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Wednesday, June 20, 2018

:दूध व दूध उत्पाद में मिलावट करने वालों पर कसेगा शिकंजा


- कहा, हर जिले में दूध टेस्टिंग मशीनों का किया जाएगा प्रबंध
- जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में मानिटरिंग कमेटियां की जाएंगी गठित

चंडीगढ़, 20 जून
तंदरुस्त पंजाब के मिशन डायरेक्टर श्री काहन सिंह पन्नू ने आज किसान भवन में प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में दूध व दूध से बनने वाले उत्पादों में मिलावट को रोकने व इससे निपटने के लिए चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मिशन डायरेक्टर श्री काहन सिंह पन्नू ने कहा कि दूध व दूध उत्पादों में मिलावट सिर्फ सेहत से खिलवाड़ ही नहीं बल्कि डेयरी फार्मर्स के लिए भी नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि तंदरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत आने वाले तीन महीनों में नकली दूध, दही, खोया, पनीर आदि बनाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सबसे पहले दूध टेस्टिंग के सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। जिसके लिए हर जिले में दूध टेस्टिंग मशीनों का प्रबंध किया जाएगा। जिससे उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा और वे दूध में होने वाली मिलावट का आसानी से पता लगा पाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 44 फूड सेफ्टी अधिकारी है और इनकी संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
श्री पन्नू ने कहा कि मिशन के अंतर्गत लोगों में जागरुकता बढ़ाई जाएगी। लोगों को  दूध टेस्टिंग के लिए जागरुक किया जाएगा। हर जिले के डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में जिला स्तर पर फूड सेफ्टी एक्ट  के अंतर्गत मानिटरिंग कमेटियां गठित की जाएंगी, जिसमें स्वास्थ्य, प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन, डेयरी फामर्स, शामिल होंगे व कमेटी की ओर से बड़े स्तर पर छापेमारी कर दूध की मिलावट के गोरखधंधे को बंद करवाया जाएगा। इस कमेटी की ओर से संबंधित जिले के हलवाईयों से बैठक कर उनको सावधान किया जाएगा कि वे नकली दूध उत्पाद का प्रयोग न करें। चेतावनी के बावजूद अगर ऐसा काम करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ बनती धाराओं के अंतर्गत मामला भी दर्ज किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि सैंपलों की चेकिंग के लिए प्रदेश में अन्य लेबोरेट्रियों का भी चुनाव किया जाएगा, जिनको प्रदेश स्तर की लेबोरेट्री घोषित किया जाएगा।
इस दौरान प्रोगेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के  प्रधान दलजीत सिंह ने कहा कि क्वालिटी दूध के उत्पादन में लगभग 30 रुपये प्रति लीटर की लागत आती है, पर मिलावट करने वाले तत्वों के कारण घटिया क्वालिटी का दूध बाजार में 23 से 26 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध हो रहा है। जिसके चलते सही व अच्छा काम करने वाले डेयरी फार्मर्स  जिन्होंने पारंपरिक खेती को छोड़ते हुए डेयरी फार्मिंग के धंधे को अपनानाया है उन्हें काफी नुक्सान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस धंधे से जुड़े लोग जो सही काम कर रहे हैं उनके खर्चे नहीं निकल रहे हैं जिससे बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अनुरोध किया कि मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा जाए। उनकी एसोसिएशन की ओर से सरकार को पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मौके पर डेयरी विभाग के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग से डा. अमृत वडि़ंग व प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के सभी जिलों के प्रधान भी उपस्थित थे।