खेत में मृत मिले शव के मामले का एक सप्ताह बाद हुआ खुलासा, कथित दंपति काबू

श्रीगंगानगर
पहले पति से जी भरने पर दूसरे संग फिर तीसरे संग रह रही महिला का मन उससे भी उब गया तथा तीसरे पति ने जब उसे एक और पुरुष के आगोस में देखा तो उसका खून खौल उठा, लेकिन एन मौके पर पलटी मारकर महिला ने अपने कथित पति को बातों में लेकर उसकी साइड हो गई तथा दोनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हनुमानगढ़ टाऊन पुलिस ने नंदराम की ढाणी के नजदीक चक 7 एचएमएच के एक खेत में एक सप्ताह पहले बेरहमी से कत्ल कर दिये गये उक्त 40 वर्षीय खेत मजदूर बूटासिंह की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया।


इस हत्या मेें एक युवती के अवैध सम्बंधों की उक्त चौकां देनी वाली घिनौनी दास्तां सामने आई है। पुलिस ने इस युवती और उसके मौजूदा पति को यह हत्या करने के इल्जाम मेें गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार बीती 16-17 सितम्बर की रात को चक 7 एचएमएच में सोहनलाल कुम्हार के खेत में ट्यूबवैल के पास बने कमरे की छत पर बूटासिंह की हत्या की गई थी। थानाप्रभारी मोहम्मद अनवर ने बताया कि यह हत्या करने के आरोप मेें तोषाबाई उर्फरानी उर्फ ज्योति उर्फ कर्मजीत कौर (25) पत्नी कुलवंत सिंह निवासी चक 1 सी बड़ी-हिन्दुलकोट (श्रीगंगानगर) और रामकुमार (25) पुत्र पेमाराम नायक निवासी कमरानी, थाना टिब्बी जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार किया गया है। श्री अनवर ने बताया कि रानी की पहली शादी हिन्दुमलकोट के समीप पंजाब के पंजकोसी के कुलवंत सिंह से हुई थी, जिससे उसके दो संतानें हुईं। फिर रानी उसे छोडक़र नंदराम की ढाणी में आकर रहने लगी। इस ढाणी में उसके संबंध भानीराम नायक से हो गये। भानीराम से भी उसके एक संतान हुई। इन दोनों में झगड़ा-फसाद रहने लगा। भानीराम की मारपीट व झगड़ों से रानी तंग आ गई। इस दौरान वह कमरानी के रामकुमार की तरफ आकर्षित हो गई, जो कि विधुर था। करीब डेढ़ वर्ष पहले इन दोनों ने कथित रूप से शादी कर ली, लेकिन लगभग छह माह पहले रानी के अवैध सम्बंध अपने से 15 वर्ष बड़े बूटासिंह से हो गये। गांव मुंडा निवासी बूटासिंह का अपनी पत्नी-बच्चों से विवाद रहता था, जिस कारण वह उन्हें छोडक़र लगभग सात वर्ष से सोहनलाल के ख्ेात में बने कमरे में रह रहा था। वहीं, खेत में काम कर गुजारा करता था। थानाधिकारी के अनुसार रानी का रामकुमार से भी झगड़ा होने लगा। जब भी झगड़ा होता, वह बूटासिंह के पास आ जाती थी। रामकुमार को उसने बूटाङ्क्षसह को अपना भाई बता रखा था। रामकुमार भी उन्हें भाई-बहन ही समझता था। विगत 16 सितम्बर को झगड़ा हो जाने पर रानी शाम को बूटासिंह के पास आ गई। रात को रामकुमार उसे मनाने के लिए खेत में आया, तो वह कमरे की छत पर चला गया। छत पर उसने बूटासिंह-रानी को आपत्तिजनक हालत में देखा, तो उसका खून खोल उठा। थानाधिकारी के अनुसार तब रानी ने भी अचानक ही अपना रुख पलट लिया। वह अपने इस मौजूदा पति रामकुमार की तरफ हो गई। दोनों ने मिलकर बूटासिंह को मौत के घाट उतार दिया। दोनों वहां से पैदल हनुमानगढ़ जंक्शन चले गये। जंक्शन से दोनों भागकर अबोहर चले गये। फिर रानी रामकुमार को अपने साथ चक 1 सी बड़ी ले आई, जहां उसके घर वालों ने दोनों को नहीं रखा। वहां से निकाल दिया। इसके बाद यह दोनों अबोहर उपमण्डल के गांव हरीपुरा में रहने लगे। थानाधिकारी ने बताया कि इन दोनों को इनके मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल और लोकेशन से ट्रेस करते हुए आज गिरफ्तार कर लिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि मृतक बूटाङ्क्षसह की अपनी शौहरत भी कोई ज्यादा अच्छी नहीं थी। उसके यहां संदिग्ध चरित्र की महिलाओं-युवतियों का आना-जाना लगा रहता था।

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