डबवाली क्षेत्र की एक ढाणी में हुई घटना, तीनों मृतक कुख्यात गैंगस्टर थे

डबवाली

हनुमानगढ़ जिले मेें संगरिया उपखण्ड क्षेत्र के साथ लगते हरियाणा के डबवाली उपमण्डल के गांव जंडवाला बिश्रोइयान-सुखेराखेड़ा रकबा के बीच एक ढाणी में छिपे हुए तीन हार्डकोर अपराधियों ने आज बड़े तडक़े पुलिस द्वारा घिर जाने पर खुद को गोलियां मारकर आत्महत्या कर ली। इन अपराधियों ने पहले तो बच निकलने के लिए फायरिंग की, लेकिन कोई रास्ता न मिलते देखकर आत्महत्याएं कर लीं। यह तीनों अपराधी हत्या, डकैती, लूटपाट व अपहरण जैसी अनेक संगीन वारदातों में लिप्त थे। यह अपराधी जिस ढाणी में छिपे हुए थे, वहां से भारी मात्रा में असला भी बरामद हुआ है। तीनों अपराधी पंजाब के निवासी हैं। इस सनसनीखेज घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को दिनभर घटनास्थल तथा डबवाली में हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के पुलिस अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। इस बीच आशंकाएं जताई जा रही हैं कि इन बदमाशों को कथित रूप से फर्जी एनकाउंटर में मारा गया है, लेकिन पुलिस अधिकारी इनसे इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो अपराधियों के शव मौके पर से बरामद किये गये हैं, जबकि तीसरा अपराधी घायल था, जिसने अस्पताल में जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

यह हैं तीनों अपराधी

मृतक अपराधियों की पहचान बंटी गैंग के बंटी ढिल्लों उर्फ कमल, फरीदकोट के निशान सिंह जेतों और जिम्पी शूटर उर्फ गोगा के रूप में हुई है। फरीदकोट के एसएसपी डा. नानक सिंह भी घटना की जानकारी मिलने पर डबवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों गैंगस्टर के बारे में कल सुराग मिला था कि वे फरीदकोट क्षेत्र में कहीं हैं। इस पर एक पुलिस टीम ने इनको पकडऩे के लिए वहां छापा मारा, लेकिन वहां से यह तीनों भाग निकले। इसके बाद गैंगस्टर वहां से भागे तो पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। तीनों हरियाणा की ओर भागे और सुखेरां खेड़ा के निकट एक ढाणी में आकर छिप गए। यह ढाणी इनमें से एक गैंगस्टर के रिश्तेदार की बताई जा रही है। यह तीनों पंजाब के देविंदर शूटर गैंंग के सदस्य बताये जा रहे हैं। इनका सम्बंध कुख्यात गैंगस्टर विक्की गोंडर के साथ भी बताया जा रहा है। कुछ अरसा पहले संगरिया के नजदीक चौटाला गांव में एक किन्नू प्लांट में हुए डबल मर्डर केस में भी इस गिरोह का हाथ था।

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मकान में छिपे थे बदमाश

ये गैंगस्टर भाग कर सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के गांव सुखेराखेड़ा रकबा पहुंच गए और एक घर मेें छिप गए। वे गांव में जंडवाला बिश्नोईयां रोड पर ढाणी निक्का सिंह में रुके हुए थे। उन्होंने समझ लिया कि पुलिस टीम को उन्होंने चकमा दे दिया है। तीनों निश्चिंत होकर इस मकान की छत्त पर सो गए। इसी दौरान फरीदकोट पुलिस की टीम को उनका सुराग मिल गया। इस पुलिस टीम ने डबवाली सदर थाना की पुलिस को साथ्ज्ञ लिया और मंगलवार बड़े तडक़े लगभग 4 बजे इस मकान की घेराबंदी कर ली। बदमाशों को पुलिस के आने की आहट लगी तो उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसके बाद बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से काफी देर तक फायरिंग हुई।

बदमाशों के पास से बरामद हथियार

इसके बाद गैंगस्टरों ने खुद को पुलिस से पूरी तरह घिर जाने और भागने का रास्ता नहीं देखा तो खुद को गोली मार ली। इससे बंटी ढिल्लों और जिम्पी शूटर की मौके पर ही मौत गई। तीसरा गैंगस्टर निशान जेतो गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई। बदमाशों के पास से काफी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। बदमाशों ने पुलिस पर 15 राउंड फायर किये, जबकि पुलिस ने तीन राउंड ही फायर किये। बताया जा रहा है कि अचानक से बदमाशों ने फायरिंग बंद कर दी। घेराबंदी किये हुए पुलिस ने कुछ देर तक इंतजार किया। इसके बाद बड़ी सावधानी से पुलिस ने ढाणी में प्रवेश किया तो दो गंैगस्टर मरे हुए थे, जबकि तीसरा घायल था। उसे पुलिस ने तुरंत डबवाली अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे अधिकारी


"> मौके पर जांच करने के लिए पंजाब पुलिस के एक डीआईजी व सिरसा के एसपी सत्येन्द्र गुप्ता पहुंचे। सत्येन्द्र गुप्ता ने बताया कि 2 बदमाशों ने खुद को गोली मारी है, जबकि एक को गोली इन दोनों में से किसी द्वारा मारी गई है। मुठभेड की इस कार्रवाई में पंजाब पुलिस के सीआईए विंग के 17 जवान और हरियाणा पुलिस के सीआईए विंग के पांच जवान शामिल रहे। इन गैंगस्टरों के पास से हथियारों के साथ-साथ 20 हजार की नकदी, तीन-चार मोबाइल फोन और भारी मात्रा में कारतूस मिले हैं। पुलिस ने बताया कि चौटाला में हुए डबल मर्डर केस में यह सभी अपराधी थी। वहीं पंजाब में भी इन पर 14 संगीन मामले दर्ज हैं। डबवाली के सरकारी अस्पताल मेेंं इन तीनों मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम किये गये। शाम को यह शव परिवारजनों को सौंप दिये गये।

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