राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जयपुर सहित कईं जिलों में एक पखवाड़े से चल रही अंधविश्वास और अफवाहों की लहर अब श्रीगंगानगर जिले में भी पहुंच गई है। श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में एक युवक ने दावा किया है कि रात को छत पर सोते समय उसके पेट पर स्वत: ही त्रिशुल का निशान बन गया। अब यह युवक ही नहीं, बल्कि उसके घर-परिवार वाले तथा संगी-साथी धर्मस्थल के चक्करों में पडक़र इस अंधविश्वास को और बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। शुक्रवार को मामला सामने आया कि गांव मालेर निवासी 31 वर्षीय शंकरलाल के पेट पर मंगलवार-बुधवार की रात को घर की छत पर सोते समय उसके पेट पर लाल रंग के त्रिशुल का निशान बन गया। कल गुरुवार सुबह उसे यह निशान दिखाई दिया। साथ ही शंकर ने दावा किया है कि उसके शरीर पर लाल रंग के निशान भी पड़ गये। उसने गांव में ही डॉक्टर से दवाई ले ली, लेकिन जिस तरह से प्रदेश के कईं हिस्सों में अफवाहें फैली हुई हैं, जिससे वह घबराहट महसूस करने लगा।


तब उसने सूरतगढ़ के एक मन्दिर में आकर धोक लगाई। शंकर का कहना है कि अब उसे राहत महसूस हो रही है। इससे पूर्व शनिवार की रात को भी शंकर का दावा है कि उसके शरीर पर त्रिशुल का निशान बन गया था। बता दें कि प्रदेश के कईं जिलों में एक पखवाड़े से अफवाहें उड़ रही हैं कि रात को सोते समय महिलाओं के सिर के बाल कट जाते हैं। इसके बाद दूसरी अफवाह उड़ी कि पुरुषों के शरीर पर त्रिशुल के निशान बन जाते हैं। इन अफवाहों ने लगभग आधे राजस्थान के लोगों की नींद कईं दिनों से उड़ा रखी है। बाल कटने और त्रिशुल बनने की घटनाएं फर्जी साबित हो चुकी हैं। अनेक जगहों पर पोल खुली है कि महिलाओं ने ही नहीं, बल्कि पुरुषों ने भी अपने सिर के बाल खुद ही काट लिये थे। इसी तरह शरीर पर लाल रंग के त्रिशुल का निशान और अन्य निशान भी उन्होंने खुद ही बनाये थे, लेकिन अंधविश्वास में डूबे लोग तार्किक रूप से इन बातों को कसौटी पर नहीं कस रहे। इसके चलते यह अफवाह और अंधविश्वास आगे के आगे फैल रहा है। इनके चक्करों में पडक़र लोग धर्मस्थलों की शरण ले रहे हैं, जिससे धर्मस्थलों के सेवादारों, पुजारियों और तथाकथित भक्तों की चांदी हो रही है।
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