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Thursday, February 08, 2018

सहकारी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना प्रक्रिया अधीन - डी.पी. रैडी

सहकारी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना प्रक्रिया अधीन - डी.पी. रैडी
(कैबेनिट सब-कमेटी लेगी अंतिम निर्णय)
चण्डीगढ़ 8 फरवरी:

मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देशों के अनुसार सहकारिता विभाग द्वारा पंजाब की घाटे में जा रही सहकारी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना तैयार की जा रही है जिसमें चीनी उद्योग से संबंधित प्रसिद्ध विशेषज्ञों की गठित समिति से भी ठोस सुझाव लिये जा रहे हैं।
यह खुलासा श्री डी.पी.रैड्डी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता ने राज्य की सहकारी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और आधुनीकीकरण संबंधी सुझाव देने के लिए गठित विशेषज्ञों की कमेटी की आज यू.टी. गेस्ट हाऊस, चंडीगढ़ में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुये किया। इस मीटिंग में चीनी उद्योग से संबंधित देश स्तरीय विशेषज्ञों के अलावा रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं, पंजाब, प्रबंधन निदेशक, शूगरफैड, पंजाब, प्रबंधन निदेशक, पनकोफैड पंजाब और सहकारी चीनी मिलों के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा भी भाग लिया गया।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से देश के चीनी उद्योग से सम्बन्धित उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की बैठक गत् माह हो चुकी है जिसमें पंजाब की सहकारी चीनी मिलों को पेश आ रही मुश्किलों संबंधी विचार विमर्श किया गया था। श्री रेड्डी ने बताया कि आज हुई मीटिंग में देश में चीनी उद्योग की मौजूदा स्थिति के मद्देनजऱ पंजाब की सहकारी चीनी मिलों को वित्तीय पक्ष से आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये जाने वाले प्रयासों  संबंधी विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किये।
श्री रेड्डी ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा गन्ना काश्तकारों के हितों को मुख्य रखते हुए राज्य में घाटे में चल रही सहकारी चीनी मिलों की वित्तीय हालत में सुधार करने के लिए इनके आधुनिकीकरण, डिस्टिलरी स्थापित करके इथनोल का उत्पादन और को-जनरेशन प्लांट लगाने आदि संबंधी योजनाएं तैयार की जा रही है। आज की मीटिंग में माहिरों द्वारा पंजाब में गन्ने की खेती संबंधी सुझाव दिए गए जिनमें गन्ने की अधिक झाड़ और चीनी की मात्रा वाली किस्मेंं उपलब्ध करवाने, गन्ना काश्तकारों को बढिय़ा किस्म के बीज उपलब्ध करवाने, गन्ने की कटाई और मज़दूरों संबंधी आ रही मुश्किलें शामिल हैं। इस संबंधी तकनीकी सुधारों और चीनी, इथानोल आदि के उत्पादन संबंधी विचार-विमर्श जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की गठित कमेटी द्वारा रिपोर्ट सरकार को जल्द ही पेश की जायेगी, जिसको कैबिनेट सब-कमेटी के समक्ष विचार के लिए पेश किया जायेगा।