श्रीगंगानगर

रोटी, कपड़ा और मकान इंसान की प्राथमिक जरूरत है तथा सत्ता पर काबिज सरकारों की भी जिम्मेदारी बनती है कि यह हर इंसान तक पहुंचे। हालांकि विभिन्न स्कीमों में लोगों को घर बनाने व मरम्मत के लिए ग्रांट तो दी जाती हैं, लेकिन वह किन लोगों को मिलती है यह बात भी किसी से छुपी नहीं है। चाहे अतिक्रमण गैर कानूनी है, लेकिन अतिक्रमण हटाने वालों को अतिक्रमण होते समय ही दिख जाएं तो हालात ऐसे न हों। प्रशासनिक सुस्ती का फायदा उठाकर शहर की पुरानी आबादी वार्ड नंबर तीन में आशियाने बनाकर रह रहे करीब डेढ़ दर्जन परिवार उस समय सडक़ पर आ गए जब प्रशासन को इन कब्जों को हटाना याद आ गया।

नगरपरिषद ने अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत शनिवार को पुरानी आबादी के वार्ड नं. 3 मेें लगभग डेढ़ दर्जन गरीब परिवारों के आशियाने ढहा दिये। नगरपरिषद ने इस अभियान के तहत कब्जे हटाने के लिए गोल बाजार सहित शहर के ब्लॉक एरिया व अन्य कईं मुख्य मार्गांे पर लाल निशान लगाये थे। कार्रवाई इन्हीं इलाकों में की जानी थी, लेकिन इस इलाके को एक बार छोड़ते हुए सीधे पुरानी आबादी के प्रभू चौक के आसपास गरीब लोगों के कब्जे तोड़ दिये गये। सुबह 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर तक चली। इस दौरान डेढ़


दर्जन से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई आयुक्त सुनीता चौधरी, राजस्व अधिकारी मिलखराज चुघ, सहायक अभियंता मंगतराम सेतिया, स्वास्थ्य अधिकारी नरेश झोरड़ व सफाई निरीक्षक सुमित फुटेला की अगुवाई में की गई। इनके साथ बड़ी संख्या में नगरपरिषद के कर्मचारी भी थे। एक जेसीबी मशीन को लगाकर इन मकानों को तोड़ दिया गया। हालांकि नगरपरिषद ने इन कब्जाधारियों को अपने कब्जे हटा देने के लिए पहले ही मुनियादी करवाकर चेतावनी दे दी थी। फिर भी इन लोगों ने अपने कब्जे नहीं हटाये। ज्यादातर कब्जे गंदे पानी के खड्डे के किनारों पर किये हुए हैं।


यह कब्जे इलाके के वार्ड पार्षदों और अन्य सफेदपोश लोगों की शय पर नगरपरिषद की मिलीभगत से ही किये हुए हैं। अब यह गरीब लोग खुली सडक़ पर आ गये हैं। प्रभावित हुए लोग देर शाम तक ट्रेक्टर-ट्रॉलियों व अन्य साधनों से अपना सामान कहीं ओर शिफ्ट करने में लगे रहे। इन लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिला। शहर में ब्लॉक एरिया, गोल बाजार सहित अनेक मुख्य मार्गांे पर प्रभावशाली लोगोंं द्वारा किये हुए कब्जों की तरफ नगरपरिषद ने आंखें बंद कर रखी हैं। इनके कब्जे हटाने की कार्रवाई को बार-बार कोई ना कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
कब्जा हटाने की कार्रवाई में नया मोड़
इस बीच नगर विकास न्यास द्वारा दो दिन पूर्व साधु कॉलोनी में हटाये गये दो कब्जों के मामले में शनिवार को नया मोड आ गया। इस कार्रवाई से प्रभावित हुए एक मकान मालिक की पत्नी ने अपने पड़ोसी पर छेड़छाड़ करने और बुरी नियत रखने का आरोप लगाते हुए आज शनिवार को महिला थाना में मुकदमा दर्ज करवा दिया। पुलिस के अनुसार महिला के आरोप पर उसके पड़ोस में रहने वाले मोहनलाल पर घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि इस महिला द्वारा किये हुए कब्जे को उसके एक पड़ोसी की शिकायत पर नगर विकास न्यास ने दो दिन पूर्व तुड़वा दिया था। न्यास ने लगे हाथ


शिकायत करने वाले पड़ोसी के मकान की पैमाइश की तो उसका भी एक हिस्सा कब्जे का पाया गया। शिकायतकर्ता पड़ोसी के कब्जे को भी उसी समय तोड़ दिया गया था। उक्त महिला इस कार्रवाई के दौरान अपने घर से बाहर नहीं निकल रही थी। तब महिला पुलिसकर्मियों ने उसे खींचकर बाहर निकाला था। अब इस महिला ने अपने उसी पड़ोसी पर छेड़छाड़ व गलत नजर रखने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है, जिसने यूआईटी को शिकायत की थी।

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