मुम्बई
 हिंदी सिने जगत के बेहतरीन अभिनेता और लेखक कादर खान का निधन हो गया। कादर खान का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था और साल 1973 में राजेश खन्ना अभिनीत 'दाग' से उन्होंने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में डायलॉग भी लिखे हैं।

करीब 81वर्षीय कादर खान के बेटे सरफराज ने कादर खान के निधन की पुष्टि की है।हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कनाडा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिनों पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर भी आई, जिसका उनके बेटे ने खंडन किया था। लम्बी बीमारी के कारण कनाडा के समय के अनुसार 31 दिसंबर को शाम 6 बजे उनका निधन हो गया। वह 16-17 सप्ताह से अस्पताल में थे।' कादर खान का अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही किया जाएगा। सरफराज ने बताया, 'हम अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही करेंगे। यहां हमारा पूरा परिवार काफी लंबे समय से रह रहा है, इसलिए हम सभी अंतिम क्रियाएं यहीं करेंगे।'कादर खान को सांस लेने में समस्या थी और इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। कादर खान की तबीयत खराब को लेकर चल रही खबरों के बाद बॉलीवुड सिलेब्रिटीज भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआएं करने लगे थे। कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर 'धर्म वीर', 'गंगा जमुना सरस्वती', 'कुली' 'देश प्रेमी', 'सुहाग', 'अमर अकबर एंथनी' और मेहरा के साथ 'ज्वालामुखी', 'शराबी', 'लावारिस' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्में लिखी। खान ने 'कुली नंबर 1', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'कर्मा', 'सल्तनत' जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद भी लिखे थे।

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