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झुंड को रोंदते हुए निकल गया तेज रफ्तार ट्रक

27 भेड़ें और 17 बकरियां मौत के मुंह में गई, दर्जन भर गंभीर

श्रीगंगानगर

 
श्रीगंगानगर-बीकानेर नेशनल हाइवे 62 पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक भेड़-बकरियों के रेवड़ (झुंड) को रोंदते हुए फरार हो गया। ट्रक की चपेट में आने से 27 भेड़ों तथा 17 बकरियों की मौत हो गई। करीब दर्जनभर भेड़ें व बकरियां घायल हो गईं। पुलिस को इस घटना की सूचना रेवड़ चराने वालों ने कुछ विलम्ब से दी, जिस कारण ट्रक को पकड़ा नहीं जा सका। इस हादसे के कारण हाइवे पर घटनास्थल पर भेड़-बकरियों के मांस के लोथड़े बिखर गये। चारों तरफ खून ही खून फैल गया। कुछ भेड़ें व बकरियां गर्भवती थीं, जिनके गर्भ भी सडक़ पर बिखरे हुए मिले। हादसे के कारण हाइवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हुआ। बाद में मृत भेड़-बकरियों के शवों को साइड में करवाया गया। राजियासर पुलिस ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब साढ़े 4 बजे राजियासर-सूरतगढ़ के बीच राजू खां के होटल के पास हुआ। इस होटल के नजदीक ही बलवीर पुत्र पन्नाराम राइका और उसके साथी चरवाहों ने कल देर शाम को रेवड़ के साथ आकर रात्रि विश्राम के लिए पड़ाव डाला था। बलवीर राइका और उसके साथी महाजन तहसील  क्षेत्र के गांव बडऱेण से भेड़-बकरियों का रेवड़ लेकर सूरतगढ़ में घग्घर नदी क्षेत्र में जा रहे थे। इस मौसम में चरवाहे अपने रेवड़ को लेकर घग्घर नाली क्षेत्र में आ जाते हैं। सुबह करीब 5 बजे बलवीर और उसके साथियों ने आगे सूरतगढ़ के लिए रवाना होना था। उन्होंने रात्रि को रेवड़ को सडक़ से कुछ दूर विश्राम के लिए रोका हुआ था। सुबह यह लोगे आगे चलने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी यह हादसा हो गया। पुलिस ने बताया कि एकाएक हुए इस हादसे से बलवीर और उसके साथी हड़बड़ा गये। उन्हेें काफी देर तक समझ में नहीं आया कि वे क्या करें? दूसरी ओर ट्रक के चालक ने भी कोई परवाह नहीं की। इतनी तादाद में भेड़-बकरियों के कुचले जाने पर भी उसने ट्रक को रोका नहीं, बल्कि भगा ले गया। यह ट्रक बीकानेर से सूरतगढ़ की तरफ जा रहा था। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना थाने में करीब सवा 5 बजे दी गई। इस कारण ट्रक को पकड़ा नहीं जा सका। राजियासर थाना हाइवे पर ही है, जहां सीसी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस संदिग्ध ट्रक का पता लगाने के लिए सीसी कैमरे की फुटेज देख रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि इस ट्रक का पता लगना लगभग असम्भव है, क्योंकि यह ट्रक हादसा होने से पहले थाने के आगे से निकला होगा। हाइवे होने के कारण हर एक मिनट में कईं ट्रक गुजरते हैं। तडक़े साढ़े 4 बजे हादसे के समय अंधेरा होने की वजह से भी ट्रक का पता लगाना मुश्किल है। देर रात समाचार लिखे जाने तक इस दुर्घटना के सम्बंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।

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