मुख्यमंत्री द्वारा नशाग्रस्त गरीबों को सरकारी केन्द्रों में मुफ़्त इलाज मुहैया करवाने का ऐलान - BTTNews

Breaking

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

Tuesday, July 10, 2018

मुख्यमंत्री द्वारा नशाग्रस्त गरीबों को सरकारी केन्द्रों में मुफ़्त इलाज मुहैया करवाने का ऐलान


पंजाब में नशे की सप्लाई रोकने के लिए अंतरराज्यीय नशा तस्करी का मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने का वादा
पुलिस को नशा मुक्ति केन्द्रों में दाखि़ल न होंने या नशेे के आदियोंं और उनके परिवारों को तंग-परेशान न करने के आदेश
चंडीगढ़, 10 जुलाई:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी नशा मुक्ति केन्द्रों में आर्थिक तौर पर कमज़ोर नशेे के आदियों को मुफ़्त इलाज मुहैया करवाने का ऐलान किया है । इसी दौरान उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि नशेे के शकंजे में फंसे लोगों या उनके परिवारों को किसी भी तरह तंग-परेशान न किया जाये ।
आज दोपहर पंजाब भवन में सिविल सर्जनों, मैडीकल सुपरीटेंडंटों और सरकारी मैडीकल कालेजों के प्रिंसीपलों के साथ एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नशा छुड़ाने के मुफ़्त इलाज के लिए ज़रूरी फंड यकीनी बनाने के लिए अपने मुख्य प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किये हैं । उन्होंने कहा कि यह फंड तुरंत संबंधित डिप्टी कमिशनरों के इख्तियार पर रख दिए जाएँ ।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यदि इस संबंध में और फंडों की ज़रूरत हुई तो वह मुख्यमंत्री राहत फंड में से इसके लिए स्वीकृति देंगे । उन्होंने मशहूर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की संभावनाओं का पता लाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं । उन्होंने इसके लिए नशे से पहले ही निपट रही ग़ैर -सरकारी संस्थाओं की सेवाएंं प्राप्त करने की संभावनाओं को जाँचने के लिए भी कहा है ।
    नशे की तस्करी को एक अंतरराष्ट्रीय समस्या मानते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह मुद्दा निजी तौर पर प्रधानमंत्री के पास उठाएंगे और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और जम्मू -कश्मीर जे.के. साथ लगते राज्यों से पंजाब में नशे और नशीली दवाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए केंद्र की तरफ से कोशिशों को तेज किये जाने की अपील करेंगे क्योंकि नशे की तस्करी के साथ पंजाब सबसे अधिक प्रभावित हुआ है ।
    आई.जी. (एस.टी.एफ.) ने मीटिंग के दौरान बताया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत यह व्यवस्था है कि नशे के विरुद्ध लड़ाई के लिए राज्य सरकार की कोशिशों के लिए केंद्र से फंडों की माँग की जा सकती है । इस संबंध में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कहा कि वह यह मुद्दा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण संबंधी केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष उठाएं।
    मुख्यमंत्री ने कुछ विदेशी विद्यार्थियों खासकर अफरीकी मूल के विद्यार्थियों की घटिया सरगर्मियों पर सख्त चौकसी रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया । यह विद्यार्थी निजी संस्थाओं, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में पढ़ रहे हैं और इनके नशा तस्करी में भी शामिल होने की रिपोर्टें हंै। उन्होंने इन संस्थाओं के प्रबंधकों को कहा है कि वह ऐसे विद्यार्थियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें।
    मीटिंग के दौरान उठाई गई एक अन्य माँग के संबंध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कैंसर के मरीज़ों की तजऱ् पर नज़दीक के नशा मुक्ति केन्द्रों में जाने वाले गरीब लोगों और उनकी देखभाल करने वाले एक व्यक्ति के लिए सरकारी बस में मुफ़्त यात्रा करने की सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसपोर्ट विभाग के साथ विचार-विमर्श के बाद रूप-रेखा तैयार करने के लिए कहा है जिससे इनको यह सुविधा दी जा सके ।
    नशा मुक्ति केन्द्रों में आने वाले नशेे के आदियों के संबंध में पुलिस द्वारा एकदम जांच शुरू करने संबंधी आ रही रिपोर्टों का मुख्यमंत्री ने गंभीर नोटिस लिया । उन्होंने इन केन्द्रों में किसी भी पुलिस कर्मचारी के दाखि़ल होने के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को सख्त आदेश जारी करने के निर्देश दिए ।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने निर्धारित नियमों को ताक पर रख कर प्रतिबंधित दवाएँ खुलेआम बेचने वाले कसूरवार कैमिस्टों के खि़लाफ़ कार्यवाही करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया । उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए उपयुक्त रास्ता ढूँढने के लिए कैमिस्ट ऐसोसीएशनों की मीटिंग बुलाने के लिए कहा । इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सख्ती की आड़ में योग्य खरीददारों को परेशान न किया जाये ।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कहा कि नशे के शकंजे में फंसे नौजवानों के इलाज के लिए प्राईवेट अस्पतालों, मैडीकल और शिक्षा संस्थाओं की सेवाएं हासिल करने के लिए विधि विधान तैयार करने के आदेश दिए जो तय सरकारी दरों के मुताबिक इलाज मुहैया करवाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत की कि मरीज़ों को मुहैया करवाई जाने वाली मैडीकल, स्वास्थ्य और जांच सेवाओं के लिए कम से -कम प्रो