अखरोट सही मायने में दिमाग के लिये सबसे सही भोजन है । कहा तो यहॉ तक भी जाता है कि अखरोट की गिरी का आकार हूबहू दिमाग की सँरचना की तरह होता है इसलिये यह इशारा देता है कि यह दिमाग को बढ़ाता है । अखरोट की गिरी में बहुत अच्छी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है जो कि दिमाग की सक्रियता को बढ़ाने का काम करता है । इसके अलावा अखरोट में मिलने वाला आयोडीन और सेलेनियम नामक तत्व दिमाग की कार्य शक्ति को बढ़ाने वाले सिद्ध होते हैं । अखरोट रोज खाने से दिमाग की कोशिकाओं के क्षरण (नष्ट होने ) की प्रक्रिया मंद होती है जिस कारण से वृद्धावस्था में होने वाले अल्जाइमर और पार्किन्सन जैसे रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है ।

अखरोट के सेवन से कैन्सर होने की सम्भावनाओं को भी कम किया जा सकता है । स्वास्थय देने वाली इसकी गिरी में काफी मात्रा में पॉलीफेनॉल और फाइटोकैमिकल पाये जाते हैं जो एक बहुत अच्छे एण्टीओक्सीडेण्ट का काम करते हैं और विशेषतौर पर स्तन, आँत और प्रोस्टेट के कैन्सर को होने से रोकने में लाभकारी होते हैं । इसके अलावा अखरोट में एल्लाजिटेनिन, गाम्मा-टोकोफेरोल और अल्फा-लिनोलेनिक एसिड नामक रसायन भी पाये जाते हैं जिनके बारे में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि ये कैन्सर से लड़ने में शरीर की कोशिकाओं की मदद करते हैं ।

अखरोट में पाये जाने वाला ओमेगा-3 नामक फैटी एसिड, विटामिन ई, मैग्नीशियम और फोलेट नामक तत्वों को दिल की अच्छी सेहत के लिये बहुत जरूरी माना जाता है । सिर्फ इतना ही नही अखरोट में पाया जाने वाला मोनोसैचुरेटड फैट, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और फाईबर खून में हाई डेन्सिटी लिपोप्रोटीन ( एच० डी० एल० जिसको अच्छा कोलेस्ट्रोल माना जाता है ) के स्तर को बढ़ाते हैं और लो डेन्सिटी लिपोप्रोटीन ( एल० डी० एल० जिसको खराब कोलेस्ट्रोल माना जाता है ) के स्तर को कम करता है । इसलिये अखरोट रोज खाना दिल की अच्छी सेहत के लिये एक सम्पूर्ण पैकेज होता है ।

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