाजिल्का पुलिस ने 70 से अधिक चोरी की गाडिय़ां बरामद की थीं। बाद में फाजिल्का पुलिस के इस कथित मुखबिर को श्रीगंगानगर पुलिस ने अपने यहां वाहन चोरी की वारदातों और चोरी किये हुए वाहनों के नम्बर बदलकर उन्हें आगे बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह सरगना श्रीगंगानगर के निकट पंजाब के गुमजाल गांव का निवासी था। गिरोह में उसका भाई भी शामिल था। इस गिरेाह के सरगना को लेकर श्रीगंगानगर-फाजिल्का पुलिस में भारी मतभेद उत्पन्न हो गये थे, जो लम्बे समय तक कायम रहे।

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