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Wednesday, July 11, 2018

मलोट रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों को पेश समस्याओं का जि़क्र तक नहीं किया -कैप्टन अमरिन्दर सिंह





खट्टर को रैली में शामिल करके अकालियों ने पंजाब के साथ द्रोह किया



चंडीगढ़, 11 जुलाई-



          पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री नरिन्दर मोदी द्वारा मलोट रैली के दौरान किसानी संकट से जुड़े अहम मसलों को सुलझाने के लिए कोई ठोस प्रोग्राम न देने पर निराशा ज़ाहिर की है। इसके साथ ही कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन्होंने ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को रैली में उपस्थित होने की इजाज़त देकर पंजाब के साथ द्रोह किया है।



          मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट में फंसी किसानी को श्री मोदी के लंबे भाषण में से उनकी समस्याओं का हल निकालने संबंधी कोई न कोई बात सुनने की आशा थी परन्तु इस भाषण में से कोई ठोस बात नहीं निकली। उन्होंने इस बात पर हैरानी ज़ाहिर की कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसान आत्महत्याएँ, कृषि कर्जों और स्वामीनाथन रिपोर्ट का जि़क्र तक नहीं किया।



          कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बादलों ने आज के इस मौके पर पानियों पर पंजाब के हक और सतलुज -यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर आवाज़ उठाने की बजाय हमारे राज्य के हितों के विरुद्ध सक्रिय हरियाणा के मुख्यमंत्री एम.एस. खट्टर के साथ मंच सांझा करके किसानों के जख्मों पर नमक छिडक़ा है।



          आज यहाँ से जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि रैली के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा कुछ ठोस ऐलान किये जाने की आशा से सख्त गर्मी में किसानों के पल्ले निराशा ही पड़ी है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने अपने भाषण में किसानों के कल्याण की बात करने की बजाय एन.डी.ए. सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल का ढोल ही बजाया गया जबकि केंद्र सरकार हर मोड़ पर बुरी तरह फैल साबित हुई है।



          मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदकिस्मती की बात है कि श्री मोदी आज के इस अहम मौके को किसान भाईचारे की गंभीर समस्याओं का हल करने के लिए नहीं इस्तेमाल कर सके। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सचमुच ही देश की हरी क्रांति में योगदान डालने और लाखों भारतियों का पेट भरने वाले किसानों का धन्यवाद करना चाहते थे तो उनको कृषि कजऱ् माफी और एम.एस. स्वामीनाथन रिपोर्ट को हूबहू लागू करने वाले अहम मसलों संबंधी ठोस ऐलान करना चाहिए था।



          मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी ने बांहे फैला-फैला कर कांग्रेस की आलोचना की परन्तु वह ऐसा करते समय भूल गए कि इसी कांग्रेस पार्टी ने ही हरी क्रांति का आधार बांधा और देश की अनाज सुरक्षा को यकीनी बनाया था। उन्होंने कहा कि श्री मोदी को कम से -कम यह ज्ञान होना चाहिए कि कांग्रेस ने ही किसानों के कजऱ्े माफ किये हैं जबकि उनकी सरकार कजऱ्े में बुरी तरह डूबे किसानों को कोई भी राहत देने से पूरी तरह असफसल रही है।



          मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है परन्तु प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसानों की समस्याओं का जि़क्र करने की कोई भी ज़रूरत नहीं समझी।



          मुख्यमंत्री ने ने कहा कि खट्टर की रैली में सम्मिलन को यकीनी बनाकर अकालियों ने पंजाब के साथ द्रोह किया है। शिरोमणि अकाली दल की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एस.वाई.एल. और पंजाब के पानियों संबंधी खट्टर का पक्ष स्पष्ट है। इसी लिए रैली में खट्टर के सम्मिलन को अकालियों द्वारा रोका जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक तो अकालियों ने रैली में खट्टर को हिस्सा लेने दिया और दूसरा उसे उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने -आप को किनारे लगाने का मौका प्रदान किया जो कि पंजाब और यहाँ के किसानों के लिए बहुत ज़्यादा अहम हैं।



          मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा श्री मोदी के पास चंडीगढ़ संबंधी पंजाब की माँग न उठाने के लिए भी उनकी तीखी अलोचना की, इसके बावजूद कि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी की हिस्सेदार है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पिछले समय के दौरान अनेकों संकल्प पास किये परन्तु वह प्रधानमंत्री के पास यह मुद्दे उठाने में असफल रहे। उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध हो गया है कि यह संकल्प सिफऱ् राजनैतिक उद्देश्यों के मद्देनजऱ वोटें प्राप्त करने के लिए ही पास करते रहे हैं।