धांधलियों की खबरों से आया ठगने का आइडिया तो बन गया फर्जी जांच अधिकारी - BTTNews

Breaking

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

POLL- PM KON ?

Saturday, July 29, 2017

धांधलियों की खबरों से आया ठगने का आइडिया तो बन गया फर्जी जांच अधिकारी


श्रीगंगानगर

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चल रहे प्रशिक्षण केन्द्रों में भारी धांधलियों व गड़बडिय़ों का समाचार अखबारों में पढक़र रमेश राजपुरोहित को इन केन्द्रों के संचालकों को ठगने का आइडिया आया था। हनुमानगढ जंक्शन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये रमेश राजपुरोहित के कब्जे से उसके द्वारा बनाये गये फर्जी आईडी कार्ड को बरामद करते हुए उसे आज कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रमेश को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिये। जांच अधिकारी एएसआई दर्शन ङ्क्षसह ने बताया कि रमेश पुत्र शीशपाल राजपुरोहित मूल रूप से चूरू जिले में बदरेवा गांव का निवासी है। वह लगभग 4 वर्ष से हनुमानगढ़ में रह रहा है। दो वर्ष तक उसने अपने चाचा के पास रहकर पढ़ाई की। इसके बाद उसने जंक्शन में रोडवेज डीपो के सामने एक बिल्डिंग की ऊपर वाली मंजिल किराये पर लेकर उसमें कम्प्यूटर सेंटर खोल लिया। साथ ही एनएम पीजी कॉलेज में पढ़ाई करने लगा। उसने पिछले वर्ष एमकॉम की है। अब वह एसएससी की तैयारी कर रहा था। पूछताछ में रमेश ने बताया कि लगभग डेढ महीना पहले उसने अखबारों में पढ़ा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण केन्द्रों में भारी धांधली और गड़बडिय़ा हो रही हैं। तब उसे आइडिया आया कि इन केन्द्रों के संचालकों को डरा-धमकाकर पैसा ऐंठा जा सकता है। उसने अपने कम्प्यूटर सेंटर मेें ही इस योजना का एक वरिष्ठ अधिकारी होने का फर्जी आईडी कार्ड बनाया। इसके बाद वह इन केन्द्रों मेें जाकर जांच-पड़ताल करने लगा। एएसआई ने बताया कि पुछताछ व जांच-पड़ताल में पता चला है कि रमेश अभी तक तीन केन्द्रों पर ही गया था। वहां जाकर उसने केन्द्रों के रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की। उनके संचालकों को गड़बडिय़ां होने का डर दिखाया। उन्हें



केन्द्र बंंद करवा देने की धमकी तक दी। एएसआई ने इस बात से इंकार किया है कि रमेश राजपुरोहित ने अभी तक किसी केन्द्र संचालक से कोई रकम नहीं ली है। कोई और केन्द्र का संचालक भी अभी तक सामने नहीं आया, जिसने रमेश को कोई रकम दी हो। लिहाजा रमेश राजपुरोहित पर केन्द्र संचालकों को ब्लैकमेल करने की धारा 384 के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उसने फर्जी आईडी कार्ड बनाकर और अधिकारी बनकर केन्द्रों की जांच-पड़ताल की, इसलिए उसे धारा 420 के अलावा 419, 468, 471 और 170 के तहत उसे गिरफ्तार किया गया है। आज शाम कोर्ट मेें पेश करने पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बता देें कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के स्टेट हैड अरूण कुमार सिंह ने हनुमानगढ़ जिले मेें कतिपय केन्द्र संचालकों द्वारा एक व्यक्ति के फर्जी अधिकारी बनकर उनके केन्द्रों की जांच-पड़ताल करने के बारे में कुछ दिन पहले शिकायत की थी। अरूण कुमार सिंह और उनकी टीम ने गुप्त रूप से इसकी जांच-पड़ताल की, जिससे यह रमेश राजपुरोहित संदेह के घेरे में आ गया। कल शुक्रवार को अरूण कुमार सिंह ने हनुमानगढ़ आकर जंक्शन थाने में इस मामले की जानकारी देते हुए रमेश को रंगे हाथ पकड़वा दिया। उसके खिलाफ दर्ज करवाये गये मुकदमे में अरूण कुमार सिंह ने रमेश पर केन्द्र संचालकों को धमकाकर रुपये ऐंठने का आरोप भी लगाया, लेकिन अब पुलिस का कहना है कि रमेश ने किसी से रुपये नहीं ऐंठे हैं। लेकिन उसने जो फर्जीवाडा किया है, उसके तहत उसे गिरफ्तार किया गया है।

No comments:

Post a Comment