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Saturday, July 22, 2017

अपडेट-शातिर राजबाला से पूछताछ में कईं सनसनीखेज खुलासे- सीमा क्षेत्र में नकली करंसी का चलन- महाराष्ट्र से आ रही खेप

  सरहदी इलाके में नकली भारतीय मुद्रा चलाये जाने के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ 

  
राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर और बीकानेर जिलों में नकली करंसी चलाने का कारोबार कर रही शातिर राजबाला से पुलिस ने आज कड़ी पूछताछ करनी शुरू कर दी। इस पूछताछ में अनेक चौका देने वाले खुलासे हुए हैं। यह खुलासे इन दोनों जिलों के सीमावर्ती इलाकों में तैनात खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ पुलिस की मौजूदगी पर भी गम्भीर सवाल खड़े कर रहे हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि चक 3 केडी निवासी लगभग 50 वर्षीय राजबाला महाराष्ट्र में यवतमाल जिले के नक्सल प्रभावित इलाके से नकली नोट लेकर आती थी। इन नोटों को वह अपने गिरोह के जरिये आगे बेचती थी। वह खुद दो-तीन बार यवतमाल जिले के दिगरिस क्षेत्र में जाकर डेढ़-डेढ़ लाख के नोटों की खेप लेकर आई थी। उसका इस इलाके से गहरा सम्बंध होना भी उजागर हुआ है। यही नहीं राजबाला दिगरिस पुलिस द्वारा सात अन्य व्यक्तियों के साथ गिरफ्तार भी हो चुकी है, जो कि दो-अढ़ाई महीने तक जेल में रही थी। नकली नोटों के लिए राजबाला का सम्पर्क दिगरिस की एक शातिर महिला असमा बीबी से है, जो इन दिनों आंध्रप्रदेश पुलिस की गिरफ्त में बताई जाती है। वह आंध्रप्रदेश में नकली नोट के मामले में पकड़ी गई थी।


दिगरिस महाराष्ट्र में आंध्रप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के समीप स्थित है। ऐसे इलाके से राजस्थान के बॉर्डर एरिया में नकली नोट निर्बाद्ध रूप से लाया जाना और उसे खुलेआम चलाना सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है। खुफिया एजेंसियों के लिए यह जांच का एक बड़ा विषय है।

यवतमाल में भाई व बेटे का ससुराल

पुलिस के अनुसार राजबाला बिश्रोई (पत्नी कालूराम उर्फ जगदीश बिश्रोई) के चार संतानें थीं। दो संतानों का निधन हो चुका है। उसके अब दो पुत्र हैं। इनमें से एक पुत्र तथा उसके दो भाई दिगरिस में विवाहित हैं।  बताया जा रहा है कि इन तीनों की शादी इस इलाके में जात-बिरादरी की उपयुक्त लड़कियां न मिलने पर कथित रूप से इनके लिए पत्नियां दिगरिस से खरीदकर लाई गईं। बेटे व भाइयों का ससुराल दिगरिस में होने के कारण राजबाला का अकसर वहां आना-जाना होता रहता था। इसी दौरान चक 3 केडी में ही स्वामी परिवार ने अपने पुत्र का इसी तरह यवतमाल क्षेत्र की लडकी से विवाह करवाने के लिए राजबाला से सम्पर्क किया। वह युवक और उसके परिवार के तीन-चार जनों को फरवरी 2016 में दिगरिस ले गई। वहां साठ हजार रुपये में सौदा होने पर इस युवक की कथित रूप से शादी करवा दी।

पुलिस ने छापा मारकर पकड़ा

यह कथित शादी हो जाने के बाद राजबाला बिश्रोई और उसके साथ गये लोग दुल्हन को लेकर वापिस रवाना होने वाले थे, तभी वहां की स्थानीय पुुलिस को इस सौदेबाजी की शादी की भनक लग गई। वहां की पुलिस ने छापा मारकर इनके साथ-साथ लडक़ी को शादी के नाम पर बेचने वालों को भी काबू कर लिया। कुल 8 व्यक्तियों को मानव तस्करी के जुर्म मेें गिरफ्तार किया गया। राजबाला सहित इन सभी आठ जनों को दो-अढ़ाई महीने तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रहना पड़ा। जमानतें होने के बाद यह लोग जेल से छूट पाये, लेकिन इस केस की तारीख-पेशियों के कारण वहांं जाने-आने का सिलसिला अभी भी चल रहा है। इसी दौरान राजबाला का सम्पर्क वहां नकली नोट का धंधा करने वालों से हो गया।

ऐसे की नुकसान की भरपाई

बकौल पुलिस मानव तस्करी के मामले में जमानत में छूटने के बाद राजबाला बिश्रोई को पता चला कि उन्हें पकड़वाने के पीछे उन्हीं लोगों का हाथ था, जिन्होंने साठ हजार के बदले में स्वामी परिवार के युवक की लडक़ी से शादी करवाई थी। इन्हीं लोगों ने स्थानीय पुलिस को मुखबरी की थी। बाद में इसका उलाहना देने पर इन लोगों ने उसके साथ राजीनामा कर लिया। राजीनामा के तौर पर उसके नुकसान की भरपाई करने का वायदा किया। भरपाई नकली नोटों की शक्ल में की गई। इन्हीं लोगों ने राजबाला को 100-100 के नकली नोट के रूप में डेढ़ लाख की पहली खेप दी, जिसे रावला क्षेत्र में लाकर राजबाला ने अपने सम्पर्क के लोगों के माध्यम से आगे बेचकर चलवा दिया। इसके बाद राजबाला को नकली नोटों का यह ध्ंाधा रास आ गया। वह दो-तीन बार दिगरिस गई। इसके अलावा भी उसके पास नकली नोटों की खेपे पहुंचाई गईं।
कम्प्यूटर स्कैन से बनाये नोट
पुलिस के मुताबिक गुरुवार की छापेमारी में राजबाला के ठिकाने से जब्त किये गये 100-100 के 256 नोट कम्प्यूटर स्कैन करके बनाये हुए हैं। इनमेें एक ही नम्बर के 10-10 नोट हैं। देखने से ही साफ पता चल रहा है कि यह नोट कम्प्यूटर से स्कैन किये हुए हैं, लेकिन कागज की क्वालिटी बेहतर होने के कारण जल्दी से इसका पता नहीं चला। पुलिस के अनुसार चूंकि यह नोट कम्प्यूटर से स्कैन किये हुए हैं और किसी दूसरे देश से आई हुई नकली करंसी नहीं है, इसलिए खुफिया एजेंसियां इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहीं। अगर दूसरे देश, विशेषकर पाकिस्तान से यह नकली करंसी आई होती, तो खुफिया एजेंसियां पूरी गहनता से जांच-पड़ताल करतीं, लेकिन सीमा क्षेत्र से मामला जुड़े होने के कारण यह खुफिया एजेंसियों के लिए जांच का मामला बनता है।
दो बार किया खुदकुशी का प्रयास
राजबाला का पति गांव में आटा चक्की चलाता है। इन दोनों मियां-बीवी की आपस में खटपट चलती रहती है। साथ-साथ रहते हैं, लेकिन झगड़े-फसाद व तकरार भी होती रहती है। ऐसे ही मनमुटाव के चलते राजबाला दो बार कथित रूप से खुद को जलाकर मारने की कोशिश कर चुकी है। उसके दोनों पैरों पर जलने के निशान हैं। गुरुवार को रावला पुलिस ने पूछताछ के लिए जगदीश बिश्रोई को भी थाने में लेकर आई, लेकिन उसे बाद में छोड़ दिया गया। उसकी कोई संदिग्ध भूमिका अभी तक सामने नहीं आई। बताया जाता है कि वह खुद राजबाला के ऐसे कारनामों के कारण परेशान है।
यवतमाल जायेगी पुलिस
राजबाला को गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग 12 बजे रावला से श्रीगंगानगर लाया गया। रावला थाना के एसआई रामप्रसाद द्वारा दी गई रिपेार्ट के आधार पर यहां कोतवाली में नकली नोट का मामला दर्ज किया गया। नकली नोटों की जांच के लिए कोतवाली नोडल पुलिस थाना है। आज राजबाला को कोर्ट में पेश किया गया। उसका 24 जुलाई तक का रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पूछताछ मुकम्मल होने के बाद नकली नोटों के बारे में और जांच करने के लिए यहां से पुलिस टीम यवतमाल जायेगी। इस बीच खाजूवाला पुलिस ने गुरुवार को जिन आठ व्यक्तियों को ऐसे ही 13 हजार के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था, उन्हें आज कोर्ट में पेश करने पर पूछताछ के लिए एक दिन का रिमांड मिला है।



20 july
पिछले काफी समय से 100-100 रुपये के नकली नोट चलाये जा रहे थे

राजस्थान के सरहदी इलाके में नकली भारतीय मुद्रा चलाये जाने के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ हुआ है। नकली करंसी चलाने वाले एक गिरोह को काबू करते हुए पुलिस ने एक महिला को भी हिरासत में लिया है। यह महिला ही इस इलाके में नकली नोट चला रही थी। गिरोह में और भी बहुत लोग शामिल हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पाकिस्तान सीमा से लगते श्रीगंगानगर जिले के रावला तथा बीकानेर जिले के समीपवर्ती खाजूवाला इलाके में पिछले काफी समय से 100-100 रुपये के नकली नोट चलाये जा रहे थे, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ है। गुरुवार को रावला और खाजूवाला पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला सहित नौ जनों को हिरासत में लिया, जिनके कब्जे से लगभग 40 हजार के नकली नोट बरामद हुए हैं। अभी और नोट बरामद होने की भी सम्भावना है। यह नकली नोट महाराष्ट्र से लाये जा रहे थे, जो देखने में बिल्कुल असली प्रतीत होते हैं। इस गिरेाह के पकड़ में आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गयी हैं। एजेंसियां पकड़े गये सभी 9 जनों के बारे में खोज-पड़ताल कर रही हैं। रावला और खाजूवाला के थानों में एजेंसियों के अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है।

ठेके के सेल्समैन ने पकड़वाया

नकली नोट चलाने वाले इस गिरोह को पकड़वाने में खाजूवाला शहर में एक शराब ठेके के सेल्समैन की अहम भूमिका रही है। इस ठेके पर पिछले चार-पांच दिनों से दिनभर की बिक्री मेें 100 के एक या दो नोट नकली निकल रहे थे। चूंकि दिन में बहुत सारे लोग शराब खरीदने के लिए आते थे, इसलिए पता नहीं चल पाता था कि कौन नकली नोट दे गया। मगर नकली नोट देकर शराब ले जाने वाले को दबोचने के लिए सेल्समैन ने हर नोट को चैक करना शुरू कर दिया। कल शाम को इस ठेके पर नकली नोट से शराब लेने के लिए आये एक युवक को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।

बृहस्पतिवार को दोपहर तक चली छापेमारी

खाजूवाला मेें डीएसपी इस्माइल खां और थानाप्रभारी विक्रम चारण की टीमों ने रात भर इलाके में छापेमारी की। ठेके पर 100 का नकली नोट चलाते हुए पकड़े गये युवक से पूछताछ कर अहम जानकारियां जुटाई गईं। रातभर चली इस छापेमारी में खाजूवाला इलाके से ही सात जनों को काबू किया गया। आज सुबह खाजूवाला पुलिस की एक टीम रावला पहुंची। रावला पुलिस को साथ लेकर चक 3 केडी में छापे मारे। यहां से एक महिला व एक युवक को हिरासत में लिया गया। इसके बाद मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई शुरू हुई। खाजूवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आठ जनों को हिरासत में लिया है। इनके कब्जे से कुल 13 हजार रुपये मिले हैं, जो सभी 100-100 के नोट हैं। रावला पुलिस ने अलग मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें अभी सिर्फ महिला को ही हिरासत में लिया गया है। इस महिला के घर से 100-100 के 256 नोट, यानि 25 हजार 600 रुपये बरामद किये गये हैं।

इन लोगों को पुलिस ने धर दबोचा

रावला क्षेत्र में चक 3 केडी निवासी राजबाला बिश्रोई (45) इस गिरोह की सरगना है। वह आगे नोट सप्लाई करती थी। पुलिस ने बताया कि राजबाला के साथ इस धंधे में कईं लोग जुड़े हुए हैं, जिनकी पहचान कर धरपकड़ के प्रयास किये जा रहे हैं। रावला थाना में उससे खुफिया एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं। उधर, खाजूवाला पुलिस ने प्रेम कुमार राव भाट, शंकर कुम्हार, सुबोध बिश्रोई निवासी खाजूवाला, अरविन्द बिश्रोई निवासी चक 12 केएनडी, रविन्द्र बिश्रोई चक 10 एलडी, शंकर कुमार चक 12 पीकेडी-पुगल, चंदूराम जाट चक 10 केएलडी और सोहनलाल जाट चक 4 केवाईडी को हिरासत में लिया है। इनमें अरविन्द बिश्रोई, राजबाला बिश्रोई के सम्पर्क में था। वहीं उससे नोट लाकर खाजूवाला इलाके में सप्लाई करता था।

चार महीने पहले ही हो सकता था भंडाफोड़

इस गिरोह का भंडाफोड़ चार महीने पहले हो जाता, अगर रावला पुलिस ने एक मामले को गम्भीरता से लिया होता। उस समय इसी उपखण्ड इलाके के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कथित रूप से नकली नोट के मामले को दबा दिया। ऐसी चर्चा आज इस इलाके में उभरकर आई। जानकारी के अनुसार विगत मार्च महीने में होली के आसपास रावला इलाके में जुए के एक अड्डे पर नकली नोट से जुआ खेलने की बात को लेकर झगड़ा-मारपीट हो गई थी। इसका मुकदमा भी रावला थाना में दर्ज हुआ। जब तफ्तीश में आया कि झगड़े का कारण नकली नोट से जुआ खेलने का कारण था। तब जिन लोगों पर नकली नोट चलाने का संदेह हुआ, उन्हीं की ही जाति-बिरादरी के एक आलाधिकारी ने मामला वहीं ठप कर दिया। तफ्तीश का रुख ही बदल दिया। उस समय जो लोग संदेह के घेरे में आये थे, उन्हीं में से अब एक-दो जने नकली नोट चलाने के आरोप में पकड़े गये हैं।

शुक्रवार को राजबाला को लाया जाएगा गंगानगर

रावला मेें दर्ज हुए नकली नोट प्रकरण की आगे की जांच श्रीगंगानगर में कोतवाली के प्रभारी राहुल यादव द्वारा की जायेगी। जिले में नकली नोट प्रकरणों की जांच के लिए कोतवाली ही नोडल पुलिस स्टेशन है। रावला थाने मेें आज शाम दर्ज हुए मुकदमे की पत्रावली के साथ राजबाला को कल सुबह श्रीगंगानगर के लिए रवाना किया जायेगा। यहां लाये जाने पर खुफिया एजेंसियों के संयुक्त केन्द्र में भी राजबाला से पूछताछ सम्भावित है। बताया जा रहा है कि इस धंधे में राजबाला के परिवार के कुछ और लोग भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार राजबाला के यहां महाराष्ट्र से भी नकली नोट लाये जाते थे। वह उन्हें आगे बहुत कम रेट पर बेचती थी। पुलिस के मुताबिक 100-100 के 10 नकली नोट सिर्फ 250 रुपये में बेचे जाते थे। यह नोट आगे पांच सौ रुपये में बेच दिये जाते थे। यानि 1000 रुपये के नकली नोट 5000 रुपये मेें मिलते थे। सीधा दुगुना मुनाफा
होता था। इस गिरोह के उजागर होने पर अब रावला व खाजूवाला ही नहीं, बल्कि आसपास के सभी सरहदी गांवों व कस्बों में सवाल उठ खड़ा हुआ है कि न जाने कितनी बड़ी मात्रा में 100-100 के नकली नोट इस इलाके में चलन मेें आ चुके हैं। यह पूरा इलाका पाकिस्तान सीमा से सटे होने के कारण वैसे भी काफी संवेदनशील है। खुफिया एजेंसियों के लिए तो यह और भी ज्यादा गम्भीर सवाल है कि इतने लम्बे समय से नकली नोट चल रहे थे और उन्हें भनक तक नहीं लगी।

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