भारतीय वायु सेना के सबसे जांबाज सेनानी मार्शल अर्जन सिंह शनिवार को दुनिया छोड़ गए, लेकिन पीछे छोड़ गए अपनी वीर गाथाएं. चाहे वह वायु सेना में सर्वोच्च रैंक हासिल करने वाले एकमात्र ऑफिसर की दास्तान हो या 44 की उम्र में वायु सेना की कमान संभालना. इन सबसे बढ़कर पाकिस्तान के खिलाफ 1965 में भारत की जीत में भी अर्जन सिंह का योगदान बेहद अहम रहा.

देश के इस सबसे बड़े सिपाही के निधन के बाद देश भर में शोक की लहर है और हर क्षेत्र की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ी हैं.

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Sometime back I met him, who despite his ill health tried to get up to salute even though I said no. Such was his soldier discipline.
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