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Monday, November 19, 2018

सीएम ने किया दौरा कहा अदलीवाल ग्रेनेड हमले में पाकिस्तान की शमूलियत


ग्रेनेड हमले को 1978 के निरंकारी विवाद के साथ नहीं जोडऩा चाहिए, अदलीवाल घटना पूरी तरह आतंकवादी मामलासेना के प्रमुख पर फुल्का के दोष रद्द, दोषों को फुल्का की मानसिक अस्थिरता बताया

अदलीवाल (अमृतसर), 19 नवंबर:  
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा है कि निरंकारी भवन में हुए ग्रेनेड हमले में पाकिस्तान की शमूलियत लगती है और प्राथमिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड पाकिस्तान की आर्मी ऑर्डीनैंस फैक्ट्री में तैयार किये जाते ग्रेनेडों जैसा है ।


        स्थिति का जायज़ा लेने के लिए अपने कैबिनेट साथी और अमृतसर से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू और पी.पी.सी.सी. के प्रधान सुनील जाखड़ के साथ चण्डीगढ़ से यहाँ पहुँचे मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले महीने पंजाब पुलिस द्वारा ख़त्म किये गए आतंकवादी गिरोह से प्राप्त हुआ एच.ई. -84 ग्रेनेड बिल्कुल इसी तरह का ही है जिससे यह संकेत मिलते हैं कि सरहद के पार की दुर्भावनापूर्ण ताकतों की इस में शमूलियत की बहुत ज़्यादा संभावना है । 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक रूप में यह आतंकवादी काम अलगाववादी ताकतों द्वारा किये होने की बात सामने आई है जिन्होंने यह काम पाकिस्तान की आई.एस.आई. या कश्मीरी आतंकवादियों की शमूलियत के साथ किया है । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस घटना का गंभीर नोटिस लिया है और इसकी तरफ से सभी पक्षों की पूरी सक्रियता से जांच कराई जा रही है । 
        घटना वाले स्थान का दौरा करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने वादा किया कि इस हमले के दोषियों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जायेगा । उन्होंने यह भी बताया कि हमलावरों बारे ऐसी सूचना देने वाले को 50 लाख रुपए का इनाम दिया जायेगा जिससे उनकी गिरफ्तारी हो सके ।


        कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जांच -पड़ताल के काम में एन.आई.ए. की तरफ से मदद की जा रही है । उन्होंने बताया कि कुछ पक्षों का पुलिस ने पता लगा लिया है और कुछ अन्यों की पड़ताल की जा रही है । 
        एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस हमले को 1978 के निरंकारी विवाद के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि वह एक धार्मिक मामला था जबकि अदलीवाल घटना पूरी तरह आतंकवादी मामला है । 13 अप्रैल 1978 को अमृतसर में संत निरंकारी मीशन और रिवायती सिक्खों में हिंसा के कारण 13 व्यक्ति मारे गए थे । जिसके बाद सूबे में लगातार आतंकवादी घटनाएँ घटीं । मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक जांच -पड़ताल के अनुसार कल की घटना में कोई भी धार्मिक पक्ष नहीं है । 
        सूबे में आतंकवाद के पुनर्जीवन बारे निरंकारी भवन पर हुए आतंकवादी हमले को सेना के प्रमुख की तरफ से करवाए होने के एच.एस.फूल्का द्वारा लगाए गए दोष के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि लगता है कि आम आदमी पार्टी का नेता स्पष्ट तौर पर ‘अस्थिर’ है । 
        निरंकारी भवन पर ग्रेनेड के हमले के संदर्भ में मौके पर जाकर पता लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसिक अस्थिरता का शिकार ही कोई व्यक्ति ऐसा बेतुका बयान दे सकता है । 
        एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में पहले ही अति चौकसी लागू है । प्रमुख इमारतों और अन्य सार्वजनिक स्थानों आसपास सख़्त चैकिंग की जा रही है । सभी जिलों में पुलिस नाके लगाए गए हैं और संदिग्ध वस्तुओं /सरगर्मियों की खोज के लिए पुलिस पार्टियों की तरफ से गश्त की जा रही है । उन्होंने सभी रणनीतिक स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए जि़ला और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं । 
        ज़खि़्मयों का हालचाल पूछने के लिए आई.वी. हस्पताल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने मारे गए व्यक्तियों के सबंधियों को नौकरी और ज़खि़्मयों को 50 -50 हज़ार रुपए देने का ऐलान किया । 
        सीनियर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ यहाँ पहुँचे मुख्यमंत्री ने हमले वाली जगह का दौरा किया और उस स्थान का जायज़ा लिया जहाँ दो व्यक्तियों ने ग्रेनेड फेंका था । ढके हुए चेहरे और पिस्तौल के साथ लैस यह व्यक्ति सिविल गार्ड को पिस्तौल की नोक पर बंदी बनाने के बाद भवन में दाखि़ल हुए । उन्होंने प्रार्थना वाले कमरे में ग्रेनेड फेंका जिससे तीन व्यक्ति मारे गए और 15 जख़़्मी हो गए । 
        इससे पहले यहाँ पहुँचने पर गृह सचिव एन.एस. कलसी, डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा और डी.सी. कमलदीप संघा ने मुख्यमंत्री को जांच और अन्य पक्षों की जानकारी दी । 
        मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री ओ.पी. सोनी और सुख सरकारिया, उनके मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला, विधायक राज कुमार वेरका, सुनील दत्ती, धर्मवीर अग्निहोत्री और हरप्रताप अजनाला उपस्थित थे । 


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