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Sunday, July 23, 2017

अपडेट : पत्नी को छेडऩे से रोकने पर नहीं बल्कि प्रेम संबंधों में बाधा बनने कारण की थी हत्या



बीस दिन पहले कर ली थी कत्ल की तैयारी

सिगलीगर मोहल्ले से खरीदा 4 हजार में देसी कट्टा

 अपने कथित प्रेम सम्बंध में बाधा बन रहे दीपक मिड्ढा को मौत के घाट उतारने के लिए मुख्य अभियुक्त वीरेन्द्र उर्फ विपिन रामगढिय़ा ने करीब 20 दिन पहले ही तैयारी कर ली थी। दीपक मिड्ढा को गोली मारने के लिए उसने पुरानी आबादी के सिगलीगर मोहल्ले से देसी कट्टा और एक कारतूस खरीदा था। इसके लिए उसने चार हजार रुपये की कीमत चुकाई। बहुचर्चित दीपक मिड्ढा हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने रिमांड पर चल रहे विपिन रामगढिय़ा की निशानदेही पर उसके ही घर में छिपाकर रखे हुए 32 बोर के इस देसी कट्टे को बरामद कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किये गये मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है। यह मोटरसाइकिल विपिन के इन्दिरा कॉलोनी में स्थित घर के पास रहने वाले उसके एक पड़ोसी का है। विपिन और उसका सहयोगी दीपक उर्फ दीपू 24 जुलाई तक रिमांड पर है। पुलिस इनसे पूछताछ और बरामदगिया कर कत्ल की सभी कडिय़ों को जोडऩे में लगी हुई है। इसी क्रम में दीपक की पत्नी से भी कड़ी पूछताछ करते हुए उसके बयान दर्ज किये गये हैं। पुलिस के मुताबिक इस पूछताछ में दीपक की पत्नी ने विपिन के साथ उसके मकान में किराये पर रहने के दौरान अच्छी जान-पहचान और दोस्ती हो जाने तक की बात को कबूल किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जब दीपक को शक होने लगा और उसने रोक-टोक दिया, तब उसने विपिन से दोस्ती खत्म कर दी। मोबाइल फोन बंद कर दिया। सिम कार्ड को तोड़ दिया। यही नहीं, दीपक ने इन्दिरा कॉलोनी में विपिन का किराये पर लिया हुआ मकान खाली कर दिया। वे लोग राणाप्रताप कॉलोनी में आकर रहने लगे। पुलिस के अनुसार दीपक की पत्नी ने बताया है कि बावजूद इसके विपिन उसके पीछे पड़ा हुआ था। वह वापिस दोस्ती करना चाहता था, लेकिन उसने साफ मना कर दिया था। इस बारे में उसने दीपक को बता दिया था। दीपक ने विपिन को राणाप्रताप कॉलोनी में उनके यहां आने-जाने से रोक दिया था। इसी कारण विपिन ने अपने यहां कभी मजदूरी के काम पर लगे दीपक उर्फ दीपू को साथ में लाया। इन दोनों ने दीपक को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देने की योजना बनाई। योजना के तहत विपिन ने सिगलीगर मोहल्ले से चार हजार रुपये में 32 बोर का देसी कट्टा खरीदा। साथ ही उसका एक कारतूस भी लिया। इस एक गोली से ही विपिन ने पिछले रविवार को रात्रि लगभग साढ़े 8 बजे सूरतगढ़ रोड ट्रेक्टर एण्ड ऑटोमोबाइल मार्केट में मोटरसाइकिल पर सवार दीपक मिड्ढा (28) पुत्र रिशिकेश मिड्ढा को गोली मार दी, जब वह दुकानों-मकानों में खाने के टिफिन की डिलीवरी कर रहा था। यह एक गोली ही दीपक के लिए घातक साबित हुई। तीन दिन बाद उसकी लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि विपिन को साथ लेकर दो बार सिगलीगर मोहल्ले में छापेमारी की गई है, जिससे वह देसी कट्टा लेकर आया था। उसे देसी कट्टा बेचने वाले की पहचान तो हो गई है, लेकिन वह अभी गायब है। इस मामले में उसकी भी गिरफ्तारी सम्भावित है।



20 जुलाई  
 
पुलिस की जांच-पड़ताल से दीपक मिड्ढा हत्याकांड में एक नया मोड़ आ सकता है। हालांकि पुलिस अभी इस बारे में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। ज्यादा खुलासा करने से भी बच रही है। अभी तक पुलिस मृतक दीपक की पत्नी के साथ मुख्य अभियुक्त वीरेन्द्र उर्फ विपिन रामगढिय़ा द्वारा कथित रूप से छेड़छाड़ करना, उसका पीछा करना और राणाप्रताप कॉलोनी स्थित उसके घर के आसपास चक्कर काटना ही बता रही है, लेकिन पुलिस को जो विपिन रामगढिय़ा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल मिली है, उससे नये ही संकेत मिल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक विपिन और दीपक की पत्नी के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रहती थी। बातचीत करने के लिए दोनों तरफ से कॉल किये जाते थे। लिहाजा यह मामला अब सिर्फ छेड़छाड़, पीछा करने और घर के आसपास चक्कर काटने तक सीमित नहीं रहता है। मामले में नया मोड़ यह आने की सम्भावना है कि विपिन और दीपक की पत्नी में गहरे सम्बंध थे। इन्हीं सम्बंधों की भनक लग जाने के कारण दीपक मिड्ढा ने इन्दिरा कॉलोनी में किराये पर लिये हुए विपिन रामगढिय़ा के मकान को छोड़ दिया था। वह राणाप्रताप कॉलोनी में आकर रहने लगा था। इसके बावजूद इनके सम्बंध बने रहे, जिस पर दीपक ने लगाम कसने की कोशिश की थी, लेकिन विपिन ने उसे ही गोली मारकर अपने रास्ते से हटा दिया। आज विपिन और उसके साथ दीपक उर्फ दीपू पुत्र लक्ष्मण निवासी चक 6 ए को कोर्ट में पेश किया गया। इन दोनों का  24 जुलाई तक का रिमांड प्राप्त हुआ है। डीएसपी (शहर) तुलसीदास पुरोहित ने कहा कि अभी जांच बिल्कुल प्रारम्भिक स्तर पर है। लिहाजा फिलहाल यकीन के साथ नहीं कहा जा सकता कि विपिन और मकतूल की पत्नी के बीच सम्बंध कहां तक थे। अभी इस विषय पर पूरी जांच की जानी बाकी है।

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19 जुलाई श्रीगंगानगर
स्थानीय सूरतगढ़ रोड ट्रेक्टर एण्ड ऑटोमोबाइल मार्केट में विगत रविवार की रात को  मोटरसाइकिल पर जा रहे युवक दीपक मिड्ढा को गोली मारकर फरार हुए दोनों युवकों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। रविवार को हुई इस घटना में गंभीर जख्मी दीपक ने मंगलवार की देर शाम लुधियाना में उपचार दौरान दम तोड़ दिया। उस के शव को बुधवार शाम लुधियाना से श्रीगंगानगर लाकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब गिरफ्त में लिये गये दोनों युवकों विपिन रामगढिय़ा और उसके साथी दीपू की निशानदेही पर उस देसी कट्टे को बरामद करने के लिए प्रयासरत है, जिससे दीपक पर फायर किया गया था। स्थानीय एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन दीपक को कल मंगलवार सुबह हालत गम्भीर हो जाने पर तपोवन ट्रस्ट द्वारा मुहैया करवाई गई एम्बुलेंस के जरिये लुधियाना ले जाया गया था। वहां डीएमसी अस्पताल में देर रात उसकी मौत हो गई। आज सुबह सदर थाना से एसआई चंद्रजीत सिंह को लुधियाना भेजा गया, जो दोपहर को शव लेकर वापिस श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुए। शाम करीब 5 बजे यहां पहुंचने पर जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। राणा प्रताप कॉलोनी निवासी दीपक पुत्र ऋषिकेश मिड्ढा के शव को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया। इससे पहले मंगलावर देर रात को पुलिस ने इन्दिरा कॉलोनी निवासी विपिन रामगढिय़ा को काबू कर लिया। पूछताछ के आधार पर उसके साथी चक 6 ए निवासी दीपू को भी आज तडक़े पुलिस ने धर-दबोचा। इन दोनेां से अब पूछताछ चल रही है। वारदात में इस्तेमाल किये गये देसी कट्टे व मोटरसाइकिल को जब्त करने की कार्रवाई चल रही है। विगत रविवार रात्रि साढ़े 8 बजे दीपक मिड्ढा, जोकि अपने घर पर टिफिन सेंटर चलाता था, सूरतगढ़ रोड ट्रेक्टर एण्ड ऑटोमोबाइल मार्केट में एक दुकान पर टिफिन की डिलीवरी करके आगे जा रहा था। तभी उस पर पीछे से आये विपिन रामगढिय़ा और उसके साथियों ने फायर कर दिया था। फायर दीपक के पेट में लगा। पुलिस के मुताबिक अंदरुनी अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण दीपक की मौत हो गई। हालांकि यहां निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर पेट में से गोली निकाल दी गई थी, फिर भी दीपक की जान नहीं बच पाई।
पुलिस ने साधी चुप्पी
दीपक हत्याकांड में पुलिस ने अभी तक उन कारणों के बारे में पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है, जिस वजह से इस हत्या को अंजाम दिया गया। दीपक मिड्ढा पूर्व में इन्दिरा कॉलोनी में विपिन रामगढिय़ा के मकान में किराये पर रहता था। बकौल पुलिस तब दीपक की पत्नी के साथ विपिन कुछ ज्यादा ही घुल-मिल गया था। दीपक को तब इन पर संदेह होने लगा था। इस कारण उसने विपिन का मकान छोड़ दिया। राणा प्रताप कॉलोनी में दूसरा मकान किराये पर लेकर रहने लगा। बावजूद इसके विपिन ने दीपक के यहां आना-जाना नहीं छोड़ा। इस पर दीपक ने विपिन को अपने यहां आने-जाने पर रोकना-टोकना शुरू कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इसी कारण विपिन ने दीपक को गोली मार दी। इसके लिए उसने कुछ अरसा पहले अपने मकान में निर्माण कार्य के दौरान मजदूरी पर लगाये युवक दीपू को अपने साथ में लाया। मजदूरी करने के दौरान दीपू-विपिन में दोस्ती हो गई थी। पुलिस ने विपिन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल कर ली है। इस कॉल डिटेल मेें क्या कुछ आया है, इस पर भी पुलिस ने चुप्पी साधी हुई है।

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  16 जुलाई 

मामला दर्ज, एक मुल्जिम की पहचान, तलाश में छापेमारी

श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ रोड स्थित न्यू ट्रेक्टर एण्ड ऑटोमोबाइल मार्केट में रविवार रात को मोटरसाइकिल पर जा रहे एक युवक को गोली मार दिये जाने की घटना का मामला सदर थाना पुलिस ने आज शाम दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी कुलदीप वालिया ने बताया कि 30 वर्षीय दीपक मिड्ढा को गोली मारकर घायल कर देने के आरोप में मुकदमा उसके पिता ऋषिकेश मिड्ढा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर इन्दिरा कॉलोनी निवासी विपिन रामगढिय़ा व उसके एक अज्ञात साथी पर दर्ज किया गया है। पेट में गोली लगने से गम्भीर जख्मी हुए दीपक मिड्ढा का आज एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट में लगी गोली को निकाल दिया, जो कि 32 बोर के पिस्तौल से चलाई गई है। इस बीच पुलिस ने रात को ही विपिन रामगढिय़ा को दबोचने के लिए इन्दिरा कॉलोनी स्थित उसके घर पर छापा मारा। आज भी पुलिस उसकी तलाश में लगी रही। विपिन और उसका साथी वारदात करने के बाद से फरार है। थानाप्रभारी ने बताया कि अपने घर में टिफिन सेंटर चलाने वाला दीपक मिड्ढा दो-तीन महीने पहले तक इन्दिरा कॉलोनी में विपिन रामगढिय़ा के मकान में ही किराये पर रहता था। अब वह राणा प्रताप कॉलोनी में रह रहा है। पुुलिस के अनुसार  दीपक मिड््ढा जब इन्दिरा कॉलोनी में रह रहा था, तभी विपिन रामगढिय़ा उसकी पत्नी पर गलत नजर रखने लगा था।


 इसका पता चलने पर दीपक ने उसका मकान छोड़ दिया और राणाप्रताप कॉलोनी में आकर रहने लगा। बावजूद इसके विपिन उनके राणा प्रताप कॉलोनी स्थित घर के आसपास चक्कर काटने लगा। समझाने-बुझाने पर भी विपिन नहीं माना। वह कथित रूप से दीपक मिड्ढा की पत्नी के कहीं भी आने-जाने के दौरान उसका पीछा करता था। ऋषिकेश मिड््ढा ने आज दर्ज करवाये मुकदमे में भी इसी बात का उल्लेख किया है कि विपिन उसकी पुत्रवधू पर गलत नजर रखता था। दीपक मिड्ढा इसका विरोध करता था। इसी कारण विपिन और उसके साथी ने उसके पुत्र की जान लेने की कोशिश की। घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि दीपक कल रात अपने मोटरसाइकिल पर खाने के टिफिन की डिलीवरी देने के लिए निकला हुआ था। करीब साढ़े 8 बजे वह सूरतगढ़ रोड ट्रेक्टर एण्ड ऑटोमोबाइल मार्केट में एक शॉप पर टिफिन देने के बाद वह जैसे ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे रवाना हुआ, विपिन और उसका साथी मोटरसाइकिल पर उसके पीछे लग गये। कुछ ही दूर जाकर उन्होंने दीपक के चलते मोटरसाइकिल पर ही फायर कर दिया, जो उसके बगल मेें लगा। गोली पेट में जाकर अटक गई। इसके बाद विपिन और उसका साथी भाग गये। दीपक


मोटरसाइकिल चलाते हुए सूरतगढ़ रोड हाइवे पर आ गया, जहां उसे गश्ती पुलिस दल  मिल गया। गश्ती पुलिस दल के पास आकर उसने मोटरसाइकिल रोका और बताया कि किसी ने उसके गोली मार दी है। गश्ती पुलिस में मौजूद हवलदार मालचंद और उसके साथी पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल में ले जाकर भर्ती करवा दिया। देर रात को दीपक को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। आज उसका ऑपरेशन किया गया। पुलिस ने बताया कि धारा 307 और आम्र्स एक्ट की धारा 27 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आज पुलिस ने घटनास्थल के नजदीक एक ट्रेनिंग सेंटर के बाहर लगे सीसी कैमरे की फुटेज को चैक किया। इसमें दीपक मिड्ढा के मोटरसाइकिल के पीछे दूसरे मोटरसाइकिल पर विपिन और उसका साथी जाते हुए दिखाई दिये हैं, लेकिन आगे जाकर गोली कहां मारी, यह नहीं पता चला। पुलिस आसपास लगे और सीसी कैमरों की फुटेज चैक कर रही है।

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