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Saturday, September 23, 2017

धार्मिक संस्था के हैड ने संस्थान के श्रद्धालुओं को ही लगाया लाखों का चूना, धोखाधड़ी में काबू, पत्नी भी नामजद

श्रीगंगानगर

 श्रीगंगानगर पुलिस ने पंजाब के एक प्रसिद्ध धार्मिक डेरे के श्रीगंगानगर मेें कथित रूप से बने हुए हैड को लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस हैड ने धार्मिक डेरे से जुड़े हुए श्रद्धालुओं को ही भूखण्ड-मकान बेचने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। पुलिस इस मामले की पांच महीने से जांच-पड़ताल कर रही थी। उसे गिरफ्तार किये जाने के साथ ही उसकी ठगी के शिकार हुए और लोग भी सामने आने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय एल ब्लॉक निवासी राजेन्द्र कुक्कड़ ने लगभग पांच महीने पहले कोतवाली मेें ठगी का मामला दर्ज करवाया था। इस प्रकरण की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर संदीप जाखड़ ने बताया कि ठगी के आरोपित जवाहरनगर निवासी नितेश उर्फ लवली को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजेन्द्र कुक्कड़ को उसने फर्जी नाम-पते से स्टाम्प पेपर लेकर सेतिया कॉलोनी में एक मकान तथा चक 3 ई छोटी में एक भूखण्ड बेचने का सौदा किया। नितेश उर्फ लवली ने राजेन्द्र कुक्कड़ को झांसा दिया कि यह मकान और भूखंड उसकी ही मलकीयत के हैं। जांच अधिकारी के अनुसार- चूंकि नितेश उर्फ लवली पंजाब के एक धार्मिक डेरे की श्रीगंगानगर में बनी हुई कमेटी का हैड है।
राजेन्द्र कुक्कड़ भी इस डेरे को मानता है। इसलिए विश्वास करके उसने मकान-भूखण्ड का सौदा कर लिया। इसकी कीमत के तौर पर कुल 22 लाख रुपये उसे अदा कर दिये। राजेन्द्र कुक्कड़ के पैरों तलों की जमीन तब खिसक गई, जब वह सेतिया कॉलोनी में खरीदे हुए मकान को देखने के लिए कुछ दिनों बाद गया। वहां मकान में किसी और का परिवार ही रह रहा था। यह परिवार भी हैरान रह गया कि उनका मकान किसी ने राजेन्द्र कुक्कड़ को कैसे बेच दिया, जबकि उन्होंने मकान बेचना ही नहीं है। इसी तरह जब राजेन्द्र कुक्कड़ चक 3 ई छोटी में खरीदा हुआ भूखण्ड देखने के लिए गया, तो पता चला कि वहां पर उस नम्बर का भूखण्ड है ही नहीं। जांच-पड़ताल में पुलिस ने साक्ष्य जुटाये कि नितेश उर्फ लवली ने ही जिला कचहरी से  फर्जी नाम-पते से स्टाम्प पेपर खरीदे थे, जिस पर उसने मकान-भूखंड के सौदे किये। इस धोखाधड़ी का दिलचस्प पहलू ये है कि नितेश उर्फ लवली ने इस तरह की ठगियां, इस धार्मिक संस्था से जुड़े यहां के कुछ और श्रद्धालुओं के साथ भी की हैं। पुलिस जब इस मामले की जांच कर रही थी, तब दो और पीडि़त सामने आये, जिनसे नितेश ने क्रमश: 2 व 5 लाख रुपये ठग रखे थे। पुलिस ने उन दोनों व्यक्तियों के भी बयान दर्ज किये हैं, जिन्हें कोर्ट में मुल्जिम को गिरफ्तार कर पेश करते समय पत्रावली में संलग्न किया। जांच अधिकारी के अनुसार नितेश ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नियुक्त पुलिस के ही एक कर्मचारी के नाम से स्टाम्प पेपर लेकर सेतिया कॉलोनी में स्थित उसके मकान को बेचने का किसी से सौदा कर डाला। यह पुलिसकर्मी भी हैरान है कि नितेश के पास उसका नाम-पता कहां से आया और उसने कैसे उसके ही नाम-पते से स्टाम्प पेपर भी ले लिया। एसआई के अनुसार ऐसी ही ठगी के कुछ और मामले भी सामने आये हैं। पीडि़तों द्वारा नितेश के विरुद्ध मामले दर्ज करवाये जाने की सम्भावना है। नितेश की सुखाडिय़ानगर मार्ग पर दो-तीन दुकानें बताई जाती हैं। राजेन्द्र कुक्कड़ ने मुकदमे में उसकी पत्नी अन्नू उपवेजा को भी नामजद किया था, लेकिन जांच में उसकी संदिग्ध भूमिका नहीं पाई गई।

हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

पुलिस की हिरासत के दौरान नितेश उर्फ लवली की तबीयत बिगड़ गई, जिस पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। एसआई संदीप ने बताया कि पूछताछ के लिए नितिश को 20 सितम्बर को कोतवाली में बुलाया गया था। उसके विरुद्ध मजबू साक्ष्य होने के कारण उसे दिन ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में पेश किये जाने पर उसका एक दिन का रिमांड मिला। रिमांड अवधि के दौरान कल उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसका ब्लड प्रेशर हाई हो गया, जिस पर उसे अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। आज उसकी जानकारी कोर्ट को दी गई। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिये। न्यायिक हिरासत के तहत वह अब जिला अस्पताल के बंदी वार्ड में उपचाराधीन है। जेल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई है।

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