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Friday, October 06, 2017

हत्यारों तक पहुंची पुलिस ... कोई और नहीं बल्कि

अलवर
चार मासूम बच्चों सहित पांच लोगों को मौत के घाट उतार देने के दिल दहला देने वाले मामले में जहां पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्या करने वाले दो लोगों का पता लगा लिया है वहीं सूत्रों अनुसार पुलिस मास्टर माइंड तक भी पहुंच गई है, तथा यह कोई और नहीं बल्कि मृतकों का अपना व बेहद करीबी माना जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार दिल दहला देने वाली उक्त हत्याकांड की छानबीन में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगा है। घटना को अंजाम देने के बाद कातिलों ने मंडी मोड आकर एक प्याऊनुमा टंकी पर खून से सने हाथ धोए तथा कुछ दूर स्कूटी छोडक़र मंडी की दीवार के पास से होते हुए हत्यारे रेलवे स्टेशन की तरफ निकल गए। पुलिस इसे अहम सुराग मान रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खंगालते-खंगलाते मंडी मोड पहुंची तथा यहां एक दुकान पर लगे कैमरों की जांच की गई तो पुलिस के रौंगटे खड़े हो गए। पुलिस यहां से कुछ फुटेज को अपने साथ भी ले गई। इससे पूर्व आरोपितों की तलाश में खुद जिला पुलिस अधीक्षक रेलवे स्टेशन भी पहुंचे। यहां कैमरे नहीं मिलने पर उन्होंने स्टेशन के स्टॉल संचालकों से संदिग्धों के बारे में पूछताछ की। घटना के बाद मौके से गायब मिले बनवारी व उसकी पत्नी संतोष के मोबाइल पुलिस को मिल गए हैं। यह मेाबाइल संतोष के भाई कुलदीप के पास थे। इनमें से एक मोबाइल से घटना के बाद पड़ोसी गुप्ता ने फोन कर बनवारी के रिश्तेदारों को सूचित किया था। पुलिस के अनुसार दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही हैं।

बनवारी के भाई मुकेश का अभी नहीं कोई सुराग

हत्याकांड के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को मृतक के छोटे भाई मुकेश का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। मुकेश की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित स्थानों पर भेजा है तथा उसके परिजनों से भी पुलिस ने गहन पूछताछ की, लेकिन अभी उसका पता नहीं चला है। बनवारी का छोटा भाई मुकेश मनमौजी है। वह मंडलियों में तबला व हारमोनियम बजाता है। पड़ोसियों ने बताया कि मुकेश एक-एक, दो-दो महीने तक घर से गायब रहता था। जब कभी वह घर आता तो ढेर सारा सामान साथ लेकर आता। सामान भी वह थोड़ा बहुत नहीं बल्कि रिक्शा भरकर लाता था। रिक्शे में बड़े-बड़े कर्टन होते थे, जिनमें खाने-पीने का सामान भरा रहता था।

बनवारी की पत्नी संतोष से भी अकेले में करीब पौन घंटे पूछताछ

उधर, घटना के तीसरे दिन पुलिस उपाधीक्षक जयसिंह नाथावत व शिवाजी पार्क थाना प्रभारी कठूमर के गांव गारू पहुंचे और बनवारी के परिवार से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक गहन पूछताछ की। पुलिस अधिकारी यहां शोक सभा में भी शमिल हुए। बाद में उन्होंने गांव पहुंची बनवारी की पत्नी संतोष से भी अकेले में करीब पौन घंटे पूछताछ की। गौरतलब है कि संतोष दो दिन से अपने बहन के घर नगर (भरतपुर) में थी। यहां उसका उपचार भी चल रहा था। वीरवार को वह अपनी बहन के घर पर रही। दोपहर बाद वह गांव पहुंची, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की। गांव में पूरे दिन पुलिस व जांच एंजेंसियों ने गतिविधि पर नजर बनाए रखी। पुलिस अधिक्षक का कहना है कि पुलिस मामले के खुलासे को लेकर पूरी मेहनत कर रही है। हमें भरोसा है कि जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ हत्यारों का घटनाक्रम

रात 1.48 बजे- बनवारी के घर से चुराई स्कूटी पर सवार होकर दोनों हत्यारे मंडी मोड पहुंचे।
 
रात 1.49 बजे- यहां पीछे बैठा हत्यारा स्कूटी से उतर गया और पैदल-पैदल समीप स्थित एक प्याऊ नुमा पानी की टंकी पर पहुंचा और खून से सने हाथ व मुंह धोने लगा।
 
रात 1.49 बजे- दूसरा हत्यारा जिसने शॉल या चद्दर ओढ़ रखी थी, स्कूटी को चलाकर आगे ले गया।
 
रात 1.52 बजे- टंकी पर करीब चार मिनट तक हाथ धोने के बाद हत्यारा सडक़ पर आया।
 
रात 1.53 बजे- उसने जेब से मोबाइल निकाला और उसकी टॉर्च जलाकर उसकी रोशनी में इधर-उधर देखने लगा।
 
रात 1.54 बजे- हत्यारे ने मोबाइल की टॉर्च को हिला-हिलाकर इशारा किया।
 
रात 1.55 बजे- वह सडक़ पर खड़ा दूसरे साथी के आने का इंतजार करता रहा।
 
रात 1.56 बजे- स्कूटी को ठिकाने लगा उसका दूसरा साथी कृषि उपज मंडी की दीवार फांद सडक़ पर आया और पानी की टंकी तक पहुंचा। इस दौरान उसके बदन से शॉल गायब था।
 
रात 1.57 बजे- यहां दूसरे हत्यारे ने भी खून से सने हाथ-मुंह धोए। इसके बाद दोनों हत्यारे पैदल-पैदल स्टेशन की ओर निकल लिए।


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