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Sunday, July 23, 2017

चौकीदार की नृशंस हत्या- चोरी करने आये तीन संदिग्ध युवकों ने सरिये से पीट-पीटकर मार डाला



 श्रीगंगानगर में कोतवाली क्षेत्र में स्थित मुख्य गोल बाजार में कपड़ों की सबसे बड़ी मार्केट-प्रताप मार्केट में बीती रात तीन अज्ञात संदिग्ध व्यक्तियों ने अधेड़ चौकीदार की लोहे के सरिये से पीट-पीटकर नृशंस हत्या कर दी। चौकीदार की हत्या कर दिये जाने का आज सुबह लगभग सवा 9 बजे पता चला, जब प्रताप मार्केट खुलने पर एक चाय की दुकान पर काम करने वाले लड़के ने एक दुकान के आगे चौकीदार उमेशचंद्र पांडे (55) को खून से लथपथ मरे हुए देखा। इस लडके ने मार्केट में खुली हुई एक दुकान के संचालक को जाकर बताया कि चौकीदार की मौत हो गई है। यह दुकानदार मौके पर आ ही रहा था कि इतने में वहां चौकीदार का पुत्र आनंद भी आ गया। वह अपने पिता को देखने आया था कि वे अभी तक घर क्यों नहीं आये। चौकीदार को रक्तरंजित हालत में पड़े देखकर और उसकी नृशंस हत्या कर दिये जाने की खबर आग की तरह फैल गई। लगभग साढ़े 9 बजे इत्तला मिलने पर मौके पर कोतवाल राहुल यादव दलबल सहित पहुंचे। पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर अवर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह तथा डीएसपी तुलसीदास पुरोहित ने लगभग दो घंटे तक प्रताप मार्केट में रहकर घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। मौके पर एफएसएल तथा एमओबी की टीमों को भी बुला लिया गया। उसी दौरान

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पुलिस को घटनास्थल से चार-पांच दुकान दूर एक प्रतिष्ठान पर लगे सीसी कैमरे की फुटेज मेें वह तीन संदिग्ध युवक दिखाई दे गये, जिन पर चौकीदार की हत्या करने का शक है। प्रथम दृष्टया पुलिस का कहना है कि यह वारदात रात को इस मार्केट में किसी दुकान में चोरी करने के दौरान अंजाम दी गई है। चौकीदार की लाश मार्केट के अंदर दुकान नम्बर 48-49 में स्थित फर्म अग्रवाल ब्रदर्स के बरामदे में लकड़ी एक काउंटर के साथ फर्श पर पड़ी हुई मिली। ऊपर पंखा चल रहा था। इस दुकान के ठीक दूसरी तरफ अजीत कुमार की दुकान जगदीश हंैडलूम के एक शटर का ताला टूटा हुआ मिला। यह शटर आधा ऊपर उठा हुआ था। इस दुकान के गल्ले में से वारदात करने वाले 400-500 रुपये की नकदी ले गये। गल्ले में इतनी ही नकदी पड़ी थी। दुकान में किसी ओर सामान में छेड़छाड़ नहीं की गई है। लगभग 70 दुकानों वाली इस मार्केट मेें किसी और दुकान में चोरी या नकबजनी नहीं हुई है। मृतक चौकीदार उमेशचंद्र पांंडे पुरानी आबादी में वार्ड नं. 3 मेें माइक्रोवेव टावर के पास रहता था। पुलिस ने घटनास्थल पर लगभग दो घंटे तक जांच-पड़ताल करने, मार्केट के दुकानदारों और मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से पूछताछ करने के बाद इस शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मुर्दाघर भिजवा दिया।

ड्यूटी की पहली रात को हत्या

प्रताप मार्केट एसोसिएशन के सचिव विष्णु ने बताया कि उमेशचंद्र पांंडे को मार्केट के कईं दुकानदारों व पदाधिकारियों से सलाह मशवरा कर कल ही चौकीदारी के लिए लगाया था। वह शनिवार रात पहली बार ड्यूटी पर आया था। इससे पूर्व मार्केट में जिस नेपाली बहादुर को चौकीदार रखा हुआ था, वह अपने गांव चला गया था। जाते हुए वह अपनी जगह दूसरे नेपाली बहादर को ड्यूटी पर रख गया था,्र लेकिन यह दूसरा नेपाली बहादुर एक दिन की ड्यूटी में आने के बाद फिर ड्यूटी मेें नहीं आया। पिछले तीन दिनों से मार्केट में कोई चौकीदार नहीं था। दुकानदार खुद मार्केट के चारों गेट रात को बंद करके जाते थे। उमेशचंद्र पांडे की पहली रात को ड्यूटी देते समय नृशंस हत्या कर दी गई।

जुटाई जा रही है फुटेज

सुबह लगभग साढ़े 9 बजे घटनास्थल पर आते ही पुलिस ने मार्केट में अन्य दुकानों पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज को चैक करना शुरू कर दिया। मार्केट में कुछ दुकानों पर सीसी कैमरे लगे हुए हैं। अग्रवाल ब्रदर्स, जिसके बरामदे में चौकीदार की हत्या की गई है, से चार-पांच दुकान दूर एक दुकान के बाहर लगे सीसी कैमरे में तड़के लगभग सवा 2 बजे तीन संदिग्ध युवक जाते हुए दिखाई दिये हैं। इनमें दो युवक बिल्कुल साफ दिख रहे हैं। तीसरे युवक के सिर्फ पांव ही दिखाई दे रहे हैं। इन तीन युवकों पर ही चौकीदार की हत्या करने का पूरा संदेह है। आज रविवार होने के कारण मार्केट मेें लगभग सभी दुकानें बंद हैं। जिन दुकानों पर कैमरे लगे हैं, पुलिस उनके संचालकों को बुलाकर फुटेज चैक करवाने के लिए कह रही है। पुलिस के लिए परेशानी यह भी है कि कईं दुकानदार रात को जाते समय केैमरे बंद कर जाते थे। संदिग्ध युवकों ने प्रताप मार्केट में गोल बाजार के अम्बेडकर चौकी की तरफ खुलने वाले गेट की ओर से प्रवेश किया। इस मार्केट के बाकि तीन गेटों पर चैनल गेट लगे हैं। अम्बेडकर चौक वाले गेट पर हाल ही शटर लगाया गया था। यह शटर आज सुबह बाहर से बंद मिला था। पुलिस इस गेट के बाहर गोल बाजार की विभिन्न दुकानों व शोरूम पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज भी जुटाई गई, ताकि इन तीनों संदिग्धों के चेहरे भी दिखाई दे सकें।

शटर बाहर से बंद

प्रताप मार्केट के दुकानदार संजय बंसल ने बताया कि वह सुबह करीब 9 बजे जब अपनी दुकान पर जाने के लिए आया, तो अम्बेडकर चौक के गेट पर लगा शटर बंद था। यह शटर हैंडल से खोला जाता है। उसके साथ एक दुकानदार नरेश आहूजा भी था।उन्होंने इधर-उधर हैंडल देखा तो वह नहीं मिला। इस पर वे नरूला पनीर हाऊस पर जाकर उनके शटर का हैंडल लेकर आये, जिससे शटर को खोला। शटर खोलने के बाद जब वह अपनी दुकान नम्बर 33 की तरफ जा रहा था, तब उसके साथ ही चाय वाले लड़के ने भी मार्केट में प्रवेश किया था। संजय बंसल ने बताया कि अपनी दुकान की तरफ जाते हुए उसने रास्ते में जगदीश हैंडलूम का शटर आधा खुला हुआ देखा। यह देखकर उसका माथा ठनका कि इतनी जल्दी यह दुकान कैसे खुली हुई है, जबकि मार्केट के चारों गेट बंद थे। वह अपनी दुकान पर आकर जगदीश हैंडलूम के संचालक को फोन करने वाला ही था कि इतने में चाय वाले लड़के ने आकर बताया कि चौकीदार की लाश पड़ी है। तभी चौकीदार का पुत्र भी वहां आ गया।

बेटे ने लगवाया चौकीदार

मृतक चौकीदार उमेशचंद्र पांडे मूल रूप से उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का निवासी है। वह अपने परिवार के साथ सात वर्ष पहले श्रीगंगानगर आया था। उसके पांच बेटे व दो पुत्रियां हैं। सबसे बड़ा बेटा आंनद टैम्पो चलाता है। उससे छोटा बेटा प्रताप मार्केट में ही बिट्टू सिडाना की दुकान टीएम टैक्सटाइल पर काम करता है। जब इस बेटे को पता चला कि मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी किसी को चौकीदार रखने के लिए ढूंढ रहे हैं, तब उसने अपने पिता को चौकीदार लगवाने की बात कही। कल दिन में उसने आकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से पिता को मिलवाया। इसके बाद पदाधिकारियों व मार्केट के कईं दुकानदारों ने उमेश को चौकीदार  रख लेने पर सहमति जताई। तय किया गया कि मार्केट के लगभग सभी 70 दुकानदार डेढ़ सौ रुपये महीना चौकीदार को देंगे। मृतक पांडे इससे पहले मोहनपुरा मार्ग पर एक बाग में माली का काम करता था। रात 10 बजे उसका पुत्र ही जाते समय पिता के साथ मिलकर मार्केट के तीन चैनल गेट बंद करवाकर गया था। अम्बेडकर चौक वाला गेट इसलिए खुला रखा था, क्योंकि तब तक दो-तीन दुकानदार अपनी दुकानों पर बैठे काम कर रहे थे। पुलिस इन दुकानदारों से भी पूछताछ करने जा रही है कि रात को वे कब गये थे। उनके जाते समय चौकीदार ने शटर बंद किया था या नहीं।

अनेक लोग शक के दायरे में

पुलिस की शुरूआती जांच-पड़ताल में ही अनेक लोग शक के दायरे में आ रहे हैं। इसी मार्केट में एक दुकान का निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों ने इस निर्माणाधीन दुकान का बड़ी गहनता से निरीक्षण किया। दुकान में भारी मात्रा में सरिये, पाइप के टुकड़े, इनको काटने वाले ओजार, जिनमें हैक्साफ्रेम व हैक्सा ब्लेड आदि शामिल हैं, भरे पडे हैं। पुलिस का अनुमान है कि चौकीदार की जिस सरिये से हत्या की गई, वह इसी दुकान से लिया गया होगा। पुलिस इस दुकान में लगे मजदूर्रोंं-मिस्त्रियों के नाम-पते हासिल कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब कर रही है। साथ ही इस मार्केट में पूर्व में जो चौकीदार रह चुके हैं, उनको भी बुलाया जा रहा है। यही नहीं, प्रताप मार्केट के बाहर गोल बाजार के अम्बेडकर चौक, गांधी चौक, केदार चौक और स्वामी दयानंद मार्ग आदि बाजारों में रात को चौकीदारी करने वालों और जिन पुलिसकर्मियों व होमगार्ड की रात्रि गश्त के लिए इन इलाकों में ड्यूटी लगी हुई थी, उन सबको भी पूछताछ के लिए बुला लिया गया है।

सोते हुए मार डाला

प्रारम्भिक जांच-पड़ताल के आधार पर पुलिस अधिकारियों का अंदाजा है कि संदिग्ध व्यक्तियों ने इस मार्केट में रात को आते ही इस चौकीदार को सोते हुए को मौत के घाट उतार दिया। चूंकि मार्केट के चारों गेट बंद थे, इसलिए चौकीदार उमेशचंद्र पांडे अग्रवाल ब्रदर्स दुकान के बरामदे में रखे लकड़ी के काउंटर पर ऊपर चल रहे पंखे के नीचे निश्चिंत होकर सो गया था कि इस मार्केट में चोरी करने के लिए कहीं से प्रवेश नहीं किया जा सकता। पुलिस का अनुमान है कि रात को चोरी या नकबजनी करने के लिए आये संदिग्ध युवक जब मार्केट के अंदर घूमकर जायजा ले रहे होंगे कि किस दुकान पर हाथ साफ किया जाये, तभी उन्होंने इस चौकीदार को सोते हुए देखा होगा। चोरी-नकबजनी करते समय खटका होने की आवाज से चौकीदार उठ न जाये, इसलिए उसे पहले ही उन्होंने ठिकाने लगा दिया। काउंटर पर सोये हुए चौकीदार के सिर में इतने वार किये कि वह तरबूज की तरह फट गया। खून के छींटे शटर पर जा गिरे। तड़पते हुए चौकीदार काउंटर से नीचे आ गिरा। चारों तरफ खून ही खून बिखर गया। इस दुकान के बिल्कुल सामने सार्वजनिक नल है, सम्भवत: अपराधियों ने वहां हाथ धोये।

वैज्ञानिक तरीके से जांच-पड़ताल

चौकीदार के इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने के लिए लोगों ने पहली बार श्रीगंगानगर में पुलिस को बेहद उच्च तकनीक और वैज्ञानिक तरीके से जांच पड़ताल करते देखा। घटनास्थल पर ऐसी प्रोफेशनल जांच के लिए पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर न केवल खुद दो घंटे तक मौजूद रहे, बल्कि उन्होंने एमओबी और एफएसएल की टीमों को अपने पूरे उपकरणों के साथ तलब किया। कोतवाली से अतिआधुनिक इंवेस्टिगेशन किट मंगवाई। जब से यह किट कोतवाली मेंं मिली है, सम्भवत: पहली बार आज उसका उपयोग किया गया। शव के आसपास जितनी भी संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, उन सबको सुरक्षित तरीके से जब्त किया गया। उन पर से फिंगर प्रिंट और खून के धब्बे आदि उठाये गये। एमओबी और एफएसएल की टीमों ने निर्माणाधीन दुकान का भी निरीक्षण किया। वहां से भी कईं संदिग्ध वस्तुएं जब्त की गई हैं। शव के आसपास देसी और अंग्रेजी शराब के पव्वे पड़े हुए मिले हैं। प्लास्टिक के खाली गिलास भी मिले। इनमें कुछ नये हैं और कुछ पुराने। एसपी ने खुद इस सारे सामान की बड़ी बारिकी से जांच की। जब तक घटनास्थल पर यह सारी जांच-पड़ताल की गई, तब तक इस पूरे क्षेत्र को पुलिस ने सुरक्षित घेरे में रखा। वहां किसी को भी नहीं आने-जाने दिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा देने के बाद भी कईं घंटे तक हत्यास्थल को सुरक्षित रखा गया।

जल्द ढूंढ लेंगे अपराधी

पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों से कहाकि हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए कईं टीमों का गठन किया जा रहा है। यह टीमें अलग-अलग दृष्टिकोण से जांच-पड़ताल करेंगी। एक टीम संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करेगी, दूसरी टीम सीसी कैमरों की फुटेज जुटायेगी, तीसरी टीम घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों का परीक्षण करेगी, चौथी टीम नकबजनों-चोरी के आदतन अपराधियों की धरपकड़ करेगी और पांचवी टीम में सादा वर्दी पुलिसकर्मी रहेंगे, जो मुखबिरों से सूचना जुटायेंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो जाने की उम्मीद है। अवर एसपी सुरेन्द्र सिंह, डीएसपी तुलसीदास और कोतवाल राहुल यादव इन तीनों का सुपरविजन करेंगे। शहर के अन्य थानाप्रभारियों को भी जरूरत पडऩे पर निर्देश दिये जायेंगे।

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