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Thursday, March 15, 2018

पंजाब में 2 हज़ार एकड़ ज़मीन से नाजायज कब्ज़े हटाए-साधु सिंह धर्मसोत



कुल 31 हज़ार एकड़ ज़मीन को नाजायज कब्जों से मुक्त करवाया जाएगा राज्य में चंदन के पौधों की काश्त को दिया जायेगा प्रोत्साहन चण्डीगढ़ के समीप के 15 गांवों में वनों की 2300 एकड़ ज़मीन को किया नोटीफाई चंडीगढ़, 15 मार्च: पंजाब के वन और वन्य जीव सुरक्षा मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व अधीन राज्य सरकार ने राज्य भर में वन विभाग की नाजायज कब्जों अधीन ज़मीन छुडाने की मुहिम शुरू की है। इस समय विभाग की 31 हज़ार एकड़ ज़मीन नाजायज कब्जे अधीन है। इसमें से 21 हज़ार एकड़ ज़मीन संबंधी अदालतों में केस चल रहे हैं, जबकि 2 हज़ार एकड़ ज़मीन को कब्जेंं से मुक्त करवा लिया गया है।

 उन्होंने बताया कि विभाग ने इस वर्ष मई -जून तक 10 हज़ार एकड़ ज़मीन से कब्ज़े छुड़ाने का लक्ष्य निश्चित किया है। उन्होंने बताया कि नाजायज कब्जेेंं से मुक्त करवाई ज़मीन श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फिऱोज़पुर, पठानकोट, होशियारपुर, संगरूर, लुधियाना, रूपनगर, नवांशहर, अमृतसर और गुरदासपुर में पड़ती है। आज यहां मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुये वन मंत्री ने कहा कि लुधियाना में अमीरों के कब्जे वाली 400 एकड़ ज़मीन को दो दिनों में मुक्त करवा ली गई और अब इस ज़मीन में दीवार निकाली जा रही है। उन्होंने बताया कि कबज़ेकारों से मिले अधिकारियों को बदला गया है और पर्चे दर्ज करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पठानकोट शहर में महंगे मूल्य की 6 एकड़ ज़मीन को भी कब्जेे से मुक्त करवाया गया है। इस ज़मीन की अंदाजऩ कीमत 50 करोड़ रुपए है। स. साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि चण्डीगढ़ के पास के 15 नीम पहाड़ी गाँवों में कालोनाईजऱों के कब्ज़े अधीन 2300 एकड़ ज़मीन छुडवाई गई है और इसको 15 सालों के लिए नोटीफाई किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले के पीछे कालोनाईजऱों और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि वातावरण को बेहतर बनाने और प्रदूषण घटाने के मकसद से राज्य में वन अधीन क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2017 में वन अधीन 66 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल बढ़ा है। इस क्षेत्रफल में दो करोड़ पौधे लगाऐ गए हैं, जिनकी संभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि पौधों की संभाल पर निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट नेविगेशन प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2015 -16 में वन अधीन 1771 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल था, जब कि इस समय 1837 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल जंगलों के अधीन है। स. धर्मसोत ने आगे कहा कि फ़सली विभिन्नता लाकर पंजाब के किसानों को वित्तीय तौर पर लाभ पहुँचाने के लिए पंजाब में चंदन के दो लाख पौधे लगाऐ जाएंगे। इसलिए दसूहा के गाँव भटोली में मैडिसन प्लांट नर्सरी में पौधे तैयार किये जा रहे हैं। मोहाली और अन्य स्थानों पर पौधे तैयार करवाने का लक्ष्य है। यह पौधे 10 से 12 रुपए की कीमत में मुहैया करवाए जाएंगे। इस प्रोग्राम के अंतर्गत पहले लगाऐ 15 हज़ार पौधे कामयाब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की रोजग़ार उत्पति मुहिम को आगे ले कर जाते हुए विभाग ने तटीय क्षेत्रों में बड़ी आरा मिल लगाने का फ़ैसला किया गया है। यह प्रोजैक्ट माछीवाड़ा या होशियारपुर में लगाया जायेगा, जिसमें 10 से 20 हज़ार कामगारों को रोजग़ार मिलेगा। स. धर्मसोत ने आगे कहा कि लकड़ी चोरी की वारदातों को नकेल डालने के लिए विशेष रणनीति बनायी जा रही है, जिसके अंतर्गत मंत्री स्वयं कई स्थान पर छापे मार रहे हैं और चैकिंग टीमों के द्वारा भी कार्यवाही की जा रही है। इस अवसर पर श्री सतीश चंद्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, श्री जतिन्दर शर्मा, प्रमुख मुख्य वनपाल, श्री रत्ना कुमार, मुख्य वनपाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।