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Thursday, January 10, 2019

कैप्टन अमरिन्दर सिंह का हरसिमरत कौर को जवाब


 सियासी हितों के लिए धर्म का शोषण करने के यत्नों के लिए बादलों की सख्त आलोचना



चंडीगढ़, 10 जनवरी:

         पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल द्वारा उनकी वफ़ादारी पर उठाये सवाल की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने राज्य और अपनी पार्टी के वफ़ादार हैं जबकि केंद्रीय मंत्री समेत सारा बादल परिवार निजप्रसती में गलत हुये पड़े है।


         बार -बार झूठ बोलने पर अकाली लीडरशिप पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत कौर और बादलों के लिए न तो पंजाब एवं यहाँ के लोग और न ही सिख पंथ कोई महत्व रखता है जबकि अकाली अक्सर इनके संरक्षक होने का ढींढौरा पिटते हैं। उन्होंने कहा कि बादल परिवार सिफऱ् और सिफऱ् अपने संकुचित हितों के साथ ही वफ़ादारी निभाता आया है।

         केंद्रीय मंत्री के बयान को झूठ का पुलिंदा बताकर रद्द करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब के प्रति उनकी वफ़ादारी निस्संदेह है और वह कांग्रेस के भी पूरे वफ़ादार हैं जिस पार्टी की सरकार की वह राज्य में नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'परन्तु आपकी (हरसिमरत कौर) पार्टी की वफ़ादारी पर जहाँ आपके पार्टी सदस्यों ने उंगली उठाई है बल्कि पंजाब के लोगों ने भी आपकी पार्टी को बुरी तरह नाकार दिया है जिनका जीवन अकाली-भाजपा गठजोड़ के 10 वर्षों के कुशासन के दौरान बेरहमी से तबाह कर दिया गया।Ó

         मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खि़लाफ़ हरसिमरत कौर के दोषों पर सख्त प्रतिक्रया ज़ाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के यह दोष आधारहीन और बेबुनियाद हैं जिनका उद्देश्य आगामी लोक सभा मतदान के दौरान वोटें हासिल करना है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत कौर भी बादल परिवार के दूसरे सदस्यों की तरह धोखे और फऱेब की कला की उस्ताद है और पंजाब के लोगों द्वारा उसकी पार्टी और राजनीति को औंधे मुँह फैंक दिए जाने के बाद भी उसने झूठी और मनघडं़त बातें लगातार जारी रखी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि जल्द होने जा रही सांसदीय मतदान में अपनी स्पष्ट हार दिखाई देती होने के कारण अकाली अब बौखला गए हैं।

         वर्ष 2017 के विधान सभा मतदान से लेकर पंजाब में कांग्रेस पार्टी की एक के बाद एक शानदार जीत का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, 'उस (हरसिमरत कौर) को इस बात का एहसास नहीं है कि लोगों को गुमराह करने की निराशाजनक कोशिश करके अकाली ख़ुद मज़ाक के पात्र बन रहे हैं जबकि लोगों का राज्य की कांग्रेस सरकार में पूर्ण विश्वास है।Ó

         मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत अपनी निराशा में लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिशें कर रही है। उसने अपने बयान में अनजाने ही इस बात को सहमति दे दी है कि केंद्र करतारपुर गलियारे के विकास के लिए फंड जारी करने में नाकाम रहा है। हरसिमरत के दावों के उल्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि करतारपुर गलियारा उनकी सरकार का मुख्य प्रोजैक्ट है और उनकी सरकार इसके लिए केवल तभी ज़मीन हासिल कर सकती है अगर केंद्र सरकार इसकी शिनाख़्त करे जोकि ऐसा करने में असफल रही है।

         कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि चाहे करतारपुर गलियारे का मुद्दा हो या फिर पंथ का, बादल हमेशा ही लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खेलते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां बादलों की बेड़ी में पत्थर डालने का काम करेंगी। इसीलिए उनको विधान सभा मतदान और उसके बाद राज्य में कोई उप-चुनाव और अन्य चुनाव में हार का मुँह देखना पड़ा है।

         1984 के दंगों के सम्बन्ध में गांधी परिवार की भागीदारी संबंधीे शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल द्वारा बार -बार लगाऐ जा रहे आधारहीन दोषों पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पर काबिज़ इस परिवार ने अपने संकुचित राजनैतिक हितों के लिए हमेशा ही धर्म का प्रयोग किया है। इसको राज्य में बेअदबी की घटनाओं की जांच करने वाले आयोग ने भी नंगा किया है। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों के मामले से भी यह पुष्टि होती है कि बादलों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुप्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल गांधी परिवार का नाम बार -बार इस मामले में घसीट रहा है जबकि वह वहां था ही नहीं । उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के विरुद्ध एक भी सबूत नहीं है।

         कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अगर बादल सिख भाईचारे के हितों की रक्षा करने के सम्बन्ध में गंभीर हैं तो उनको 1984 के दंगों में दर्ज एफ.आई.आर में शामिल बी.जे.पी /आर.एस.एस के वर्करों का मुद्दा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि करतारपुर के मुद्दे पर खेल खेलने की जगह उनको अपने हिस्सेदार भारतीय जनता पार्टी पर दबाव डालना चाहिए कि वह बिना किसी देरी से गलियारे के विकास संबंधी ज़रूरी फंड जारी करे।