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Thursday, October 05, 2017

सूने गोदाम में छिपकर रही थी हनीप्रीत- एसआईटी ने भवानीगढ़ व बठिंडा लाकर की जाँच

मकान में करीब डेढ़ घंटे तक टीम हनीप्रीत व सुखदीप की मौजूदगी में करती रही जांच व पूछताछ 

 बठिंडा

 डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी देहशोषण प्रकरणों में दोषी करार दिये जाने पर पंचकूला में भडक़ाई गई हिंसा की साजिश की मुख्य आरोपी प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत पंजाब के बठिंडा शहर में सूने गोदामनुमा मकान में चार-पांच दिन तक छिपकर रही थी। हिंसा की जांच के लिए हरियाणा पुलिस की गठित स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गुरुवार को हनीप्रीत तथा उसकी सहेली सुखदीप कौर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सुबह करीब 7 बजे पंचकूला के सैक्टर 23 थाना से सैक्टर 20 थाना में लाने के पश्चात पंजाब के लिए रवाना हुई। पहले इनको संगरूर जिला अंतर्गत भवानीखेड़ा ले जाया गया। बताया जाता है कि जब हिंसा भडक़ी हुई थी, तब हनीप्रीत सबसे पहले भवानीखेड़ा में ही कहीं छिपकर रही थी। दोपहर करीब 12.30 बजे एसआईटी इन दोनों को बठिंडा जिले में रामपुराफूल मण्डी के सदर थाना में लेकर आई। यहां करीब एसआईटी आधा घंटा रुकी और अपनी आमद दर्ज करवाई। तत्पश्चात् करीब सवा बजे एसआईटी इनको बठिंडा में कोतवाली क्षेत्र के आर्यनगर की गली नं. 2 (नई बस्ती, गली नं.5) के एक मकान पर लेकर आई। इस मकान में करीब डेढ़ घंटे तक एसआईटी की टीम हनीप्रीत व सुखदीप कौर की मौजूदगी में जांच-पड़ताल व इनसे पूछताछ करती रही। बठिंडा के पुलिस अधीक्षक गुरमीत सिंह तथा तहसीलदार सुखबीर सिंह भी इस दौरान मकान में मौजूद रहे। हनीप्रीत को यहां लाये जाने का पता चलते ही काफी भीड़ जमा हो गई। मीडिया का भी जमावड़ा हो गया। आसपास के बाश्ंिादों ने मीडिया को बताया कि यह मकान चार-पांच साल से सूना ही पड़ा है। मकान के बाहर बल्लुआना आटा चक्की के नाम का बोर्ड लगा हुआ था। मोहल्लावासियों के अनुसार इस मकान में टैंट का सामान रखा हुआ है। इस सामान को ज्यादातर डेरा समर्थक धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए ले जाते थे और फिर रख जाते थे। यह मकान हनीप्रीत के साथ विगत मंगलवार को पटियाला से कसौली जाते हुए जीरकपुर में पकड़ी गई सुखदीप कौर (पत्नी इकबाल सिंह) के परिवार का ही बताया जाता है। यह परिवार मूल रूप से बल्लुआना का निवासी है। जानकार सूत्रों ने बताया कि इकबाल सिंह और उनके परिवार के बुजुर्ग नाजर सिंह की डेरा सच्चा सौदा में वर्षांे से गहरी आस्था रही है। यह परिवार डेरा प्रमुख के भी काफी करीब रहा है। इस सूने मकान में हनीप्रीत चार दिन तक छिपी रही। मोहल्लावासियों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि डेरा प्रमुख को सजा सुनाये जाने के पांच-सात दिन बाद एक इनोवा गाड़ी यहां आई थी। इसके बाद उन्होंने करीब चार दिन तक रात को भी इस मकान में लाइटें जलती हुई देखी थीं। इस मकान में पहले कभी उन्होंने रात को लाइट जलते हुए नहीं देखी। अभी पांच-सात दिन पूर्व एक गाड़ी में कुछ लोग इस मकान मेें आये थे। आज एसआईटी ने जब इस मकान की तलाशी ली तो इसमें दो-तीन कमरे पूरी तरह से साफ किये हुए मिले। इन कमरों में हाल के दिनों में ही सफाई की गई लगी। माना जा रहा है कि हनीप्रीत के इस मकान से जाने के बाद यहां साफ-सफाई की गई, ताकि कोई साक्ष्य न रह जाये। करीब 3 बजे एसआईटी की टीम वहां से रवाना हो गई। जाने से पहले उन्होंने मीडियाकर्मियों को इस बाबत कुछ नहीं बताया। बठिंडा पुलिस के अधिकारी भी कन्नी काट गये। बता दें कि पंचकूला की एक कोर्ट ने कल बुधवार को हनीप्रीत व सुखदीप कौर को छह दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। हनीप्रीत पंचकूला में हुई हिंसा के दर्ज किये गये मुकदमे में नामजद 43 व्यक्तियों में पहले नम्बर पर है। पंचकूला पुलिस सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत के पास करीब 15 इंटरनेशनल मोबाइल फोन नम्बर है, जिसके जरिये वह डेरा सच्चा सौदा के खास लोगों से सम्पर्क बनाये हुए थी, जब वह 38 दिन के लिए फरार हुई थी।अभी राजस्थान नहीं लेकर जाएंगे 
करीब 38 दिन फरार रहने के दौरान हनीप्रीत ने श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में भी कुछ स्थानों पर शरण प्राप्त की थी। हनुमानगढ़ में वह अपने भाई के ससुराल में दो दिन और किशनपुरा उत्तराधा में एक समर्थक के घर कुछ घंटे रुकी थी। श्रीगंगानगर जिले में डेरा प्रमुख के पैतृक गांव गुरुसर मोडिया में डेरा स्कूल के गल्र्स हॉस्टल में वह तीन-चार दिन तक छिपी रही। एसआईटी ने कल रिमांड मिलने के बाद संकेत दिये थे कि हनीप्रीत को उन सभी जगहों पर तस्दीक करने और वहीं पर ही पूछताछ करने के लिए ले जाया जायेगा, जहां-जहां फरारी के दौरान वह ठहरी अथवा शरण प्राप्त की थी। बठिंडा से एसआईटी के रवाना होने के कुछ देर बाद हरियाणा पुलिस के महानिदेशक बीएस संध्ूा से सम्पर्क किया गया। श्री संधू ने बताया कि अभी हनीप्रीत को राजस्थान नहीं ले जाया जायेगा। बाद में उसे कब राजस्थान ले जाया जायेगा, इस बारे में डीजीपी संधू ने कुछ नहीं बताया है। पंचकूला पुलिस के कमिश्नर एएस चावला ने गुरुवार को फिर दोहराया कि इस मामले में जिसकी भी भूमिका संदिग्ध पाई गई, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि हनीप्रीत से पूछताछ के लिए नार्काे टेस्ट भी एक विकल्प हो सकता है। 




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