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Tuesday, January 29, 2019

कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार 2019-20 का बजट 18 फरवरी को पेश करेगी

मंत्रीमंडल ने शहरी पर्यावरण के सुधार प्रोग्राम के अंतर्गत 298.75 करोड़ के फंड जारी करने पर लगाई  मोहर


चंडीगढ़, 29 जनवरी:
        पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने शहरी पर्यावरण सुधार प्रोग्राम (यू.ई.आई.पी.) के अंतर्गत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए शहरी स्थानीय इकाईयों को 298.75 करोड़ रुपए के फंड जारी करने के लिए स्थानीय निकाय विभाग के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है।
        पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी.आई.डी.बी.) की तरफ से 50-50 प्रतिशत के हिसाब से दो किश्तों में फंड मुहैया करवाए जाएंगे।
        वित्त विभाग द्वारा पी.आई.डी.बी. के द्वारा शहरी पर्यावरण सुधार प्रोग्राम के अधीन जि़ला स्तरीय कमेटी का गठन किया जायेगा। संबंधित जि़ला कमेटी यू.ई.आई.पी. के अधीन शहरी बुनियादी ढांचा विकास प्रोजैक्ट के प्रस्ताव, पहचान, पालन और निगरानी का काम करेगी।
        यह कमेटियां काम की गुंजाईश और प्रोजेक्टों के वित्तीय खर्च को दर्शाएंगी और जि़ला स्तरीय कमेटियां काम के अनुमानों को स्थानीय निकाय विभाग को भेजेंगी। प्रोजैक्ट की तकनीकी परीक्षा स्थानीय निकाय विभाग द्वारा करवाई जायेगी और आगे पी.आई.डी.बी. को भेजा जायेगा।
        इसी तरह शहरी स्थानीय इकाईयों द्वारा करवाए जाने वाले काम स्थानीय निकाय विभाग द्वारा तैयार किये स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एस.ओ.पी.) के अनुसार होंगे और पंजाब म्यूंसिपल निगम एक्ट, पंजाब म्यूंसिपल कमेटी एक्ट और पंजाब नगर सुधार एक्ट के अधीन किये गए उपबंधों की सख्ती से पालना की जायेगी। किसी भी प्रोजैक्ट के खर्च में विभागीय /अचेत खर्चे या अन्य विभागीय खर्चे शामिल नहीं होंगे।
        शहरी पर्यावरण सुधार प्रोग्राम के अंतर्गत करवाए जाने वाले समूह प्रोजेक्टों का स्थानीय निकाय विभाग द्वारा स्वामित्व तीसरी पक्ष से तकनीकी और वित्तीय ऑडिट करवाया जायेगा। फंड सिफऱ् उन प्रोजेक्टों पर ख़र्च किये जाएंगे, जिनके लिए यह स्वीकृत किये जाएंगे। यदि किसी प्रोजैक्ट के काम में किसी किस्म की तबदीली की ज़रूरत हो तो उसकी मंजूरी पी.आई.डी.बी. के कार्यकारी कमेटी द्वारा दी जायेगी।
        प्रवक्ता ने बताया कि फंड मौजूद सहूलतों के ऑपरेशन और मैंटेनस (ओ.एंंड.ऐम.) या चल सम्पतियों जैसे कि कम्प्यूटर, खेल किटों, बर्तन, स्टेशनरी, दफ़्तरी फर्नीचर, जिमनेजिय़म की खरीद आदि पर इस्तेमाल नहीं किये जाएंगे। फंड सिफऱ् नये प्रोजेक्टों के लिए इस्तेमाल किये जाएंगे न कि बकाया देनदारी का निपटारा के हेतु। कार्यकारी एजेंसी यकीनी बनाऐगी कि इन प्रोजेक्टों में किसी अन्य साधन से प्राप्त होने वाले फंड नहीं जुटाए जाएंगे।
        प्रवक्ता ने आगे बताया कि निर्माण के सभी काम सिफऱ् सरकारी ज़मीन /शहरी स्थानीय इकाईयोँ पर ही किये जाएंगे। कोई भी प्रोजैक्ट प्राईवेट ज़मीन पर शुरू नहीं किया जायेगा। तकनीकी और प्रशासकीय मंजूरी स्थानीय निकाय विभाग के समर्थ अधिकारी से प्राप्त की जायेगी।
        पी.आई.डी.बी. से प्राप्त किये फंडों पर यदि कोई ब्याज प्राप्त किया जायेगा तो वह पी.आई.डी.बी. को वापस भेजा जायेगा। पी.आई.डी.बी. के फंडों की यदि कोई राशि बचती हो तो वह भी इसी एजेंसी को वापस की जायेगी। फंडों के प्रयोग करने के उपरांत प्रयोग सर्टिफिकेट (यू.सी.) सम्बन्धित डिप्टी कमीशनरों के हस्ताक्षरों समेत पी.आई.डी.बी. को भेजे जाएंगे।
        प्रवक्ता ने आगे बताया कि अंतिम दिशा-निर्देश पी.आई.डी.बी. द्वारा डिप्टी कमीशनरों को फंड जारी करने के समय सीधे तौर पर जारी किये जाएंगे। 
बजट सत्र 12 से 21 फरवरी तक
चंडीगढ़, 29 जनवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा वर्ष 2019 -20 का बजट 18 फरवरी को पेश किया जायेगा।
यह प्रगटावा करते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आज यहाँ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान यह फ़ैसला हुआ। मंत्रीमंडल ने विधान सभा का बजट सत्र 12 से 21 फरवरी तक बुलाने का फ़ैसला किया है।
मंत्रीमंडल के फ़ैसले के मुताबिक भारत के संविधान की धारा 174 की उप-धारा (1) के अंतर्गत 15वीं पंजाब विधानसभा का 7वां सत्र बुलाने के लिए पंजाब के राज्यपाल को अधिकृत किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि बजट सत्र 12 फरवरी को प्रात:काल 11 बजे राज्यपाल के भाषण के साथ शुरू होगा जिसके बाद उसी दिन बाद दोपहर 2 बजे दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलियां भेंट की जाएंगी। 13 फरवरी को प्रात:काल 10 बजे ग़ैर-सरकारी कामकाज होगा। 15 फरवरी को प्रात:काल 10 बजे राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद भाषण पर बहस आरंभ होगी जो दिन भर चलेगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि 18 फरवरी को बाद दोपहर 2 बजे वर्ष 2017 -18 के लिए भारत के कम्पट्रोलर और ऑडिटर जनरल की रिपोर्टों (सिविल, व्यापारिक), वर्ष 2017 -18 के लिए वित्तीय लेखा और वर्ष 2017 -18 के लिए विनियोजन लेखे पेश होंगे। 
इसी तरह 18 फरवरी को वर्ष 2018 -19 के लिए ग्रांटों के लिए अनुपूरक माँगें, वर्ष 2018 -19 के लिए ग्रांटों के लिए अनुपूरक माँगों और विनियोजन बिल और वर्ष 2019 -20 के लिए बजट अनुमान सदन के आगे पेश किये जाएंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि 20 फरवरी को बाद दोपहर 2 बजे बजट के अनुमानों पर आम बहस शुरू होगी। 21 फरवरी को प्रात:काल 10 बजे ग़ैर -सरकारी कामकाज होगा जिसके बाद बजट अनुमानों की माँगों पर बहस और वोटिंग होगी। इसके बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जायेगा।

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