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Saturday, November 18, 2017

सीमा क्षेत्र मेें मिला बाज - ट्रांसमीटर व माइक्रो चिप भी बंधी मिली

श्रीगंगानगर
सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में पाक सीमा से लगते चक 1 वी में आज एक संदिग्ध प्रशिक्षित बाज को ग्रामीणों ने जीवित पकड़ लिया। इस बाज के शरीर पर एक ट्रांसमीटर, माइक्रो चिप और पैरों में छल्ले बंधे हुए थे। इस बाज के बारे में जैसे ही जानकारी मिली, पुलिस की एक टीम चक 1 वी पहुंच गई। बाज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, जिसे बाद में केसरीसिंहपुर लाया गया।


इस बाज को देर रात्रि श्रीगंगानगर के पशु चिकित्सालय में चैकअप के लिए लाया गया। पुलिस व खुफिया एजेसियां इस बाज का एक्सरे करवा रही हैं, ताकि यह पता चल सके कि उसके शरीर में कहीं कोई चिप ऑप्रेशन से फिट तो नहीं की हुई। केसरीसिंहपुर थानाप्रभारी वेदप्रकाश लखोटिया ने बताया कि दोपहर लगभग दो बजे चक 1 वी मेें एक खेत में ग्रामीणों द्वारा इस बाज को पकड़े जाने की सूचना मिली थी। इस पर वहां भेजे गये पुलिस दल ने इस बाज को अपने कब्जे में कर लिया, जिसे एक कट्टे में डालकर केसरीसिंहपुर में लाया गया। थाने में इस बाज को जब अच्छी तरह से चैक किया गया, तो उसके पंखों के नीचे शरीर के साथ चिपकाया हुआ एक ट्रांसमीटर मिला, जिसमें ड्राई सैल की बंैट्री लगी हुई है। इसके अलावा एक भूरे रंग की माइक्रोचिप भी चिपकाई हुई थी। उसके दोनों पैरों में दो-दो छल्ले डाले हुए हैं। यह बाज पूरी तरह से स्वस्थ है। इस बाज के पकड़े जाने का पता चलने पर बीएसएफ की खुफिया शाखा जी ब्रांच तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो सहित कईं खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी केसरीसिंहपुर थाने में पहुंच गये। उन्होंने इन सब संदिग्ध वस्तुओं का गहनता से निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार यह खुफिया एजेंसियां इस बाज को पाक प्रशिक्षित जासूसी बाज मान रही हैं। इसीलिए उसका एक्सरे करवाया जा रहा है, ताकि पता चल सके कि उसके शरीर के अंदर कोई और चिप तो नहीं है। यह खुफिया एजेंसियां और उसके विशेषज्ञ ट्रांसमीटर-सैल बंैट्री व माइक्रो चिप का वैज्ञानिक विशलेषण करने में जुट गई हैं, ताकि इनके अंदर किसी तरह का बॉर्डर एरिया से सम्बन्धित कोई डाटा फीड तो नहीं है। बता दें कि चक 1 वी से भारत-पाक सीमा कोई ज्यादा दूर नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज रात एक्सरे सम्बंधी कार्रवाई पूरी होने के बाद इस बाज को वन संरक्षक अधिकारियों के सुपुर्द किया जायेगा, जिन्हें इसकी पूरी देखभाल करने के लिए पाबंद भी किया जायेगा। बता दें कि लगभग तीन महीने पहले एक संदिग्ध बाज श्रीबिजयनगर थाना इलाके में भी पकड़ में आया था। लेकिन वह बाज बाद में थाने के ही एक पुलिसकर्मी की लापरवाही के कारण उड़ गया था। इधर, आज पकड़े गये बाज के बारे में  अभी पुलिस-खुफिया एजेंसियों ने इस बात से इंकार नहीं किया कि यह बाज, पक्षी पालने के शौकीन व बाजों को प्रशिक्षित कर उनकी रेस करवाने वाले सट्टेबाजों का भी हो सकता है। परंतू बाज की रेस करवाने वाले उसके साथ कोई चिप या ट्रांसमीटर नहीं लगाते। वे निशानी के तौर पर छल्ले पैरों में डालते हैं। इसीलिए खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि कहीं सीमा पार की किसी खुफिया एजेंसी ने गुमराह करने के लिए पैरों में छल्ले डाले होंगे, ताकि यह रेस वाला बाज ही लगे। बाज के पंखों के नीचे ट्रांसमीटर व चिप लगा दिये। इस बारे में कल तक और स्थिति स्पष्ट होने की सम्भावना है।

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