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Monday, July 31, 2017

जब सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे... रफी के गानों पर झूमे उनके गांव वासी और फैन्स


श्री गंगानगर से पहुंचे कलाकारों ने जमाया रंग, सदाबहार गायक मोहम्मद रफी द्वारा गाये हुए गीतों की छेड़ी तान

कोटला सुल्तान सिंह

पंजाब में अमृतसर जिले में पाकिस्तान सीमा के नजदीक कोटला सुल्तानसिंह गांव के लोग उस समय झूम उठे, जब श्रीगंगानगर के गायक कलाकारों ने एक के बाद एक सदाबहार पार्शव गायक मोहम्मद रफी द्वारा गाये हुए गीतों की तान छेड़ी। इसी छोटे से गांव में वर्ष 1924 में हाजी मोहम्मद अली के घर में मोहम्मद रफी का जन्म हुआ था।  


उनकी 37वीं पुण्यतिथि के मौके पर इस गांव के लोगों के सहयोग से इस बार की शाम, रफी साहब के गांव के नाम से श्रीगंगानगर में मोहम्मद रफी के चहेतों की गठित संस्था द-रफियन्स की ओर से आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गांव के उसी एलीमेंट्री स्कूल परिसर में किया गया, जहां मोहम्मद रफी की प्राथमिक शिक्षा हुई थी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में न केवल कोटला सुल्तानसिंह, बल्कि आसपास के कईं गांवों के लोग बड़े उत्साह के साथ पहुंचे। रविवार सायं 6.30 बजे कार्यक्रम का आगाज हुआ। तत्पश्चात् लगातार अढ़ाई घंटे तक मोहम्मद रफी के गाये गीतों की स्वर लहरियां गूंजती रही। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, द रफियन्स के गायक कलाकार और संगीतज्ञों का जादू सिर चढक़र बोलने लगा। ग्रामीण मदमस्त होकर गीतों की तान पर झूमने लगे। कार्यक्रम का संयोजन कपिल कालड़ा ने बड़े सधे हुए अंदाज में किया। फाजिल्का के संगीतकार हर्ष जुनेजा ने मोहम्मद रफी के ही गाये शब्द- मित्तर प्यारेयां नूं कहना... से कार्यक्रम का आगाज किया गया। इसके बाद सुशील बवेजा, हन्नी बहारो फूल बरसाओ व चाहे कोई मुझे जंगली कहे, विक्की शर्मा ने आदमी मुसाफिर है, शशिकांत वर्मा ने ये रेशमी जुल्फें, स्वर्णकार संघ अबोहर के प्रधान कृष्ण वर्मा ने ये मेरा प्रेम पत्र पढक़र, सुधीर गोयल ने बड़ी दूर से आये हैं, प्यार का तोहफा लाये हैं, जितेन्द्र अरोड़ा ने कौन है जो सपनों में आया, शिवानी कश्यप और यादविन्द्र सिंह एडवोकेट ने कितना प्यारा वादा व सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था, आर्केटेक्चर रूपम खुंगर ने आसमां से आया फरिश्ता, संजय जागृत ने खुदा भी आसमां से पूछता होगा..., रफी के ही गाये हुए गीतों को प्रस्तुत कर समां बांध दिया। 


कोटला सुल्तानसिंह के ही अवतार सिंह बब्बू ने नफरत की दुनिया छोडक़र... गीत सुनाकर न केवल अपनी गायन प्रतिभा का परिचय दिया, बल्कि यह भी जाहिर किया कि आज भी गांव के लोगों के लिए मोहम्मद रफी प्रेरणादायक स्रोत हैं। चंडीगढ़ से आये रतन सिंह ने गुरुबाणी का शबद गाकर सराबोर किया। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए कपिल कालड़ा ने की-बोर्ड पर, केसी ने पैड पर, वासुदेव ने ढोलक पर, मोनू एवं यादविन्द्र सिंह ने गिटार पर, साहिल व हर्ष जुनेजा ने बांसुरी पर बड़े सधे व प्रभावपूर्ण अंदाज में संगत की। कार्यक्रम का समापन विक्की शर्मा ने मोहम्मद रफी के एक बेहद लोकप्रिय गीत- हां तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे, जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे, संग-संग गुनगुनाओगे के साथ किया। इस गीत की प्रस्तुति में उपस्थित लोगों ने भी अपना साथ दिया। माहौल पूरी तरह से रफीमय हो गया। गांव के सरपंच निर्मल सिंह, आयोजन में सक्रिय सहयोग देने वाले नवजोत सिंह और गुरबीर सिंह ने कार्यक्रम की बेहद सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 में मोहम्मद रफी का देहांत होने के बाद कोटला सुल्तानसिंह ने पूरी तरह से मोहम्मद रफी को समर्पित और श्रद्धांजलि देने के लिए इस तरह का यह पहली बार आयोजन हुआ है। इसी मौके पर मोहम्मद रफी चैरिटेबल एण्ड कल्चरल सोसायटी होशियारपुर के संस्थापक सदस्य एवं पंजाब सरकार के क्लास वन ऑफिसर गुलजार सिंह कालकट ने बताया कि मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर उनकी संस्था ने भी कार्यक्रम का आयोजन रखा था, लेकिन द रफियन्स द्वारा उनके गांव में यह कार्यक्रम आयोजित करने का पता चला, तो उनकी संस्था ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। सभी इस कार्यक्रम को देखने व सुनने के लिए कोटला सुल्तानसिंह आ गये। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए संयोजक कपिल कालड़ा ने कहा कि उनका श्रीगंगानगर से लगभग साढ़े 300 किमी दूर आकर यह कार्यक्रम करने का मकसद सिर्फ इतना है कि न केवल रफी साहब को आज की युवा पीढ़ी जाने पहचाने, बल्कि उनके गांव को एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पूरी दुनिया में पहचान दिलाई जाये। उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि इस गांव में रफी साहिब की याद में म्यूजियम बनाया जाये। यहां पर उनकी पुण्यतिथि पर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किये जायें। गांव वालों की तरफ से आये हुए सभी गायक कलाकारों और साजिंदों का सम्मान किया गया।



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पंजाब के गांव कोट सुल्तान में रफी को याद करेंगे उनके फैन्स 

देशभर में गायक मुहम्मद रफी को उनकी 37वीं पुण्यतिथि पर विशेष तौर पर किया जाएगा याद

जाने-माने सदाबहार गायक मोहम्मद रफी की 37वीं पुण्यतिथि पर इस बार पंजाब में उनके पैतृक गांव में कार्यक्रम आयोजित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए श्रीगंगानगर से उनके कद्रदानों की संस्था रफीयन्स से जुड़े गायक कलाकार और संगीतकार रविवार को पंजाब में मोहम्मद रफी के पैतृक गांव कोट सुल्तान सिंह जायेंगे।

मोहम्मद रफी का पुराना निवास तथा कोट सुल्तान में कार्यक्रम आयोजन स्थल स्कूल

 यह सभी कलाकार और कद्रदान रविवार सुबह 6 बजे श्रीगंगानगर से रवाना होंगे। पंजाब में लुधियाना जिले में मजीठा गांव के नजदीक कोट सुल्तान में, जहां 1930 में मोहम्मद रफी का जन्म हुआ था। रफीयन्स संस्था के संचालक कपिल कालड़ा ने आज बताया कि कोट सुल्तान में 30 जुलाई की शाम 6 बजे भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया जायेगा। इसका फेसबुक पर लाइव प्रसारण होगा। कईं टीवी चैनल भी इसकी कवरेज के लिए पहुंचेंगे। कपिल कालड़ा ने बताया कि लगभग दो घंटे के इस कार्यक्रम के आयोजन में कोट सुल्तान के ग्रामीण भी बढ़-चढक़र सहयोग कर रहे हैं। कोट सुल्तान में मोहम्मद रफी की बरसी पर इस तरह का यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम उस स्कूल परिसर में किया जायेगा, जिसमें रफी साहब पढ़ा करते थे। इस गांव में आज भी मोहम्मद रफी का मकान अवस्थित है। इस आयोजन को लेकर जहां श्रीगंगानगर में मोहम्मद रफी के कद्रदान व गायक कलाकारों व संगीतकारों में उत्साह है, वहीं कोट सुल्तान गांव के लोग भी इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा अगले दिन 31 जुलाई की शाम को श्रीगंगानगर में राष्ट्रीय कला मन्दिर के ऑडिटोरियम में भी मोहम्मद रफी की स्मृति में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
बीकानेर में भी होगा कार्यक्रम
मोहम्मद रफी को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इस बार बीकानेर में भी उनके चाहवान भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम हरीभवन पैलेस मेें अपराह्न आरम्भ होगा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रकोष्ठ तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सांवरलाल रंगा, रफीक सागर, गुलाम हुसैन, शंकर व्यास, मुन्ना सरकार, राजाराम टाक, पीसी टाक, मुनील भाई, नवदीप बीकानेर, एम रफीक कादरी, किसना सोलंकी आदि गायक कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। मुख्य अतिथि यूआईटी के चेयरमैन महावीर रांका होंगे। नगर निगम के महापौर नारायण चौपड़ा, वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर सोलंकी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रदेश प्रभारी डॉ. मीना आसोपा, युधिष्ठर भाटी, सुनील बांठिया और सुरेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लेाग शिरकत करेंगे।

दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम

मोहम्मद रफी को अकीकद पेश करने के लिए मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में 31 जुलाई की शाम 5.30 बजे सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में होगा। इसमें जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। जानकारी के अनुसार फिल्म अभिनेता शक्ति कपूर, स्व. मोहम्मद रफी के पुत्र शाहीद रफी, संगीत निदेशक- पद्मश्री आनंद जी, वीरजी शाह, संगीत निर्देशक इस्माइल दरबार, बॉलीवूड और सियासी हस्तियां कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी।

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