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लक्खा बाबा की हत्या करने वाले गिरफ्तार- आठ माह बाद पकड़ में आये अपराधी

 खतरनाक संगठन बब्बर खालसा से सम्बंध होने का संदेह हनुमानगढ़ जिले के नवां गांव की रोही में स्थित एक धर्मस्थल के सेवादार बाबा लक्खासिंह...

 खतरनाक संगठन बब्बर खालसा से सम्बंध होने का संदेह


हनुमानगढ़ जिले के नवां गांव की रोही में स्थित एक धर्मस्थल के सेवादार बाबा लक्खासिंह की सरेआम उसके ही घर में घुसकर गोलियां मारकर हत्या किये जाने की वारदात का आठ महीने बाद खुलासा हो गया है। यह हत्या करने वाले पंजाब में पकड़े गये हैं, जिनका सम्बंध खतरनाक आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा से होने का दावा पंजाब पुलिस ने किया है। हनुमानगढ़ जिला पुलिस बीते 8 महीने के दौरान भरसक प्रयास करने के बाद भी इन हत्यारों का जरा सा भी सुराग नहीं लगा पाई थी। अब पकड़ में आये दो अपराधियों से पंजाब में इनके द्वारा एक डेरा प्रेमी की हत्या करने का भी खुलासा हुआ है।
पंजाब से हासिल जानकारी के अनुसार फिरोजपुर जिले में जीरा हलके के थाना मल्लांवाला के गांव कोहाला से पकड़े गए गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और उसके फरार साथी अशोक उर्फ अमन खत्री व दो अन्य अज्ञात पर पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। गैंगस्टर गोपी ने फरीदकोट के बुर्ज जवाहरसिंहवाला गांव में पिछले वर्ष 13 जून को डेरा सच्चा सौदा के एक अनुयायी और 23 नवंबर 2016 को हनुमानगढ़ जंक्शन थाना क्षेत्र में बाबा लक्खा सिंह उर्फ लखविंदर सिंह उर्फ पंखड़ी बाबा की हत्याएं करना कथित रूप से कबूल किया है। जिला नवांशहर, फिरोजपुर और कपूरथला की पुलिस को संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता हाथ लगी है। पंजाब पुलिस को संदेह है कि इस गैंगस्टर्स का आतंकी संगठन बब्बर खालसा से भी संबंध है। पुलिस की एक टीम इसकी गहनता से जांच में जुट गई है। पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ दिनों से गांव कोहाला निवासी अशोक कुमार व गुरप्रीत सिंह और इनके कुछ साथियों के संबंध आतंकी संगठन बब्बर खालसा से हैं। ये लोग जीरा क्षेत्र में सक्रिय हैं। कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने कोहाला गांव में तलाशी अभियान चलाया। कई घंटे की तलाशी के बाद पुलिस ने गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को काबू कर लिया गया। उसका साथी अशोक उर्फ अमन खत्री पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। वहीं अवतार सिंह उर्फ पम्मा को कपूरथला से काबू कर लिया गया। दोनों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने फरीदकोट के गांव बुर्ज जवाहरसिंहवाला मेें एक डेरा प्रेमी गुरदेव सिंह की हत्या की थी। इसके बाद बाबा लक्खा सिंह उर्फ लखविंद्र सिंह उर्फ पंखडी बाबा निवासी हनुमानगढ़ की भी हत्या की। पुलिस ने इनसे एक रायफल और एक रिवाल्वर बरामद किया है।


प्रारंभिक जांच-पड़ताल के आधार पर पंजाब पुलिस का कहना है कि और भी कईं लोग इस गिरोह के निशाने पर थे। इनकी साजिश विभिन्न धर्म के प्रमुख लोगों पर हमला करने की थी, ताकि पंजाब को सांप्रदायिक हिंसा फैलाई जा सके। इस बीच, फिरोजपुर पुलिस ने बुर्ज जवाहरसिंहवाला गांव से सफेद रंग की स्विफ्ट कार (सीएच 1 बीजी 4114) को जब्त किया। इस कार का गुरदेव सिंह और बाबा लक्खा सिंह की हत्याएं करने में इस्तेमाल किया गया था। यह कार गोपी के एक साथी अमना सेठ के नाम पर रजिस्टर्ड है। अमना दो लाईसेंसी हथियार रखता है। पंजाब पुलिस जांच कर रही हैं कि किसकी सिफारिश पर अमना को हथियार लाइसेंस मिला। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों का साथी जसवंतसिंह काला निवासी गांव सोनेवाला पुलिस थाना सदर श्री मुक्तसर साहिब गिरोह का एक मुख्य सदस्य है। वह भी कई हत्याओं के लिए जिम्मेवार है।

यह कारण बना हत्या का

विवादित बाबा लक्खा सिंह ने अपने आप को गुरु नानक देव जी का स्वरूप बताया था। वह मूल रूप में अबोहर का है और सिख भाईचारे द्वारा उसके ढोंग का विरोध करने के बाद वह हनुमानगढ़ जंक्शन के नजदीक गांव नवां में जाकर रहने लगा। वहां उसने जमीन ले ली और वहीं पर ही अपना धर्मस्थल बना लिया। बाबा लक्खा को चरमपंथी सिख संगठनों ने कईं बार चेताया था कि वह इस ढोंग को छोड़ दे, लेकिन उसने अपना यह कथित ढोंग जारी रखा। बाबा लक्खा का कत्ल हो जाने के बाद से पुलिस को संदेह था कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे किसी चरमपंथी सिख संगठन का ही हाथ है। अब गोपी और उसके साथी के पकड़े जाने से यह संदेह यकीन में बदल गया। बता दें कि ऐसी ही चरमपंथी गतिविधि के चलते हनुमानगढ़ जिले में करीब 3 वर्ष पहले पीलीबंगा कस्बे में बाबा  सूरजमुनी की भी दिनदिहाड़े तेजधार वाले हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उन पर गुरुग्रंथ साहिब की कथित रूप से बेअदबी करने को लेकर ऐसे सिख संगठन भडक़े हुए थे।

तीन दिन से पंजाब में थी हनुमानगढ़ पुलिस

गोपी और उसके साथियों को पकडऩे का ऑपरेशन पंजाब में नवांशहर के एसएसपी सत्येन्द्र सिंह के हाथ में था। पुलिस सूत्रों से हासिल जानकारी के अनुसार गोपी औरउसके साथियों के पकड़े जाने की तथा उनके द्वारा बाबा लक्खासिंह की हत्या कबूल करने का पता चलने पर हनुमानगढ़ से पुलिस उसी रोज पंजाब पहुंच गई। जानकार सूत्रों ने बताया कि हनुमानगढ ़पुलिस की एक टीम तीन दिन पहले नवांशहर पहुंची। इस पुलिस टीम ने पकड़े गये अपराधियों से कईं घंटे तक कड़ी पूछताछ की। यह टीम आज सुबह वापिस हनुमानगढ़ में आई। हनुमानगढ़ जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इन अपराधियों के पकड़े जाने को लेकर पंजाब पुलिस के सम्पर्क में हैं। इन अपराधियों को पकडऩे में पंजाब पुलिस के सीआईए विंग की भी बड़ी भूमिका रही है। हनुमानगढ़ पुलिस ने बताया कि इन अपराधियों के साथियों की धरपकड़ के लिए पंजाब पुलिस लगातार सक्रिय है। पंजाब पुलिस द्वारा इनसे पूछताछ पूरी कर लेने और रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद गोपी और उसके साथी को प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए हनुमानगढ़ लाया जायेगा।

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