त्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक आवासीय स्कूल में पीरियड्स की जांच के लिए 70 छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला सामने आया है। मामले की मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने के बाद बीएसए ने विद्यालय के 9 शिक्षिकाओं को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही सभी की संविदा भी खत्म कर दी गई है। तत्कालीन डीएम ने विद्यालय की वार्डन को तत्काल बर्खास्त कर दिया था और इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे।
खतौली तहसील के तिगई गांव में गत 25 मार्च को वार्डन सुलेखा ने माहवारी की जांच करने के लिए स्कूल की छात्राओं के कपड़े उतरवाए थे। इसके बाद छात्राओं के परिजनों ने स्कूल में आकर हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देख तत्कालीन जिलाधिकारी दिनेश सिंह ने विद्यालय की वार्डन को बर्खास्त कर दिया था।





जांच में दोषी पाए जाने पर टीचर, अकाउंटेंट, चौकीदार और रसोइया समेत 9 लोगों को बर्खास्त कर दिया गया। ये कार्रवाई नियमित और संविदा पर कार्य कर रहे सभी लोगों पर की गई है। जिसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा परमानेंट स्टाफ को पत्र भेजकर सूचित किया गया है। पत्र में लिखा है कि, मजिस्ट्रेट जांच में दोषी पाए जाने पर आपकी सुविधा समाप्त की जा रही है। जबकि पार्टटाइम स्टाफ को ये सूचना अभी फोन पर ही दी गई है।

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