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Sunday, June 24, 2018

महिलाओं को चूल्हे के खतरनाक धुएं से मुक्त करवा रही बायो गैस प्रणाली


-  प्रदेश में घरेलू ईंधन के उपयोग के लिए लग चुके हैं 1,75000 बायो गैस प्लांट 
- रोजाना सात लाख के करीब व्यक्तियों के लिए खाना बनाने वाले बायो गैस ईंधन की होती है पूर्ति   
चंडीगढ़, 24 जून    

पंजाब सरकार के वातावरण स्वच्छ बनाने के अभियान को आगे बढ़ाते हुए व महिलाओं को धुएं के बुरे प्रभावों से बचाते हुए पंजाब एनर्जी डेवलेपमेंट एजेंसी(पेडा) की ओर से प्रदेश में बायो गैस प्लांट लगाने की मुहिम को जोर शोर से चलाया जा रहा है। इस मुहिम के अंतर्गत राज्य के ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों को दायरे में लाया जा रहा है। इससे जहां स्वच्छ ईंधन घर मेें पहुंचता है वहीं आर्थिक तौर पर भी यह प्लांट काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। बायो गैस प्लांट की सबसे अच्छी बात यह है कि यह पर्यावरण अनुकूल है। 
यह जानकारी बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने दी। श्री कांगड़ ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में इस ईंधन को स्वच्छ और बढिय़ा साधन बताते हुए कहा कि पंजाब में लोगों में इसके प्रति जागरुकता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि नेशनल बायो गैस व मैन्योर मैनेजमेंट प्रोग्राम एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण व अर्ध शहरी निवासियों के घरों में 4 से 6 घनमीटर साम्थर्य के बायो गैस प्लांट लगाए जाते हैं जो कि ऊर्जा का सब से बढिय़ा व सस्ता ोत है। इस स्कीम के अंतर्गत पेडा द्वारा पंजाब में 1994-95 से लेकर अब तक कुल 1,75,000 बायो गैस प्लांट लगाए जा चुके हैं जो कि सफलतापूर्वक चल रहे हैं। जिसके उपयोग से हर रोज तकरीबन सात लाख के करीब व्यक्तियों के लिए खाना बनाने वाले ईंधन की पूर्ति होती है। इन प्लांटों के उपयोग से 2100 मीट्रिक टन लकड़ी की बचत हो रही है। जिससे लाखों ही पेड़ कटने से बचाए जा रहे हैं। इस स्कीम के अंतर्गत पेडा ने 2017-18  में प्रदेश में 3050 बायोगैस प्लांट लगाए गए हैं। 
पेडा के सी.ई.ओ श्री एन.पी.एस रंधावा ने कहा कि 4 से 6 घनमीटर साम्थर्य का बायोगैस प्लांट लगाने के लिए 35,000 से 40,000 रुपये का खर्चा आता है। इसमें से सरकार की ओर से आम श्रेणी के लिए 9,000 रुपये व अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 11,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। घरेलू उपयोग के लिए इस प्लांट को लगाने के लिए जिले के एडीसी विकास कार्यालय में पेडा जिला मैनेजर से संपर्क किया जा सकता है। श्री रंधावा ने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत स्व रोजगार वर्करों को 1500 रुपये प्रति बायोगैस प्लांट दिए जाते हैं जो कि लोगों को बायोगैस प्लांट लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। पंजाब में तकरीबन 150 के करीब स्व रोजगार वर्कर काम कर रहे हैं व इसके अलावा 300 के करीब शिक्षण प्राप्त मिस्त्रियों को भी रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि चूल्हे पर खाना बनाने वाली महिला के शरीर में रोज 10 सिगरेट का धुआं जाता है। इस लिए बायो गैस खाना बनाने के लिए सस्ती व अच्छी ईंधन प्रणाली है जिससे जहां धुएं से बचाव होता है और रसोई साफ सुथरी रखता है, साथ ही शारीरिक रुप से भी कैंसर व दमे जैसी भयानक बीमारी से बचाव होता है।