योजनाबद्ध तरीके से आधी रात को आई घर, और कुछ समय बाद आ गए टीम के बाकी सदस्य  

नकदी, आभूषण व मोबाइल छीना तथा तीन लाख न देने पर बलात्कार के केस में फंसाने की दी धमकी


बीटीटी न्यूज नेटवर्क 


एक सीमेंट कम्पनी के सेल्स मैनेजर को एक युवती से दोस्ती करना महंगा पड़ गया। दोस्ती हो जाने के दो महीने के अंदर ही इस युवती ने इस सेल्स मैनेजर को अपने रंग दिखा दिये। यह युवती योजनाबद्ध तरीके से आधी रात को सेल्स मैनेजर के घर आई। इसके बाद उसका पूरा गिरोह आ धमका। सबने सेल्स मैनेजर को बंधक बना लिया। उसे लगभग चार घंटे तक टॉर्चर करते रहे। फिर सोने की अंगूठी, 25 हजार रुपये और एक कीमती मोबाइल फोन लेकर चलते बने। साथ ही उसे धमकाया कि तीन लाख रुपये नहीं दिये तो वे उसे बलात्कार करने के जुर्म में फंसा देंगे। हैरान कर देने वाली यह घटना श्रीगंगानगर में पॉश एरिया जवाहरनगर के सेक्टर 7 में हुई है। अड़ोस-पड़ोस के लोगों को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी। जवाहरनगर थाना पुलिस के अनुसार सैक्टर 7 के एक मकान में यह सेल्स मैनेजर संजय मिश्रा (42) किराये पर अकेला रहता है। वह मूल रूप से बीकानेर में रानी बाजार क्षेत्र का निवासी है। संजय मिश्रा जेके लक्ष्मी सीमेंट कम्पनी मेें सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत है। जवाहरनगर थाना में सब इंस्पेक्टर कासिम अली ने बताया कि परसों शनिवार की सुबह संजय मिश्रा थाने में आया। उसने 16-17 जून की रात की आपबीती सुनाई। साथ ही उसने लिखित में परिवाद भी दिया। परिवाद में संजय मिश्रा ने बताया कि 16 जून को रात लगभग 11 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी स्कूटी पर दो युवतियां आईं। इनमें एक प्रीत थी, जिसे वह पहले से जानता था। दोनों युवतियों ने कोल्ड ड्रिंक पीने की इच्छा जताई। उसने कहा कि यह कोई समय है कोल्ड ड्रिंक पीने का, लेकिन जब उन्होंने ज्यादा जिद्द की, तो वह उन्हें वहीं चारदिवारी में खड़ा छोडक़र कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए चला गया। 10 मिनट बाद वह कोल्ड ड्रिंक लेकर वापिस आया। दोनों युवतियां भी अंदर मकान में आ गईं। वे तीनों कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर दो पुरुष व दो महिलाएं आ गईं। इन चारों ने घर में आते ही दरवाजा बंद कर दिया। उसे अंदर के कमरे में ले गये। सभी उसे मारने-पीटने लगे। साथ ही धमकाया कि उसने लड़कियों से गलत हरकत की है। वे उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवायेंगी। एसआई कासिम अली ने बताया कि इन सभी छह जनों ने तडक़े सवा 4 बजे तक संजय मिश्रा को उसके घर में ही बंधक बनाये रखा।

">उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडि़त करते रहे। बार-बार उससे बड़ी रकम की मांग करते रहे। साथ ही धमकियां देते रहे कि अगर रकम नहीं दी तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जायेगा। संजय मिश्रा ने बताया कि वह उस दिन रात 8 बजे एटीएम से 25 हजार रुपये निकलवाकर लाया था, जो इन्होंने छीन लिये। उसके पहनी हुई सोने की अंगूठी भी निकाल ली। एचटीसी कम्पनी का उसका महंगा मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में कर लिया। उसकी तस्वीरें खींच लीं। इन तस्वीरों को उजागर करने की धमकियां भी देते रहे। उसे सुबह सवा 4 बजे यह धमकी देकर छोड़ा कि अगले दो-तीन दिनों में वह तीन लाख रुपये का इंतजाम कर ले, नहीं तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया जायेगा।
इस तरह किया टॉर्चर
एसआई कासिम अली ने बताया कि 17 जून को संजय मिश्रा थाने में आया, तो वह चोटिल हालत में था। लिहाजा पहले उसका मेडिकल करवाया गया। प्रीत नामक इस युवती के गिरोह ने उसे बुरी तरह से टॉर्चर किया हुआ था। संजय मिश्रा को उन्होंने बैल्ट और बैट से पीटा। उसकी गर्दन पर बीड़ी से दागे जाने के निशान थे। उसके चेहरे पर थप्पड़, मुक्के मारे, जिससे उसके दांत हिल गये। शरीर पर कईं जगह चोटों के निशान थे। उसकी मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त हो गई है।
पहले जांच, फिर दर्ज किया मुकदमा
पुलिस को संजय मिश्रा की इस आपबीती पर पहले विश्वास नहीं हुआ। लिहाजा उससे लिखित में परिवाद लेकर दो दिन तक उसकी जांच-पड़ताल की गई। इस जांच में ब्लैकमेलिंग के तथ्य काफी हद तक सही पाये जाने पर ही आज सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक यह मामला धारा 384, 379, 342 व 143 में दर्ज किया गया है। इसमें प्रीत के अलावा मंजू और गोपाल नामक तीन जनों को नामजद किया गया है। बाकि तीन जनों को संजय नहीं जानता। मंजू और गोपाल के नाम भी उसने तब सुने, जब उसे टॉर्चर किया जा रहा था। इससे पहले वह इनमें से प्रीत को ही जानता था। जानकारी के अनुसार कथित रूप से प्रीत नाम की यह युवती त्रिपुली के पास किसी कॉलोनी की निवासी बताई जाती है, जो किसी कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करती है या पढ़ाती है। एसआई कासिम अली के मुताबिक संजय मिश्रा की इस प्रीत से दो-अढ़ाई महीने पहले कहीं मुलाकात हुई थी। फिर इनमें जान-पहचान बढ़ गई। प्रीत और उसके गिरोह की तलाश की जा रही है। फिलहाल यह सभी पकड़ से बाहर हैं।

मोबाइल कॉल से पकड़ में आयेगा गिरोह
जेके सीमेंट कम्पनी के सेल्स मैनेजर संजय मिश्रा (45) को अपने जाल में फंसाकर और उसी के घर मेें बंधक बनाकर 25 हजार की नकदी, कीमती मोबाइल फोन व सोने की अंगूठी छीन ले जाने वाली युवती और उसके साथियों का गिरोह एक मोबाइल फोन कॉल की वजह से पुलिस के हत्थे चढऩे वाला है। विगत 17-18 जून की रात को जवाहरनगर के सैक्टर-7 में रहने वाले
"> संजय मिश्रा को प्रीत नामक युवती के एक गिरोह ने उसके ही घर में बंधक बना लिया था। लगभग 4 घंटे तक उसे प्रताडि़त किया गया। बलात्कार के मुकदमे में फंसा देने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की मांग की गई। इसी दौरान संजय मिश्रा की आपत्तिजनक तस्वीरें मोबाइल फोन से खींच ली गईं। पुलिस ने बताया कि बंधक बनाये रखने के दौरान इस गिरोह ने संजय मिश्रा से उसकी पत्नी का मोबाइल फोन नम्बर लेकर उसे कॉल किया था। पत्नी ने फोन अटेंड किया, तो रॉन्ग नम्बर बताकर कॉल काट दी गई थी। संजय मिश्रा की पत्नी के मोबाइल पर जिस नम्बर से फोन आया था, अब उसी की ही पुलिस डिटेल व लोकेशन जानने में लगी हुई है। प्रीत नामक युवती से संजय मिश्रा की दो-तीन महीने से जान-पहचान थी। वह संजय को जिस नम्बर से फोन किया करती थी, वह बंद है। पता चला है कि यह नम्बर भी फर्जी आईडी से लिया गया था। बता दें कि लूटपाट और ब्लैकमेलिंग का यह मामला कल सोमवार को जवाहरनगर थाने में दर्ज हुआ है।


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