पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि अगर राणा गुरजीत सिंह आरोपी होते तो उनके इस्तीफा देने की नौबत आती और ही सरकार उनका इस्तीफा मंजूर करती। राणा गुरजीत तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की दायी बाजू है। कैप्टन को तो पहले से ही सब कुछ पता था। राणा गुरजीत ने इस्तीफा देकर साबित कर दिया है कि उसने गलत काम किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने ये बात शुक्रवार को गांव भुल्लर में बातचीत के दौरान कही। वह मुक्तसर मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन जगदेव सिंह भुल्लर के निधन पर उनके परिजनों के  दु: में शरीक होने पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि बीते नौ माह में राज्य सरकार की कोई उपलब्धि तो है नहीं लेकिन कैबेनिट से मंत्री की ओर से इस्तीफा देने वाले मसले ने सरकार की बदनामी जरूर करवा दी है। सुखपाल सिंह खहरा के मसले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उसे भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। पाकिस्तान में शहीद भगत सिंह का बुत लगाने पर हुए विवाद को लेकर बादल ने कहा कि भगत सिंह सबसे लोकप्रिय रहे हैं। बीते समय में हुए सर्वे के दौरान वह नेहरू अन्य नेताओं के मुकाबले ऐसे शहीद हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए सबसे अधिक योगदान दिया है। पंजाब में भगत सिंह को शहीद का दर्जा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि वह तो अपनी ड्यूटी निभा गए। उन्होंने आजादी की जंग किसी दर्जे के लिए नहीं लड़ी। जबर-जुल्म के खिलाफ लड़ाई लडने वाला किसी दर्जे की मांग नहीं करता। इस मौके पर बलराज सिंह, गुरप्यार सिंह, सुरजीत सिंह, राजन सेतिया, अजय सेतिया, हीरा सिंह चड़ेवान, बसंत सिंह कंग, सुखमंदर सिंह, मलकीत सिंह, हरचंद सिंह, बलदेव सिंह, शेरबाज सिंह भुल्लर, रणजीत सिंह किंगरा, सुखजिंदर सिंह कौणी, निंदर सिंह, बिंदर गोनियाना, नवतेज काउणी आदि मौजूद थे।

Post a Comment

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.