अवैध पटाखा कारखाना में विस्फोट, चार मरे- कारखाना भवन सहित चार मकान गिरे - BTTNews

ताजा अपडेट

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

Saturday, July 08, 2017

अवैध पटाखा कारखाना में विस्फोट, चार मरे- कारखाना भवन सहित चार मकान गिरे

कइयों के मलबे में दबे होने की आशंका

बीकानेर में नयाशहर थाना क्षेत्र में दाऊजी मन्दिर के पीछे डूडी सिपाहियान मोहल्ले की एक तंग गली में अवैध रूप से पटाखे बनाने के कारखाने में शुक्रवार दोपहर को भयानक विस्फोट हुआ, जिससे इस कारखाने का भवन और आसपास के तीन मकान ढह गये। कारखाने और इन भवनों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में चार व्यक्तियों की मौत हो गई तथा एक दर्जन से अधिक घायल व झुलस गये। इनमें तीन जनों की हालत नाजुक है। विस्फोट की आवाज से यह पूरा इलाका दहल गया। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस का अमला तत्काल ही राहत और बचाव कार्य में जुट गया। बीकानेर में स्थित राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। गिरे हुए भवनों के मलबे में अभी भी कईं जनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। आग पर काबू पाने में दर्जनों दमकल वाहनों और सैकड़ों दमकलकर्मियों को लगभग तीन घंटे लगे। इस तरह रह-रहकर कारखाने में रखे हुए पटाखे फूटते रहे। जानकारी के अनुसार यह घटना दोपहर करीब पौने 11 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले जोरदार धमाका हुआ, फिर लगातार पटाखे फूटने की आवाजें आने लगीं। कुछ ही क्षण में कारखाना भवन ढह गया। फिर इसके बगल का मकान, पीछे का मकान और सामने के मकान का अग्रभाग भी गिर गया। इन सब भवनों में रहने वाले ही ज्यादातर लोग इस हादसे की चपेट मेें आये हैं। मृतकों व घायलों में कारखाने के कर्मचारी व मजदूर भी शामिल हैं। दमकल कर्मियों, पुलिसकर्मियों व एसडीआरएफ की टीमों को मलबे में दबे शवों व घायलों को निकालने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि यह कारखाना बेहद तंग गली में था। वहां तक न दमकल पहुंच सकती थी, न एम्बुलेंस और न ही मलबा हटाने के लिए जेसीबी। प्रशासन ने ट्रेक्टर के जुगाड़ वाली एक छोटी जेसीबी का इंतजाम करवाया। यह जेसीबी आग बुझने के बाद मलबा हटाने में लगाई जा सकी। इस बीच लोग हाथों से ही मलबा हटाकर शवों व घायलों को निकालने में लगे रहे। दमकलकर्मियों को कारखाने तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 60 मीटर लम्बी पाइपों का इस्तेमाल करना पड़ा। सभी घायलों को और मृतकों के शवों को पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर एवं मुर्दाघर में ले जाया गया। घटनास्थल पर तथा अस्पताल में भारी भीड़ देर शाम तक जमी रही। राहत और बचाव के कार्य देर रात समाचार लिखे जाने तक जारी थे। मलबे के नीचे कईं जनों के दबे होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन छोटी जेसीबी मशीनों का इंतजाम करने में लगा है।

यह है मृतक और घायल



 प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे में चार जनों के मारे जाने की पुष्टि प्रशासन ने की है, हालांकि अपुष्ट सूत्रों ने मृतकों की संख्या 5 बताई है। इनमेें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। दो घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतकों में जहरूल कुरैशी (55) पत्नी साजिद कुरैशी और बलराज शामिल हैं। अपुष्ट सूत्रों ने दो अन्य मृतकों के नाम शांतिलाल एवं अरूण बताये हैं। घायलों में जुबेदां (55) पत्नी मुराद बख्श, विजय उपाध्याय (65) पुत्र सत्यनारायण उपाध्याय, वाजिद (22) पुत्र साजिद, शुभम (22) पुत्र पांचीलाल, साजिद (58) पुत्र हमीद खां, प्रकाश (22) पुत्र ताराचंद, खालिद (26) पुत्र साजिद, सीता (55) पत्नी विजय कुमार, अनमोल (2) पुत्र लालचंद, गायत्री (21) पत्नी लालचंद, शबाना (20) पत्नी शाबिर अहमद और लालचंद (31) पुत्र विजय कुमार शामिल हैं। इनमें से एक-दो मृतक और घायल एक ही परिवार के सदस्य हैं।

एक लाइसेंस पर दो कारखाने

बीकानेर के जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने मीडिया को बताया कि दाऊजी मन्दिर के पीछे सोनगिरी कुआ के पास चलाया जा रहा पटाखों का यह कारखाना कैलाश पारीक नामक शख्स का है। यह कारखाना कैलाश पारीक अवैध रूप से चला रहा था। कैलाश पारीक पटाखा व्यवसायी है। उसने बीकानेर के नजदीक बच्छासर में पटाखे बनाने की फैक्टरी लगा रखी है, जिसका उसके पास लाइसेंस है। उसने दूसरी फैक्टरी सोनगिरी कुआ इलाके में घनी व तंग गलियों वाली आबादी के एक मकान में अवैध रूप से लगा रखी थी। जिसमें आज यह भयानक हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि कैलाश पारीक के पास जिस फैक्टरी का लाइसेंस है, उसका भी नवीनीकरण नहीं हुआ है। इस हादसे के बाद से कैलाश पारीक गायब है। पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। इस बीच घटनास्थल पर पुलिस महानिरीक्षक विपिन कुमार पांडे भी दलबल सहित पहुंचे। उन्होंने सारे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। इस हादसे के कारणों की प्रशासनिक जांच भी होगी।

भीड़ बनी बाधा

पटाखा कारखाना में लगी आग को बुझाने के लिए जहां दमकल और पुलिसकर्मी जूझ रहे थे, वहीं हजारों की तादाद मेें तमाशबीनों की भीड़ इसमेंं बाधा बन गई। तंग गलियों के बीच घुस आई इस भीड़ को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य करना मुश्किल हो रहा था। भीड़ में असामाजिक तत्व भी घुस आये, जिनकी नजर ध्वस्त हुए मकानों में कीमती सामान पर थी। लिहाजा मौके पर मौजूद पुलिस बल बार-बार भीड़ को हटाने का प्रयास करता रहा, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई। ऐसे में पुलिस बल को कईं बार हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। भीड़ को बार-बार वहां से खदेड़ा गया। भीड़ में शामिल अनेक समाजसेवी लोग राहत एवं बचाव कार्य में जी-जान से जुटे रहे। कतिपय समाजसेवियों ने राहत एवं बचाव के कार्य नाकाफी देखते हुए अपने स्तर पर पानी के टैंकरों का इंतजाम किया। उन्हें प्रशासन ने आगे गलियों तक जाने दिया।

मुआवजे और जांच की मांग



 पटाखा कारखाना मेें हुए इस विस्फोट में मारे गये और घायल हुए लोगों के आश्रितों व इलाज के लिए बीकानेर के अनेक संगठनों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। साथ ही इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की भी मांग की है। घटनास्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जियाउर रहमान सहित अनेक कांग्रेसी नेता पहुंचे। उधर, सत्तारूढ़ भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी पीडि़त हुए लोगों और उनके परिवार वालों की मदद के लिए भागदौड़ करते रहे। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों के लिए मुआवजा राशि शीघ्र ही घोषित किये जाने की सम्भावना है। घायलों को जहां पीबीएम में इलाज के लिए समुचित व्यवस्था करवाई गई है, वहीं उनको भी आर्थिक सहायता दिये जाने की सम्भावना है।


No comments:

Post a Comment