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इश्तहारी मुजरिम इंद्रा बिश्नोई काबू, पांच लाख का था उस पर इनाम

राजस्थान के बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्याकांड की है मुख्य आरोपी

राजस्थान राज्य के बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण और हत्याकांड मामले में पांच लाख रुपए की इनामी मुजरिम भगौड़ी चली आ रही इंद्रा विश्नोई को एटीएस की टीम ने काबू कर लिया। टीम को उस तक पहुंचने में करीब 3 महीने का समय लगा। आईजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने कहा कि सीबीआई की तरफ से वांछित घोषित इंद्रा विश्नोई के बारे में करीब 3 महीने पहले एटीएस को इनपुट मिले थे।
उन्होंने कहा कि सूत्रों से सिर्फ इतनी जानकारी मिली थी कि इंद्रा विश्नोई मध्यप्रदेश और गुजरात के सीमावर्ती इलाके में छीपी हुई है।
इस सूचना को डवलप करते हुए एटीएस के आईजी बीजू जॉर्ज जोसफ के नेतृत्व में एडिश्नल एसपी शांतनू कुमार और रानू शर्मा की टीम को गुजरात और मध्यप्रदेश भेजा गया। तीन महीने तक अलग अलग ठिकानों के बारे में जानकारी हासिल की गई। आखिर में 31 मई की रात को एटीएस उस मकान तक पहुंच गई, जहां इंद्रा विश्नोई ठहरी हुई थी। आईजी के मुताबिक जोधपुर का एक पाराशर परिवार पिछले कई सालों से देवास जिले के निमावर कस्बे में रहता है। उस पाराशर परिवार में इंद्रा ठहरी हुई मिली, जिसे तस्दीक होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। देवास जिले के निमावर कस्बे स्थित पाराशर परिवार तक पहुंचने और इंद्रा को दबोचने के बाद भी एटीएस को तस्दीक करने में दो दिन लगे। पाराशर परिवार मूलत जोधपुर का रहने वाला है और विश्नोई परिवार से संपर्क भी है।

"> पाराशर परिवार में इंद्रा उसी घर की सदस्य के रूप में रहती थी और खाने पीने का पूरा खर्चा भी पाराशर परिवार ही उठा रहा था। बहरहाल, अब जब भंवरी देवी अपहरण और हत्याकांड की मुख्य सूत्रधार आरोपी इंद्रा विश्नाई पुलिस की गिरफ्त में आ चुकी है, तो ऐसे में अब प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले इस बहुचर्चित मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। क्योंकि फरार होने से पहले इंद्रा विश्नोई यह बयान दे चुकी है कि अगर उसका मुंह खुल गया तो तहलका मच जाएगा।
गौरतलब है कि पांच लाख रुपए की इनामी आरोपी इंद्रा विश्नोई अप्रेल 2012 से गायब थी।
">सीबीआई की टीम ने अपील पर कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। कई बार सामाचार पत्रों में इश्तिहार भी प्रकाशित करवाए गए, लेकिन सीबीआई को इंद्रा विश्नोई के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पाई। खास बात यह भी है कि इंद्रा न तो मोबाइल फोन का उपयोग करती थी और न ही एटीएम या कोई क्रेडिट कार्ड का। किसी भी तरह का इलेक्ट्रिक डिवाइस यूज नहीं करने पर पुलिस को यह भनक तक नहीं लगी कि इंद्रा ने कहां शरण ले रखी है। बता दें कि एटीएस ने आज इंदिरा बिश्नोई को सीबीआई को सौंप दिया । सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने पर इंदिरा का सात दिन का रिमांड मिला है ।



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