बरगाड़ी और अन्य दो केसों की जांच में तेजी लाने के लिये सीबीआई को सलाह देने के लिये केंद्र को अपील

चंडीगढ़, पंजाब के मुख्यमंत्री कै प्टन अमरिंदर सिंह ने बरगाड़ी में गोलाबारी और श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित घटनाओं में दोषी पाये जाने वालों को कठोर और मिसाली सजा दिलाने का प्रण लिया है। आज यहां जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इन घटनाओं में शामिल व्यक्तियों को कठोर सजा विश्वसनीय बनाने के लिये वचनबद्ध है क्योंकि इससे राज्य की संप्रदायिक सद्भावना और अमन शांति को बड़ी क्षति पहुंच सकती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन घटनाओं में शामिल एक भी व्यक्ति को माफ नही किया जायेगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इस घटना में शामिल प्रत्येक उस व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करेगी चाहे वह सीधे तौर पर इस घटना में शामिल था या आरोपियों को बचाने का दोषी है। उन्होंने कहा कि संप्रदायिकता या तनाव पैदा करने की किसी भी कोशिश को कठोरता से मसल दिया जायेगा।
आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने केंद्र को अपील की कि वह नवंबर, 2015 में श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित तीन मामलों की जांच में तेजी लाने के लिये सीबीआई को कहे। बेअदबी की यह घटनांए पंजाब की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिये पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी की घिनौनी कार्रवाई है और  इस सीमावर्ती राज्य की शांति और संप्रदायिक सद्भावना को क्षति पहुंचाने का एक हिस्सा थी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटना सहित इन केसों का शीघ्र अति शीघ्र पता लगाने और यह वज्र गुनाह करने वालों की पहचान करने के लिये प्रयास तेज करने हेतू सीबीआई को निर्देश जारी करने के लिये केंद्र सरकार को विनती की है।
बरगाड़ी मे गोली चलाने का आदेश देने वाले एस एस पी चरनजीत सिंह शर्मा की सेवाओं में बढ़ौतरी करने के लिये सिफारिश करने वाली गत् बादल सरकार की तीखी आलोचना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उसकी सेवाओं को रद्द किया और अधिकारी को सेवा मुक्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिकारी को अपनी कार्रवाई के लिये परिणामों का सामना भी करना पड़ेगा।

"> मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा जस्टिस (सेवा निवृत) रणजीत सिंह के  नेतृत्व में जांच आयोग का गठन किया गया है जो बरगाड़ी सहित बेअदबी की सभी घटनाओं की जांच करने के अतिरिक्त इसमें विवादस्पद एस एस पी चरनजीत सिंह की भूमिका की भी जांच होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आरोपियों विरूद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोगों को अपील की कि यदि इस घटना में उनके पास कोई भी जानकारी है तो इसको एस ए एस नगर (मोहाली) में सैक्टर 68 स्थित फोरेस्ट कंपलैक्स की चौथी मंजिल (दूरभाष नंबर-0172-2298000) पर स्थित आयोग के कार्यालय तक पहुंचाई जाये जो बेअदबी के केसों के हल के लिये मददगार साबित हो सकती है।

"> राज्य सरकार ने कानूनी सलाह के आधार पर गत् आयोग की रिपोर्ट को खारिज़ करके बेअदबी की घटनाओं की नये सिरे से जांच के लिये आयोग कायम किया है। राज्य के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने सरकार को सलाह दी कि जोरा सिंह कमिशन की रिपोर्ट में बेअदबी की घटनाओं की जांच के दौरान घटना के प्रत्येक पक्ष को छुआ नही गया जिसमें चशमदीद गवाहों ने ‘बड़े लोगों’ की श्मूलियत संबंधी अपना पक्ष रखा था और पुलिस की गोलाबारी को अनावश्यक और स्व: रक्षा के हित में ना होने की बात की थी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने गत् अकाली भाजपा सरकार के एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान दर्ज हुये झूठे केसों पर  एफ आई आरज़ की समीक्षा करने के लिये जस्टिस (सेवा निवृत) महिताब सिंह के  नेतृत्व में जांच आयोग की स्थापना हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिये आयोग के पास एस ए एस नगर (मोहाली) में सैक्टर 68 स्थित फोरेस्ट कंपलैक्स की 5वीं मंजिल पर स्थित कार्यालय तक पहुंच की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को आदेश दिये कि न्याय एवं शांति के हित में दोनो आयोगों को पूरा सहयोग दिया जाये ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।

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