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Friday, December 21, 2018

राजनैतिक ड्रामेबाज़ी बंद करो, इस तरह डूबती हुई नैया पार नहीं लगेगी -कैप्टन अमरिन्दर सिंह

मुख्यमंत्री ने कजऱ् माफी पर सुखबीर को दिया जवाब 
चण्डीगढ़, 21 दिसम्बर:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज पंजाब और अन्य राज्यों में कांग्रेस द्वारा किसानों की कजऱ् माफी के किये ऐलान पर सुखबीर सिंह बादल की टिप्पणी को ‘राजनैतिक ड्रामेबाज़ी’ बताते हुए सिरे से रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल को नसीहत दी कि यदि राजनैतिक रणभूमि में अकाली दल का अस्तित्व कायम रखना है तो उसे ऐसी नौटंकी छोड़ देनी चाहिए।


अकाली-भाजपा के शासनकाल के दौरान किसानों को उनके बनते हकों से वंचित रखकर अब फिर किसानों की भावनाओं से खेलने के निरंतर यत्नों के लिए शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर बरसते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वास्तव में पूर्व उप मुख्यमंत्री किसानों को कांग्रेस से एक तरफ़ रखने के लिए किसान भाईचारे को गुमराह करने की निराशाजनक कोशिश कर रहा है। 
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले ही वादा कर दिया था कि यदि पार्टी आगामी चुनाव में सत्ता में आती है तो देशभर के संकट में से गुजऱ रहे किसानों का कजऱ् माफ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस लीडरशिप द्वारा अपना वादा पूरा करने और पार्टी के शासनकाल वाले राज्यों में चुनावी वादों को पूरा करने की कारगुज़ारी से अकाली -भाजपा गठजोड़ बौखलाया हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अकाली -भाजपा गठजोड़ के पिछले कार्यकाल के दौरान हर मोर्चे पर नाकाम रहने से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सुखबीर बादल की तरफ से की जा रही कोशिशों को हास्यप्रद बताया। उन्होंने कहा कि 10 सालों में तो बादलों को किसानों की हालत का एहसास नहीं हुआ और अब किसानों को लेकर मगरमच्छ के आंसू बहाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली -भाजपा गठजोड़ के 10 वर्षीय शासनकाल के दौरान दुख और दर्द सहने वाले किसान और राज्य के अन्य वर्ग अब अकाली लीडरशिप के झांसों में नहीं आना चाहते।
सुखबीर के बेबुनियादी दोषों का तथ्यों और आंकड़ों के साथ करारा जवाब देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने गंभीर वित्तीय संकट और बादल सरकार से विरासत में हासिल हुई वित्तीय मंदहाली के बावजूद किसानों के कजऱ्े माफ करने का वादा पूरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस प्रयास को न सिफऱ् पंजाब के किसानों ने सराहा बल्कि पूरे मुल्क में इसकी प्रशंसा हुई और इस मॉडल को अब कांग्रेस के शासनकाल वाले तीन अन्य राज्यों में भी लागू किया गया।
किसान कजऱ् माफी की प्रगति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 428246 किसानों के कर्जों पर 3595.04 करोड़ रुपए की राहत दी और अब 159632 छोटे किसानों को कजऱ् माफी देने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से सहकारी बैंकों के साथ जुड़े 317965 सीमांत किसानों को उनके कर्जों के लिए 1815.78 करोड़ रुपए और व्यापारिक बैंकों के 110281 सीमांत किसानों को 1779.26 करोड़ रुपए की राहत दी गई है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इन तथ्यों को सुखबीर या कोई अन्य व्यक्ति भी रद्द नहीं कर सकता। उन्होंने अकाली दल के अध्यक्ष को उसकी सरकार के दौरान किसानों को कोई भी लाभ देने की एक भी मिसाल पेश करने की चुनौती दी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय अकाली दल और उसकी लीडरशिप बुरी तरह संकट से घिरी हुई है जिस कारण सुखबीर बादल निराशा की स्थिति में झूठ का सहारा ले रहा है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली दल और उसकी सहयोगी भाजपा पंजाब में हाशीए पर पहुँच चुके हैं और राजनैतिक मैदान से भी मिट गए हैं जिस कारणअकाली दल का अध्यक्ष राजनैतिक अलगाव से बचने के लिए हाथ -पैर मार रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सांसदीय चुनाव में अपनी स्पष्ट हार नजऱ आती देख बादल अब सहमे हुए खऱगोश की तरह भाग रहे हैं जिनको छिपने के लिए जगह भी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यदि बादलों ने लोगों को धोखा देने की कोशिशें बंद न की तो वोटरों द्वारा उनको सदा के लिए राजनैतिक गुमनामी की तरफ धकेल दिया जायेगा।
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