अपडेट -ऐलनाबाद हॉस्पीटल में लैब तकनीशियन था मृतक, हाइवे पर मिला था क्षतविक्षत शव - BTTNews

Breaking

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

Thursday, August 03, 2017

अपडेट -ऐलनाबाद हॉस्पीटल में लैब तकनीशियन था मृतक, हाइवे पर मिला था क्षतविक्षत शव

 बाइपास पर मिले बुरी तरह से कुचले हुए शव की हुई शिनाख्त

 

श्रीगंगानगर में निर्माणाधीन नये सूरतगढ़-हनुमानगढ़ बाइपास पर चक 5 एमएल की रोही में कार से कुचले हुए मिले युवक के शव की आज शिनाख्त हो गई। करीब 28 वर्षीय यह युवक विनोद बेनीवाल हरियाणा के सिरसा जिले का निवासी था। इसी जिले के ऐलनाबाद कस्बे में सरकारी अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद पर कार्यरत था। आज दोपहर यहां आये विनोद बेनीवाल के भाई  रोहिताश, चचेरे भाई राजेन्द्र और ऐलनाबाद हॉस्पीटल के चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों ने जिला अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखे हुए शव को देखा और उसे पहचान लिया। शव की शिनाख्त हो जाने पर पुलिस ने राहत की कुछ सांस ली। अब पुलिस विनोद बेनीवाल के हत्यारों का पता लगाने में जुट ही नहीं गई, बल्कि उनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी करने मेें भी लग गई है। मृतक अविवाहित था। सदर थानाप्रभारी कुलदीप वालिया ने बताया कि बुधवार देर शाम को थाने के ही एक कांस्टेबल को जानकारी मिली कि सिरसा जिले में बालासर गांव का एक युवक गायब है। युवक के घर वालों ने बुधवार शाम को ही ऐलनाबाद थाने में उसके गुम होने की सूचना दी थी। यह कांस्टेबल बालासर के आसपास के गांव का ही बताया जाता है। बालासर के युवक के गायब होने का पता चलने पर देर रात को ऐलनाबाद पुलिस से सम्पर्क किया गया। आज सुबह पुलिस का विनोद बेनीवाल के घर वालों से सम्पर्क हो पाया। इसके बाद दोपहर को विनोद के परिवारजन और साथी कर्मचारी व चिकित्सक श्रीगंगानगर पहुंचे। इसके बाद शिनाख्त हो गई। श्री वालिया ने बताया कि शाम को तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे वे अन्तिम संस्कार के लिए अपने गांव ले गये हैं। कल उसका अन्तिम संस्कार किया जायेगा।
 

 प्रेम प्रसंग के चलते हत्या

थानाप्रभारी कुलदीप वालिया ने बताया कि विनोद बेनीवाल के परिवार वालों ने प्रेम प्रसंग के चलते उसकी हत्या किये जाने की आशंका जताई है। विनोद बेनीवाल के एक युवती के साथ प्रेम सम्बंध थ्ेा। इन सम्बंधों की जानकारी विनोद के घर वालों को भी थी। इस युवती ने भी जीएनएम या एएनएम का कोर्स किया हुआ है। बताया जाता है कि युवती सिरसा जिले में ही कहीं कार्यरत है। यह भी पता चला है कि विनोद और यह युवती कुछ समय तक के लिए एक ही जगह कार्यरत रहे थे। तब इनमें प्रेम सम्बंध हो गये थे। परिवारजनों ने आशंका जताई है कि इसी युवती के घर वालों ने धोखे से विनोद को श्रीगंगानगर जिले में बुलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

संदिग्ध हत्यारों की धरपकड़


विनोद बेनीवाल के परिवारजनों द्वारा यह आशंका जताये जाने के तुरंत बाद ही श्रीगंगानगर से दो पुलिस टीमों को सूरतगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस युवती के साथ विनोद बेनीवाल के प्रेम सम्बंध होना बताया गया है, वह सूरतगढ़ क्षेत्र के ही एक गांव की निवासी है। बताया जाता है कि यह युवती इन दिनों अपने गांव में ही है। शुरूआती जांच में पुलिस का यह भी कहना है कि विनोद बेनीवाल को  इसी युवती से कथित रूप से फोन करवाकर उसके घर वालों ने यहां बुलाया था। फिर उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। बाद में उसकी लाश को नये बन रहे बाइपास पर लाकर पटक दिया। कार से बार-बार टक्कर मारकर उसका चेहरा कुचल दिया, ताकि उसकी शिनाख्त नहीं हो सके। देर रात समाचार लिखे जाने के समय सूरतगढ़ क्षेत्र में सम्बन्धित गांव में पुलिस की छापेमारी जारी थी। पता चला है कि संदिग्ध हत्यारों को भी आज दोपहर ही भनक लग गई कि लाश की शिनाख्त हो गई है। इसके बाद वे भी अपने गांव से गायब हो गये।

कॉल डिटेल से मिले अहम सुराग




शिनाख्त होते ही सबसे पहले पुलिस ने मृतक विनोद बेनीवाल के मोबाइल फोन नम्बर उसके परिवार वालों से लिये। इसके तुरंत बाद पुलिस को इस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल मिल गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार कॉल डिटेल से पता चला कि विनोद बेनीवाल 31 जुलाई की दोपहर लगभग 12 बजे हरियाणा के सिरसा जिले से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में आया। इसके बाद उसकी तीन-चार मोबाइल फोन नम्बरों पर बातचीत हुई। इनमें एक-दो कॉल उसके मोबाइल पर आई थीं और एक-दो कॉल उसने किसी को की थी। कॉल डिटेल से पुलिस को पता चला कि विनोद बेनीवाल की एक खास नम्बर पर अमूमन दिन में कईं बार एक-एक या दो-दो घंटे बातचीत होती थी। यह खास नम्बर उसी युवती का होने की पुलिस ने सम्भावना जताई है, जिससे उसके प्रेम सम्बंध थे। 31 जुलाई को सायं 7 बजकर 41 मिनट पर विनोद बेनीवाल ने किसी के साथ फोन पर बात की थी। यह उसके द्वारा मोबाइल फोन पर की गई आखिरी बातचीत थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। उसका मोबाइल फोन श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ मार्ग पर ही कहीं स्विच ऑफ हुआ।

स्विफ्ट कार से कुचला चेहरा

पुलिस को अपनी तफ्तीश में एक और अहम जानकारी भी मिली है कि विनोद बेनीवाल को 31 जुलाई-01 अगस्त की रात को बाइपास पर जिस कार से टक्कर मारकर उसका चेहरा कुचला गया, वह मारूति स्विफ्ट कार थी। मौके पर खून से सने कार के टायरों के निशान मिले थे। टायरों के निशान से पुलिस को यह जानकारी मिली। यही नहीं, विनोद बेनीवाल को जब कार से बार-बार टक्कर मारकर उसका चेहरा बिगाड़ा जा रहा था, तब कार के एक टायर पर लगाया हुआ शो व्हीलर निकलकर वहीं गिर गया था। यह एक अहम सबूत है, जो बाद में हत्यारों के पकड़े जाने पर उनके खिलाफ चालान पेश किये जाने के समय बहुत उपयोगी साबित होने वाला है।

-------------------------------------------------
01 aug 2017
 श्रीगंगानगर में नये बन रहे सूरतगढ़-हनुमानगढ़ बाइपास पर चक 5 एमएल के नजदीक रोड पर आज सुबह एक अज्ञात युवक की वाहन से कुचली हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई। यहां लाश पड़े होने की सूचना सदर थाना में प्राप्त हुई, जिस पर थोड़ी ही देर में पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर, सदर थानाप्रभारी कुलदीप वालिया, कोतवाल राहुल यादव और जवाहरनगर थानाप्रभारी शकील अहमद दलबल सहित पहुंच गये।


करीब 30 वर्षीय युवक की लाश बीच सडक़ में पड़ी थी, जिसका चेहरा बार-बार कार से टक्कर मारकर बुरी तरह से कुचला हुआ था। उसका सिर का एक हिस्सा कुछ दूर पड़ा मिला। युवक के दोनों जूते पास में ही पड़े थे। प्रथम दृष्टया पुलिस का कहना है कि अज्ञात व्यक्तियों ने इस युवक की हत्या कहीं ओर करने के बाद यहां लाकर शव को फेंका है। उसका चेहरा इसलिए बिगाड़ दिया गया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। मृतक के पहने हुए कपड़ों में कुछ भी नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस के मुताबिक प्रात: 7.12 बजे किसी शख्स ने थाने में सूचना दी कि एक युवक की लाश पड़ी है। मौके पर पहले सदर थाना के नाइट ड्यूटी ऑफिसर एसआई चंद्रजीत सिंह पहुंचे। उन्हीं की ओर से ही अज्ञात व्यक्तियों पर अज्ञात युवक की हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने सबसे पहले घटनास्थल की वीडियोग्राफी करवाई। इसके बाद उन्हेांने जांच-पड़ताल सम्बंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मौके की कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखवा दिया। देर रात समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हुई थी।
कड़े के छह टुकड़े, पांच शर्ट के बटन
पुलिस ने हाइवे पर जहां लाश मिली, उसके दोनों तरफ तथा नजदीक खेतों का गहनता से निरीक्षण किया। कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अलबत्ता शव के पास लोहे का एक कड़ा मिला। उसके भी छह टुकड़े मिले हैं। यह कड़ा भी कार के टायर के नीचे आने से टूटा हुआ था। मौके पर से पुलिस को मृतक की पहनी हुई शर्ट के टूटे हुए पांच बटन भी मिले हैं। उसके दोनेां जूते जिस तरह से पैरों के पास पड़े हुए मिले, उससे पुलिस का अनुमान है कि इस युवक को कहीं ओर मारा गया या फिर उसे नशे की हालत मेें यहां लाकर मारा गया है। युवक के जूते हत्यारों ने बाद में अपनी गाड़ी से उतारकर वहां फेंके होंगे।
हत्यारों ने युवक को चार-पांच बार कुचला
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के अनुसार अज्ञात हत्यारों ने इस युवक को कार से चार-पांच बार कुचला है। पुलिस के मुताबिक अज्ञात हत्यारों ने इस युवक को सडक़ पर फेंकने के बाद कार को चार-पांच बार आगे-पीछे कर सिर्फ उसके गर्दन से ऊपर चेहरे वाले हिस्से को ही कुचला। कार के टायरों के निशान से यह जाहिर होता है कि गाड़ी को चार-पांच बार आगे-पीछे किया गया। टायरों पर खून लगा, जिसके सडक़ पर निशान पाये गये हैं। यह निशान हनुमानगढ़ रोड की तरफ काफी अगो तक दिखाई दिये हैं, लेकिन वहां से गाड़ी वापिस



सूरतगढ़ रोड की तरफ आई है। खेतों में काम करने वालों ने गाड़ी को पहले हनुमानगढ़ की तरफ जाते और फिर वापिस सूरतगढ़ रोड की तरफ जाते हुए देखा। इस अज्ञात युवक का चेहरा गाड़ी से टक्कर मारकर इसलिए कुचला गया, ताकि उसकी पहचान नहीं हो सके। युवक के पहने हुए कपड़ों की तलाशी ली गई। उसमें कुछ भी नहीं मिला।
अभी शुरू नहीं हुआ हाइवे
सूरतगढ़ रोड नेशनल हाइवे 62 को स्टेट हाइवे हनुमानगढ़ से जोडऩे के लिए यह नया बाइपास अभी तक शुरू नहीं हुआ है। बाइपास के लिए अधिग्रहित की हुई जमीन के मुआवजे का किसानों-सरकार के बीच विवाद चल रहा है। इस कारण नये बाइपास का निर्माण कार्य अधर में है। सूरतगढ़ की ओर से लगभग दो किमी तक हाइवे बना है। आगे रास्ता बंद है। आज सुबह जब पुलिस मौके पर जांच-पड़ताल कर रही थी, आसपास के खेतों में काम करने वाले भी आ गये। उनमें से एक-दो जनों ने बताया कि उन्होंने रात्रि लगभग डेढ़ बजे इस हाइवे पर एक वाहन की लाइटें देखी थीं। उन्होंने तब गम्भीरता से नहीं लिया था।  

तफ्तीश में यह मुश्किल
इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस को सीसी कैमरों का सहारा नहीं मिल पा रहा, क्योंकि श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ नेशनल हाइवे 62 पर नेतेवाला के पास स्थित टोल नाके पर सीसी कैमरे लगे हैं, लेकिन इनकी फुटेज चैक करने के दौरान ऐसी संदिग्ध कार का पता लगाना बहुत ही मुश्किल व दुश्कर कार्य है, जिसमें इस युवक को लाया गया होगा, क्योंकि इस हाइवे से रोजाना हजारों गाडिय़ां निकलती हैं। ऐसे में किस गाड़ी पर कैसे शक किया जाये, यह अंदाजा लगाया जाना सम्भव नहीं है। जिस जगह युवक की लाश पाई गई है, वह बिल्कुल सुनसान इलाका है। आसपास कोई बिल्डिंग या भवन नहीं है। सिर्फ खेत ही हैं। लिहाजा यहां सीसी कैमरे होने का सवाल ही नहीं है। पुलिस फिर भी कल रात डेढ़ बजे के बाद सूरतगढ़ की ओर से श्रीगंगानगर शहर में आने-जाने वाली गाडिय़ों का पता लगाने के लिए चक 4 एमएल से शिव चौक तक दोनों तरफ भवनों पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज देखने का विचार कर रही है। यह भी एक दूर की ही कोड़ी है।


No comments:

Post a Comment