ब्राह्मण सभा मुक्तसर की ओर से रविवार को गीता भवन दुर्गा मंदिर में सभा के अध्यक्ष जीवन शर्मा के नेतृत्व में नव सम्मत मनाया गया। जिसमें सैकंड़ो की संख्या में ब्राह्मण परिवारों ने समूलियत की। इस धार्मिक कार्यक्रम की शुरूआत ब्राह्मण सभा के प्रांतीय अध्यक्ष घनश्याम दास, वृंदावन से विशेष रूप से पहुंचे स्वामी कृष्ण दास, सभा के चेयरमैन अश्वनी शर्मा, उप चेयरमैन मनू शर्मा व नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष मंगतराम शर्मा ने ज्योति प्रज्ज्वलित करके की। मंच संचालन सभा के महासचिव दीपकपाल शर्मा ने किया। तमन्ना शर्मा व पूजा शर्मा बहनों ने मनमोहक भेटों का गुणगान किया। रवि शर्मा घुक्क व तर्त के के.एस. सोनी ने धार्मिक धुनों श्याम एसी कृपा बरसा दे, राधे राधे श्याम मिला दे व श्याम तेरी बंसरी निहाल कर गई पर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पंडित सतबीर शास्त्रि ने नवसम्मत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस सम्मत का नाम विरोध कृत है, इसका राजा सूर्य है। यह वर्ष अच्छा कर गुजरेगा। उन्होंने जनवरी वाले नववर्ष और संवत वाले नववर्ष में अंतर बताते हुए कहा कि जनवरी वाला नया साल कैलेंडर पर मात्र तारीख देखने के लिए होता है और इस समय कुछ नया नहीं होता जबकि नव संवत चेत्र माह के पहले नवरात्र से शुरू होता है। लोगों के घरों व मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं। खेतों में फसल पककर तैरूार हो जाती है। दुकानदार व व्यापारी नए बही खाते लगाते हैं। स्कूलों में नए सेशन की शुरूआत होती है और वृक्षों पर बसंत के कारण नए पत्ते आ जाते हैं। कोई भी त्यौहार देसी तारीख के मुताबिक मनाया जाता है ना कि अंग्रेजी तारीख के अनुसार इसलिए नया संवत कहा जाता है। ब्राह्मण सभा के प्रांतीय अध्यक्ष ने ब्राह्मणों की एकजुटता पर बल दिया। अंत में ब्राह्मण सभा के प्रांतीय चेयरमैन ओम प्रकाश संगला वाले ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया। इस दौरान अटूट लगर भी लगाया गया। अंत में मौके पर पहुंचे विशेष अतिथियों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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