चंडीगढ़ , 14 जुलाई:
कोई सियासी बदलाखोरी ना करने के अपने स्टैंड को दोहराते हुये पंजाब सरकार ने आज नहरी विभाग के 857 पटवारियों को शुद्ध मैरिट के आधार पर रोजगार पत्र देने का फैसला किया है जैसे कि हाल ही में पारदर्शिता की कमी के कारण अनेकों आंगनवाड़ी वर्करों की नियुक्ति रदद की है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कियह दोनो फैसले कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकारी द्वारा पिछली बादल द्वारा के समय अपने कुशाासन के अंतिम महीनों दौरान की नियुक्तियों व फैसलों का जायजा लेने के प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रवक्ता ने पटवारियों को लम्बे समय से रूके नियुक्ति पत्र देने के बारे मे सरकार के फैसले का बेतुका अर्थ निकालने के लिए अकाली लीडरशिप का मजाक उडाय़ा है। प्रवक्ताने कहा कि दोनों बाद यह बताने के लिए तत्पर लगते है कि उन्होने भी पंजाब व यहां के लोगो के लिए कुछ अच्छा किया हे। उन्होने कहा कि बादलों की बयानबाजी से पंजाब में उनके पिछले दस वर्षो के शासनकाल की हुई चारों तरफ निदंा की निराशा स्पष्ट झलकती है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रारभिंक रूप में पटवारियो की नियुक्ति प्रक्रिया सही पाई गई जबकि पिछली सरकार द्वारा आंगनवाडी वर्करो की नियुक्ति की विभागीय जांच दौरान कई नियुक्तियों में गंभीर अनियमिताए सामने आई जिस कारण ऐसी नियुक्तियों कोरदद करने का फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा ओर बाल एवं महिला विकास विभाग को गलत नियुक्तियों की तह तक जांच करके उचित कार्यवाही करने के आदेश दिये उन्होने विभाग को नई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को यकीनी बनाने के लिए कहा।
प्रवक्ता ने विस्तार में बताया कि अकाली भाजपा सरकार ने राज्य के 114 आंगनवाडी केन्द्रों में 49 वर्कर ओर 25 हैल्परों के पद भरे थे। इसके अतिरिक्त 545 मिनी सैँटरों में आंगनवाडी वर्करों की भर्ती श्ुारू की गई थी । उन्होने बताया कि पहले हुई 153 नियुक्तिया तो ठीक पाई गई जबकि 391 नियुक्तियां जो पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय पर की गई थी में गंभीर अनियमिताए सामने आने के कारण रदद कर दी।
प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकार राज्य में रोजगार देने को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है क्योकि इस समय राज्य बेरोजगारी की गंभीर समस्या से जूज रहा है। उन्होने कहा कि किसी भी योग्य उम्मीदवार को नौकरी से उस समय तक नही हटाया जाएगा जब तक नियुक्ति में कानून का उलंघना या जनतक नेक नीति विरूद्ध कोई पक्ष सामने ना आए।
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