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Saturday, June 16, 2018

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा अलगाववादी जनमत-संग्रह 2020 का समर्थन करने के लिए खहरे की आलोचना

चंडीगढ़, 16 जून


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खहरा द्वारा खालिस्तान बनाने के लिए सिख गर्मखय़ालियों द्वारा पेश की अलगाववादी सिक्ख जनमत-संग्रह का समर्थन करने के लिए तीखी आलोचना की है।आज यहाँ जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने खहरा के इस बयान को मंदभागा कहते हुए इसको जनमत संग्रह के हक में बताया है । उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष का नेता पंजाब के इतिहास संबंधी कोई भी समझ रखने बिना इस तरह की विलक्षण और नाटकीय राजनीति में लिप्त हुआ पड़ा है । उन्होंने कहा कि खहरा अपने इस बयान या कार्यवाही के संभवी निष्कर्षों को महसूस नही कर रहा।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब और यहां के लोगों ने अलगाववादी लहर के दौरान वर्षों तक बड़ा दु:ख बर्दाश्त किया है और खहरा इससे पूरी तरा नासमझ लगता है । उन्होंने कहा कि खहरा को इसका कोई अनुमान नही है कि उस का बयान राज्य को क्या ख़तरा पैदा कर सकता है ।
मुख्यमंत्री ने खहरा के उस पाखंडी दावे को रद्द किया है जिसमें उसने कहा था कि वह इस जनमत-संग्रह का समर्थन करता हुआ भारत की अखंडता के हक में खड़ा है । उन्होंने खहरा द्वारा इस दोनों तरफ़ लगाई दौड़ को एक विलक्षण केस बताया । उन्होंने कहा कि विवादपूर्ण जनमत संग्रह का समर्थन करने वाला हर कोई स्पष्ट तौर पर भारत की सद्भावना को नुकसान पहुंचा रहा है और वह किसी भी सूरत में देश की एकता का समर्थक नहीं हो सकता । कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि खहरे के इस सुझाव से पता लगता है कि वह भारत के विभाजन के हक में है ।
मुख्यमंत्री ने यह जानना चाहा कि खहरे के इस बयान को आम आदमी पार्टी की लीडरशिप और इसके नेता अरविन्द केजरीवाल द्वारा समर्थन हासिल है या वह केवल नासमझी या अपने कुछ संकुचित निजी हितों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे बयान दे रहा है । यह तथ्य बहुत महत्वपूर्ण है कि स्वयं केजरीवाल भी पिछले वर्ष पंजाब विधानसभा के चुनावों के दौरान अपनी चुनावी मुहिम के समय  खालिस्तानी समर्थकों के साथ मेलजोल रखता रहा है ।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को इस नाजुक और विस्फोटक मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए जो भारत की शांति को तबाह कर सकता है और पंजाब को आतंकवाद के काले दौर में धकेल सकता है ।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह जानना चाहा कि केजरीवाल और उसकी पार्टी के साथी भारतीय संविधान को बनाई रखने और शांति के लिए पहरा देने के हक में हैं या नहीं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और वह निजी तौर पर सभी भाईचारों के लिए बिना किसी भेदभाव से न्याय के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा ही कानून व्यवस्था को बनाई रखा है और वह किसी भी कीमत पर इसको हमेशा ही बनाई रखेंगे।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक तौर पर चुनी हुई एक सरकार का नेता होने के नाते वह राज्य के सभी नागरिकों के मानवी अधिकारों को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध हैं और इनकी किसी भी सूरत में उल्लंघना नही होने दी जायेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह राज्य की शांति और सद्भावना को भंग करने की किसी को भी आज्ञा नहीं देंगे और न ही पंजाब के लोगों के हितों को नुकसान पहुंचाने के किसी भी तरह के यत्नों को सफल होने देंगे ।