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Tuesday, June 27, 2017

लिव इन रिलेशन में रह रही मां को धोखे से बुलाकर प्रेमी सहित उतारा मौत के घाट

 सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में आरोपी दोनों भाई गिरफ्तार

बीटीटी न्यूज नेटवर्क 
श्रीगंगानगर जिले में श्रीबिजयनगर थाना क्षेत्र में चक 15 बीजीडी (गोगामेड़ी) में सोमवार-मंगलवार की रात को दो भाइयों ने गैर मर्द के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही अपनी मां को धोखे से गांव बुलाकर उसके प्रेमी युवक के साथ ही मौत के घाट उतार दिया। मां अपने प्रेमी के साथ मोटरसाइकिल पर जैसे ही रात लगभग डेढ़ बजे गोगामेड़ी गांव में मेन रोड पर बस अड्डे के नजदीक गुरुद्वारा के सामने पहुंची, वहां पहले से ही दोनों भाई तेज धार वाले कापे लिये हुए घात लगाये बैठे थे। मोटरसाइकिल जैसे ही वहां आया, दोनों मेन रोड पर आ गये। मोटरसाइकिल के रुकते ही इन दोनों भाइयों ने अपनी मां और उसके आशिक युवक पर हमला कर दिया। दोनों को बुरी तरह से काट दिया। इसी बीच चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर गुरुद्वारा के साथ के मकान में रहने वाले बलदेव सिंह बराड़ और उनके परिवार के सदस्य बाहर आयेे, तब यह दोनों भाई वहां से भाग खड़े हुए। कुछ ही क्षण में गांव के और लोग भी आ गये। उन्होंने घायल पड़ी महिला और युवक को देखा। उनकी मौत हो चुकी थी।

रात करीब दो बजे वारदात की सूचना मिलते ही रात्रिकालीन प्रभारी एएसआई बलकरण सिंह मौके पर पहुंच गये। बाद में रायसिंहनगर से डीएसपी आनंदप्रकाश स्वामी भी दलबल सहित आ गये। मृतक महिला की पहचान गोगामेड़ी निवासी राजसिंह उर्फ राजू मजबी की पत्नी बलजीत कौर (42) और युवक की पहचान सुखपाल सिंह (30) पुत्र मि_ूसिंह जट सिख निवासी अराइयांवाली, हनुमानगढ़ टाऊन के रूप में हुई। पुलिस ने गांव वालों की मदद से वारदात के कुछ देर बाद ही खेतों की तरफ भागते फिर रहे दोनों आरोपित भाइयों विशाल सिंह (21) तथा हरदीप ङ्क्षसह (19) को राउंडअप कर लिया।

"> सुबह मौके की कार्रवाई करने के पश्चात् शवों को श्रीबिजयनगर के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया। वहां पोस्टमार्टम करने के बाद इनके शव परिवारजनेां को सौंप दिये गये। घटनास्थल के नजदीक रहने वाले संदीप पुत्र प्रीतमसिंह की रिपोर्ट के आधार पर कत्ल का मामला दर्ज किया गाय है।

चार बच्चों की मां बलजीत कौर एक साल पूर्व आई सुखपाल के संपर्क में 

पुलिस के मुताबिक चार बच्चों की मां बलजीत कौर की लगभग एक वर्ष से सुखपाल सिंह से जान-पहचान थी। सुखपाल सिंह ने श्रीबिजयनगर थाना क्षेत्र में रघुनाथपुरा में कृषि भूमि हिस्सा काश्त पर ले रखी है। बलजीत कौर का पति राजू ट्रक ड्राइवर है,जो कुछ दिनों से ट्रक लेकर गुजरात गया हुआ है। बलजीत कौर की लगभग एक वर्ष पहले सुखपाल से जान-पहचान हुई, जो इनके अवैध सम्बंधों में तब्दील हो गर्ई। बकौल पुलिस बलजीत कौर अपने पति से तंग-परेशान थी, जो उसे शराब के नशे में मारता-पीटता था। इस कारण वह अपनी 16-17 वर्षीय पुत्री व छोटे बेटे को साथ लेकर लगभग छह महीने पहले घर से चली गई थी। सुखपाल-बलजीत कौर लगभग तीन महीने तक श्रीगंगानगर में रहे। बलजीत कौर के इस तरह घर छोडक़र चले जाने से उसके पुत्र हरदीप और विशाल सिंह को अपने ही गांव में शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही थी। लिहाजा उन्होंने इस बाबत थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर पुलिस बलजीत कौर को दस्तयाब कर थाने में ले आई। तब उसने ब्यान दिये कि वह अपनी मर्जी से सुखपाल सिंह के साथ रह रही है। इस पर पुलिस ने उसे स्वतंत्र कर दिया था। फिर यह दोनों, गांव बिलौचियां में मनजीत ङ्क्षसह नामक एक युवक के घर में लिव इन रिलेशन में रहने लगे। मृतक सुखपाल सिंह अविवाहित था। उसका शव उसके परिवार वालों को सौंपा गया है, जबकि बलजीत कौर का शव हरियाणा के सिरसा जिले में एक डेरे में रह रहे उसके पिता को बुलवाकर सुपुर्द किया गया।

काफी समय से बना रखी थी मां को ठिकाने लगा देने की योजना

पुलिस के अनुसार हरदीपसिंह और विशाल सिंह ने मां को ठिकाने लगा देने की योजना काफी समय से बना रखी थी। उन्हें इस बात का अंदेशा होने लगा था कि कहीं मां की बदचलनी का असर उनकी नाबालिग इकलौती बहन पर न पडऩे लगे। कारण यह था कि सुखपाल सिंह और मनजीत सिंह का चरित्र भी सही नहीं था। डीएसपी आनंदप्रकाश के मुताबिक मृतक सुखपाल सिंह के बारे में जानकारी मिली है कि वह रावला क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले में पकड़ा गया था। इस मामले में जेल में रहने के दौरान उसकी मनजीत से जान-पहचान हो गई, जो एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार था। इसी जान-पहचान के कारण ही करीब 25 दिन पहले सुखपाल अपने साथ बलजीत कौर को लेकर मनजीत के घर आकर रहने लगा था। विगत 24 मई को हरदीप, विशाल और राजू ने बस में जाते हुए बलजीत कौर को नीचे उतार लिया था।

">यह तीनों उसे एक जीप में डालकर कहीं ले जाने की फिराक में थे, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस ने इनको पकड़ लिया। बाप-बेटों को धारा 151 में गिरफ्तार करने के बाद उन्हें पाबंद कर दिया था। तब से बलजीत कौर बिलौचिया में सुखपाल के साथ मनजीत के घर रह रही थी। डीएसपी स्वामी के अनुसार 24 मई को पुलिस अगर समय पर नहीं पहुंचती, तो शायद उसी दिन ही बलजीत कौर की हत्या हो जाती।

सुखपाल को मारने का नहीं था आरोपियों का इरादा

पकड़े जाने के बाद विशाल सिंह और हरदीप सिंह से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इनका इरादा सुखपाल को मारने का था ही नहीं। विगत 24 मई को असफल हो जाने पर विशाल सिंह और हरदीप सिंह ने अकेले ही मां को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन वह वापिस गोगामेड़ी गांव आने को तैयार नहीं हो रही थी। तीन-चार दिन पहले विशालसिंह ने लक्ष्मण रेखा निगल ली, जिस पर हालत खराब हो जाने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। यह भी जानबूझकर किया गया, ताकि इस बहाने मां उसका हाल-चाल जानने के लिए आयेगी, लेकिन बलजीत कौर नहीं आई। पुलिस के मुताबिक दो दिन से विशाल सिंह लगातार मां को फोन पर बातें कर उसे इमोशनल करने में लगा हुआ था कि वह किसी तरह गांव आने के लिए राजी हो जाये। कल बलजीत कौर ने कहा कि वह दिन में नहीं आयेगी, लेकिन रात को उसे मिलने के लिए आ सकती है। कल रात 11.30 बजे विशाल सिंह ने उसे फोन किया। बलजीत कौर ने कहा कि वह कुछ ही देर में आ रही है। रात्रि 1.23 बजे बलजीत कौर ने बेटे को फोन कर कहा कि वह पांच-सात मिनट में गोगामेड़ी पहुंचने वाली है। विशाल और हरदीप पहले से ही अड्डे पर कापे लिये खड़े थे। जैसे ही मां सुखपाल सिंह के साथ वहां आई, दोनों ने उन्हेें बुरी तरह से काट दिया। पुलिस के मुताबिक यह दोनों भाई, अड्डे से दो-तीन किमी पीछे एक प्याऊ के पास यह घटना अंजाम देने वाले थे, लेकिन फिर अड्डे के पास इसे अंजाम दिया। यह दोनों भाई एक ईंट-भ_े पर मजदूरी करते हैं।

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