दलितों पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ भाजपा एस.सी. मोर्चा ने किया विधानसभा की तरफ मार्च, पुलिस ने बार-बार पानी की बौछारें कर रोका
चंडीगढ़ (बीटीटी न्यूज़ नेटवर्क
  पंजाब विधानसभा का घेराव करने की नीयत से विधानसभा की तरफ बढ़ते दलितों के रोष मार्च को चंडीगढ़ पुलिस द्वारा बार-बार की जा रही पानी की बौछारें भी ना रोक पाई। एस.सी. मोर्चा भारतीय जनता पार्टी पंजाब के नेतृत्व में पंजाब भर से एकत्रित दलित प्रदेश में दलितों पर बढ़ते अत्याचार रूकवाने हेतु तथा कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा दलितों से चुनाव दौरान किए गए वायदों को पूरा करवाने हेतु बार-बार नारे लगा रहे थे।  
पंजाब भाजपा के प्रदेश महामंत्री केवल कुमार, उपाध्यक्ष राजकुमार पाठी, सचिव विनीत जोशी, एस.सी. मोर्चा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष मनजीत बाली, महामंत्री राजिन्द्र खत्री, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सीमा कुमारी, पूर्व विधायक मोहन लाल बंगा के नेतृत्व में यह रोष मार्च निकाला गया। 
मनजीत बाली ने कहा कि पंजाब में जबसे कैप्टन ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है, तब से दलितों के ऊपर हिंसात्मक घटनाएं बढ़ गई हैं। पंजाब में कांग्रेसी गुंडे दलितों की हत्या कर रहे हैं, उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, सरेबाजार उनकी पिटाई कर रहे हैं, कपड़े फाडकऱ नंगा घुमा रहे हैं, जिंदा जलाने की कोशिश कर रहे हैं, दलित महिलाओं से जोर-जबरदस्ती कर रहे है और पंजाब पुलिस हाथ पर हाथ धर मूक-दर्शक बन बैठी है। 
विनीत जोशी ने दलितों पर हुए अत्याचारों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि मोगा के पास दौदर शरकी में एक दलित मां और उसकी बेटी को जलाने की कोशिश की गई, वहीं सरदुलगढ़ में गांव ख्याली चेहलांवाली में एक दलित नौजवान की हत्या कर दी गई, अमृतसर के बग्गा गांव में दलित को नंगा घुमाया गया तथा उसकी पत्नी के कपड़े फाड़े गए, गुरदासपुर के

">गांव चक्कशरीफ में दलित मियां-बीवी की थाने के बाहर ही पिटाई कर दी, तरनतारन के गांव नत्थूचक्क में अलाट किए गए 5-5 मरले के प्लाटों से खदेड़ा गया, जालंधर के निकट गांव कंडोला में दलित महिला पुलिस के अमानवीय अत्याचार की शिकार हुई तथा इन सभी घटनाओं में कांग्रेसी या उनके समर्थक या उनकी शह पर गुंडे अत्याचार कर रहे थे और पंजाब पुलिस उन पर कार्रवाई करने की जगह पीडि़तों पर झूठे पर्चे डाल रही है।
कैप्टन द्वारा चुनावों के दौरान दलितों से किए गए वायदों को याद करवाते हुए महामंत्री केवल कुमार ने बताया कि कि गरीब एस.सी. के 50000 तक के बकाया कर्ज माफ करना, अनुसूचित जाति के बेघर लोगों के लिए घर, हर दलित परिवार में एक नौकरी देना, स्नातक तक मुफ्त शिक्षा, दलित कन्याओं को किसी भी स्तर तक मुफ्त शिक्षा, सभी निजी शिक्षण संस्थाओं में 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित करना, ताकि इंजीनियङ्क्षरग, मैनेजमेंट और मेडिकल कॉलेज में मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित की जा सके, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, शगुन योजना के तहत प्रदान की जानी वाली राशि को 51000 करना, समय सीमा में रिक्त सरकारी पदों को भरना, निगम, ट्रस्ट बोर्डों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन आदि में दलितों के आरक्षण करने के वायदों को पूरा करवाने हेतु आज इस रोष मार्च को निकाला गया।
पूर्व विधायक मोहन लाल बंगा व सीमा कुमारी ने मुक्तसर में दो नौजवान युवकों की हत्या, मोगा में 62 वर्षीय की हत्या, डी.सी. आफिस संगरूर के आगे एक दलित विधवा द्वारा पुलिस में दायर एफ.आई.आर. पर कार्रवाई करवाने के लिए दिया गया धरना यह स्पष्ट करता है कि पंजाब पुलिस का कांग्रेसीकरण हो चुका है। 
भाजपा नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर को चुनावी वायदे याद करवाते हुए कहा कि अब तीन माह से ऊपर आपकी सरकार को हो गए हैं, तुरंत प्रभाव से अपने वायदे पूरे करें।
 जिन वादों पर आपने आंखें मूंद रखी हैं, वो इस निम्नलिखित हैं:-
1. विशेष घटक योजना तैयार कर उसे पंजाब विधानसभा में वार्षिक बजट के साथ स्वीकृति के लिए जमा कराएं।
2. स्नातक तक की मुफ्त शिक्षा और दलित कन्याओं के लिए किसी भी स्तर तक मुफ्त शिक्षा।
3. सभी निजी शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण, ताकि पेशेवर इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और मेडिकल कॉलेज में मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
4. पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप समय पर बांटी जाए।
5. पांच लाख रुपए से कम की वार्षिक आय वाले अनुसूचित जाति परिवारों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और जीवन बीमा।
6. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार।
7. 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
8. शगुन योजना के तहत प्रदान की जाने वाली राशि 51,000 रुपए तक करना।
9. पंजाब के सभी ब्लॉक में डा. बीआर अंबेडकर कम्यूनिटी सेंटर।
10. गरीब एससी के 50ए000 रुपए तक के बकाया कजऱ् की माफी
11. एससी युवा अपना काम शुरु कर सकें, इसके प्रेरणास्वरुप 100 करोड़ रुपए की उद्यम पूंजी फंड की रचना।
12. मुफ्त आटा-दाल योजना के तहत चीनी और चायपत्ती बांटना।
13. समयसीमा के भीतर रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती।
14. कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स भर्तियों में एससी के लिए आरक्षण।
15. विभिन्न ट्रस्टए बोर्ड, निगमों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और निदेशक पद पर एससी के लिए आरक्षण।

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